अमरीका और बहरैन के बीच हुआ हथियारों का सबसे बड़ा समझौता

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अमरीका में जब से डोनल्ड ट्रम्प ने सत्ता की बागडोर संभाली है उन्होंने फ़ार्स की खाड़ी के अरब देशों सहित दुनिया भर में अमरीका के घटकों और साझेदारों के साथ विभिन्न प्रकार के आर्थिक समझौते करके अपनी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के प्रयास में ही रहे हैं।

इस परिधि में गुरुवार को बहरैन के क्राउन प्रिंस से वाइट हाऊस में होने वाली मुलाक़ात के बाद एफ़ 16 युद्धक विमान सहित 9 अरब डाॅलर के समझौते पर हस्ताक्षर हुए। मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने बहरैन के क्राउन प्रिंस सलमान बिन हमद आले ख़लीफ़ा के अमरीकी दौरे का स्वागत करते हुए उन्होंने मित्र बताया।

डोनल्ड ट्रम्प ने सत्ता संभालने के बाद कुछ महीना पहले अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए सऊदी अरब का चयन किया और रियाज़ के साथ 480 अरब डाॅलर के समझौते पर हस्तार किए जिनमें 110 अरब डाॅलर का समझौता सैन्य विभाग से विशेष था।

यहां पर यह बात उल्लेखनीय है कि अमरीका के जातीवादी राष्ट्रपति ने बहरैन सहित समस्त अरब दमनकारी शासनों के साथ बड़े बड़े समझौते करने के अपने समस्त पूर्ववर्तियों के सारे रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं। अमरीका क्षेत्र में मतभेद की आग भड़का कर अपने हथियारों के बाज़ार को फिर से गर्म करने के प्रयास में है और इसमें वह अब तक सफल भी रहा है और इसका उदाहरण सऊदी अरब और बहरैन के साथ होने वाला हालिया समझौता है।

बहरहाल फ़ार्स की खाड़ी के अरब देश अमरीका और पश्चिम के साथ हथियारों के बड़े बड़े से समझौते करके क्षेत्र में हथियारों की होड़ शुरु करने का प्रयास कर रहे हैं और यदि एेसा हो गया तो क्षेत्र हथियारों के विध्वंसक गोदाम में तबदील हो जाएगा जो क्षेत्र के किसी भी राष्ट्र के हित में नहीं होगा।