अब भी थानों में जाने से कतराता है आमजन : गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया

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जयपुर।गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में 20 इन्टरसेप्टर्स एवं 14 जीपीएस युक्त मोटरसाईकल्स को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा गृहमंत्री ने पांच ई चालान डिवाईसेज सम्बन्धित यातायात निरीक्षकों को प्रदान की।

– यही नहीं, उन्होंने पुलिस मुख्यालय में बनाये गये सेन्ट्रल अभय कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर का भी शुभारम्भ किया। इस अवसर पर गृहमंत्री कटारिया ने बातचीत में कहा कि क्राइम कंट्रोल करने के लिए पुलिस का आधुनिकीकरण हो रहा है, लेकिन थानों में कामकाज का तरीका अभी भी परफेक्ट नहीं है। इसकी वजह से आज भी लोग पुलिस थानों में जाने से कतराते है।

– गृहमंत्री ने डीजीपी गलहोत्रा के सामने थानों की वर्किंग में सुधार करने की बात कहकर वर्तमान हालातों पर चिंता जताई। इस दौरान कटारिया के साथ मौजूद डीजीपी ओपी गल्होत्रा, एससीआरबी के एडीजी डीसी जैन व डीआईजी शरद कविराज ने कटारिया को अभय कमांड सेंटर की खूबियों के बारे में जानकारी दी।

– उन्होंने हुए बताया कि सेंट्रल अभय कमांड सेंटर से सभी संभाग जिलों पर अफसर बैठकर कानून व्यवस्था की निगरानी कर सकेंगे। सेंट्रल अभय कमांड सेंटर को सभी शहरों के मॉल्स और सभी जिलों से जोड़ा गया है।

ट्रेफिक पुलिस के लिए हो विशेष तरह के छाते:

-इस अवसर पर गृहमंत्री कटारिया ने ट्रेफिक पुलिस के जवानों को गर्मी और बरसात से बचाने के लिए विशेष तरह के छाते उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये छाते ऐसे होने चाहिए जिन्हें हाथ से पकड़ने की आवश्यकता ना हो, इन्हें वर्दी के साथ ही फिट किया जा सके।

सेंट्रल अभय कमांड की यह होगी खासियत :

– डीआईजी शरद कविराज ने बताया कि सेंट्रल अभय कमांड सेंटर से ही पता चल जाएगा कि किस जगह कितने कैमरे चालू है और कितने बंद हैं। यहीं से इन्हें चालू करने का निर्देश दिया जा सकेगा। साथ ही इस सेंटर से पुलिस गश्त पर निगरानी की जा सकेगी। सेंटर को एक विशेष सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है।

– इसके मार्फत प्रदेश में दर्ज होने वाले आपराधिक मुकदमों का डाटा ऑनलाइन किया जाएगा और सभी थाना प्रभारी अपने मोबाइल से इससे जुड़ सकेंगे। गौरतलब है कि जयपुर कमिश्नर संजय अग्रवाल ने जयपुर कमिश्नरेट में अभय कमांड सेंटर बनाकर इसकी पहल की थी।

– मुख्यमंत्री ने इसके बाद सभी संभाग पर अभय कमांड सेंटर बनाने का निर्णय लिया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी संभाग पर बने अभय कमांड सेंटर का एक सेंट्रलाइज्ड अभय कमांड बनाया है। इसकी मॉनिटरिंग एससीआरबी के अधिकारी करेंगे और पुलिस मुख्यालय पर तैनात अधिकारी अब सेंट्रल अभय कमांड सेंटर पर बैठकर प्रदेश की कानून व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर सकेंगे और जिला एसपी को आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकेंगे।

कमिश्नरेट सहित 18 जिलों को मिली हाईटेक इंटरसेप्टर :

– कमांड सेंटर के उद्घाटन से पहले गृहमंत्री ने 20 इंटरसेप्टर वाहन और बोलेरो गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जयपुर कमिश्नरेट समेत 18 जिला पुलिस को आवंटित की गई है। इंटरसेप्टर वाहन को पहले की तुलना में हाईटेक बनाया गया है। अब लेजर ट्रैक सिस्टम वाहन के डेस्क बोर्ड पर नहीं होकर पीछे एलईडी लाइट्स के पास डिक्की में होगा।

– ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए इंटरसेप्टर को गलत दिशा में खड़ा नहीं करना पड़ेगा। खास बात यह है कि अब वाहन चालकों का इंटरसेप्टर आसानी से पीछा भी कर सकेगी। इसके अलावा अलग-अलग जिलों को 500 ई-चालान मशीनें आवंटित की गई। ई-चालान मशीन टच स्क्रीन है। जिला पुलिस को मोटरसाइकिल भी आवंटित की गई हैं।