अगर कैराना में भाजपा हारी तो पाकिस्तान और कश्मीर में मनेगी दिवाली : भाजपा प्रभारी

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Sagar PaRvez
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यूपी की कैराना लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सियासी गोटियां बिछ चुकी हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कैराना के चुनाव को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बड़े राजनीतिक समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है। सपा-बसपा और आरएलडी ने जहां संयुक्त तौर पर तबस्सुम हसन को चुनावी मैदान में उतारा है, वहीं भाजपा ने दिवंगत सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह पर दांव लगाया है। टिकटों के ऐलान के साथ ही कैराना में सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। यूपी भाजपा के बृज क्षेत्र के प्रभारी मनोज कश्यप ने एक विवादित बयान देते हुए कहा है कि अगर कैराना में भाजपा हारी तो पाकिस्तान और कश्मीर में दिवाली जैसा जश्न मनाया जाएगा।

‘अगर भाजपा हारी तो आप निश्चिंत तौर पर रोएंगे’
कैराना में भाजपा के चुनाव प्रचार कार्यालय का उद्घाटन करते हुए मनोज कश्यप ने कहा, ‘कैराना की जनता भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करे, ताकि पाकिस्तान, कश्मीर या देश के किसी हिस्से में मोदी विरोधी दिवाली जैसा जश्न ना मना सकें। अगर यहां से मृगांका सिंह हारीं तो वैसा ही जश्न मनाया जाएगा, जैसा गोरखपुर और फूलपुर में भाजपा की हार के बाद पाकिस्तान और कश्मीर में मनाया गया था और उसके बाद आप निश्चिंत तौर पर रोएंगे, इसलिए कैराना से भाजपा उम्मीदवार को जीत सुनिश्चित कीजिए।’

‘हमारे पीएम बलिदान करने को भी तैयार’
मनोज कश्यप ने कहा, ‘हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 125 करोड़ लोगों के लिए अपना जीवन तक बलिदान करने को तैयार हैं। आज विदेशों में भी भारत का डंका बज रहा है। हमारे प्रधानमंत्री जब अमेरिका जाते हैं तो वहां के राष्ट्रपति उन्हें गले से लगाते हैं, लेकिन जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री वहां जाते हैं तो उन्हें कोई गले नहीं लगाता।’ मनोज कश्यप के इस बयान का एक वीडियो भी सामने आया है।

28 मई को कैराना में मतदान
आपको बता दें कि भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन के कारण खाली हुई कैराना सीट पर आने वाली 28 मई को मतदान है। 31 मई को उपचुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा। भाजपा ने यहां से हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि गठबंधन की तरफ से सपा नेत्री तबस्सुम हसन को आरएलडी के टिकट पर चुनाव लड़ाया जा रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती का अघोषित तौर पर गठबंधन के प्रत्याशी को समर्थन मिला हुआ है। ऐसे में कैराना का चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है।