अमेरिका से दूरी, रूस से नज़दीकी पाकिस्तान की नई रणनीति है : बाजवा

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दुनियां एक बार फिर विश्व युद्धों और उसके बाद के काल में जा पहुंची है, आज पूरा विश्व एक बार फिर दो मोर्चों ‘ग्रुप’ में बांटता जा रहा है, एक तरफ अमेरिका और उसके सहियोगी देश हैं तो दूसरी तरफ रूस और उस के करीबी देश, अमेरिका और रूस के मध्य शीत युद्ध वाली चालें चली जा रही हैं|

पाकिस्तान की सेना के प्रमुख ने कहा है कि इस्लामाबाद रूस के साथ सैन्य संबंधों को मज़बूत बनाना चाहता है।

पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग के अनुसार देश के सेनाध्यक्ष जनरल क़मर जावेद बाजवा अपनी सरकारी यात्रा पर रूस के दौरे पर हैं। जनरल बाजवा ने क्रेमलिन पैलेस में “कमांडर रूसी संघ ग्राउंड फोर्से” के कर्नल जनरल ओलेज सलिकोफ़ से मुलाक़ात की। इस भेंटवार्ता में दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सैन्य संबंधों के विस्तार पर चर्चा हुई।

पाक सेना अध्यक्ष से मुलाक़ात के मौक़े पर रूस की थल सेना के प्रमुख ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में पाकिस्तानी सेना की सफलता का हवाला देते हुए कहा कि रूस, पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान, रूस के साथ सैन्य संबंधों को भी बढ़ाना चाहता है, पाकिस्तान विवाद को दूर करने के लिए इस क्षेत्र के क्षेत्रीय संबंधों को मज़बूत बनाने में भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि रूस ने हाल के दिनों में इस क्षेत्र की जटिल स्थिति को हल करने में सकारात्मक भूमिका निभाई है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों से संबंधित अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बयान और पाकिस्तान से डोमोर की मांग के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध काफ़ी ख़राब हुए हैं और पाकिस्तान ने विरोध जताते हुए अमेरिकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया था जिसके बाद पाकिस्तान ने रूस के साथ संबंधों को बढ़ावा देने और रूस के साथ अपने संबंधों को बढ़ावा देने की नीति अपनाई है।