अमरिकी दबाव के आगे ब्रिटेन अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाने पर राज़ी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ब्रिटेन पर दबाव डाला था कि वह अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अपने सैनिकों की संख्या में वृद्धि करे। इस बीच ब्रिटिश सरकार, वॉशिंग्टन के दबाव के आगे घुटने टेकते हुए अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाने पर राज़ी हो गई है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की ओर से ब्रिटेन सहित यूरोपीय देशों पर यह दबाव दिन प्रतिदिन बढ़ाया जा रहा था कि वे अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या में वृद्धि करें। ट्रम्प के दबाव के आगे ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने सबसे पहले घुटने टेकते हुए व्हाइट हाउस को यह आश्वासन दिलाया है कि ब्रिटेन अपने 440 अतिरिक्त सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान भेजने के लिए तैयार है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री का कहना है कि अतिरिक्त सैन्य दस्ता वेल्श गार्ड से लिया जाएगा, जो काबुल में तैनात नेटो कर्मियों की न केवल रक्षा करेगा बल्कि क्षमता बढ़ाने के कार्यक्रमों में भी सहायता करेगा। टेरीज़ा मे के अनुसार ब्रिटेन से अफ़ग़ानिस्तान जाने वाले ताज़ा दम सैनिक, अफ़ग़ान सैनिकों द्वारा आतंकवादियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान पर भी नज़र रखेंगे।

उल्लेखनीय है कि इस समय अफ़ग़ानिस्तान में तैनात ब्रिटिश सैनिकों की संख्या 1100 है जो ज़मीनी कार्यवाहियों के साथ-साथ अन्य सैन्य कार्यवाहियों में नेटो मिशन की सहायता करते हैं, जबकि अमेरिका सहित कई हज़ार विदेशी सैनिक कई वर्षों से अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं लेकिन इसके बावजूद न केवल वे इस देश में शांति स्थापित करने में असफल रहे हैं बल्कि तालेबान के बाद अब तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश ने भी सिर उठा लिया है और उसने अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी कार्यवाहियां शुरू कर रखी हैं।