आर्मी चीफ़ बिपिन रावत के ख़िलाफ़ इंटरनेशनल कोर्ट में लीगल रास्ता अख्तियार कर सकते है, ख़ालिस्तान समर्थक ग्रुप की धमकी

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हाल ही में भारत के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि पंजाब व अन्य राज्यों में पाकिस्तान व अन्य विदेशी शक्तियां आतंकवाद फैलाने की कोशिश में हैं, उनके इस बयान के कुछ ही समय बाद खालिस्तान समर्थक एक ग्रुप ने भारत के आर्मी चीफ को धमकी दी है, यह मामला बेहद गंभीर है, सेना प्रमुख को खालिस्तान समर्थक ग्रुप ने कहा है कि रेफरेंडम 20-20 को दबाने की कोशिश की गई तो सिख फॉर जस्टिस बिपिन रावत के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट में लीगल रास्ता भी अख्तियार कर सकता है.

खालिस्तान समर्थक रेडिकल ग्रुप सिख फॉर जस्टिस ने आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के पंजाब में माहौल बिगाड़ने वाले बयान पर धमकी दी है. खालिस्तान समर्थक रेडिकल ग्रुप ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने जनरल रावत को रेफरेंडम 20-20 से दूर रहने की नसीहत देते हुए कहा कि अगर रेफरेंडम 20-20 को दबाने की कोशिश की गई, तो ‘सिख फॉर जस्टिस’ बिपिन रावत के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट में लीगल रास्ता भी अख्तियार कर सकता है.

क्या है ‘रेफरेंडम 20-20 मुहिम’
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by – सतेंदर चौहान
Edited by: सुरेंद्र कुमार वर्मा
चंडीगढ़, 11 अगस्त 2018
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‘रेफरेंडम 20-20 मुहिम’ अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहने वाले सिख फॉर जस्टिस (SJF) के लीगल एडवाइजर और खालिस्तान समर्थक गुरुपतवंत सिंह पन्नू का आइडिया है. पन्नू इससे पहले 2014 के नवंबर में भी ‘रेफरेंडम 20-20 मुहिम’ के समर्थन के लिए एक रैली कर चुका है.

2015 में सिख फॉर जस्टिस के ‘रेफरेंडम 20-20 मुहिम’ के बारे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भनक लगी और उसके बाद ISI ने खालिस्तान समर्थक मुहिम को कामयाब करने के लिए अपना ऑपरेशन एक्सप्रेस लॉन्च कर दिया.

समर्थन के लिए पर्चे और साहित्य बांटे जा रहे

ISI ने अपनी मुहिम को कामयाब करने के लिए खालिस्तान समर्थक पाकिस्तान से सक्रिय DSRCF (दयाल सिंह रिसर्च एंड कल्चरल फोरम) को आगे किया, जिसने रेफरेंडम 20-20 को लेकर पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों पर आने वाले भारतीय सिखों के बीच में खालिस्तान और रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में पर्चे और साहित्य बांटना शुरू किया.

आज तक की इस Exclusive रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि ISI की कोशिश है कि अपने प्रोजेक्ट ‘एक्सप्रेस’ के जरिए सिखों को एक कॉमन प्लेटफार्म पर लाकर अलग सिख राष्ट्र बनाने के लिए सिख रेफरेंडम 20-20 को कामयाब बनाया जाए और भारत के खिलाफ माहौल बनवा कर उसके बाद अपनी इस मांग को खालिस्तान समर्थक सिख यूएन के सामने रख सके.

ISI को उम्मीद है कि अलग सिख राष्ट्र खालिस्तान बनाने की मांग को लेकर अगर विदेश में बैठे तमाम सिखों को एकजुट किया जाए तो ऐसे में रेफरेंडम 20-20 में शामिल होने वाले खालिस्तान समर्थक सिखों की संख्या 30 लाख से भी ज्यादा हो सकती है.

खालिस्तान का समर्थन

पाकिस्तान अपने यहां रह रहे सिखों को भी इस रेफरेंडम में शामिल करना चाहता है और ISI की कोशिश है कि भारत में भी अगर कोई सिख खालिस्तान के समर्थन में रेफरेंडम 20-20 में शामिल होना चाहता है तो उसको ऑनलाइन पोर्ट्लसभी मुहैया करवाया जाए जिससे खालिस्तान का समर्थन करने वाले भारत में बैठे हुए सिख भी भारत के खिलाफ रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में वोटिंग कर सकें.

पाकिस्तान की इन हरकतों का असर अब भारत में भी दिखने लगा है और पहले जो रेफरेंडम 20-20 सिर्फ साइबर और सोशल मीडिया पर ही दिखाई देता था अब पाकिस्तान, कनाडा, अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में बैठे खालिस्तान समर्थक सिखों और ISI की फंडिंग की वजह से अब ये प्रोपेगंडा पंजाब की सड़कों पर भी दिखने लगा है.

 

जालंधर में नहीं होने दी रैली

रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में एक ऐसा ही एक कैंप पंजाब के जालंधर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में जनवरी 2016 में लगाने की कोशिश की गई थी जिसे पंजाब पुलिस ने रोका था.

ISI और विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों के बहकावे में आकर पंजाब के मोहाली, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, बरनाला, गुरदासपुर, पटियाला, मोगा, अमृतसर, होशियारपुर और तरनतारन जैसे इलाकों में पिछले एक साल में खालिस्तान और रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में पोस्टर लगाने के कई मामले भी सामने आए.

जनवरी 2018 में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए पंजाब के नामी गैंगस्टर विक्की गौंडर को लेकर भी ये खुफिया जानकारी मिली कि वो सिख फॉर जस्टिस के संपर्क में था और पंजाब में रेफरैंडम 20-20 की कामयाबी के लिए गुरपतवंत सिंह पन्नू, विक्की गोंडर और जैसे पंजाब के कई और नामी गैंगस्टरों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में लगा है.

कनाडा में रह रहा पाकिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर और पाकिस्तान और इंग्लैंड से सक्रिय खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा अब खुलकर रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में आ गए हैं. और 31 मार्च 2018 को सिख फॉर जस्टिस की तरफ से कनाडा के टोरंटो में बुलाई गई रेफरेंडम 20-20 के समर्थन की एक कॉन्फ्रेंस में इन दोनों ने बतौर मुख्य स्पीकर अपनी बात रखी थी.

सिख और जस्टिस की ओर से अमेरिका, यूरोप, इंग्लैंड और कनाडा में बैसाखी के मौके पर सिख डे परेड निकाली जाती है जिसमें सिख भारी संख्या में शामिल होते हैं और इस दौरान सिख फॉर जस्टिस रेफरेंडम 20-20 के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करता है.

 

 

बब्बर खालसा का आतंकी भी होगा शामिल

अब 6 जून 2018 को लंदन में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सिख फॉर जस्टिस ने ऐलान किया कि 12 अगस्त 2018 को लंदन के ट्रैफलगर स्कवायर में रेफरेंडम 20-20 को कामयाब बनाने के लिए एक DECLARATION SUMMIT किया जाएगा. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंग्लैंड में रहने वाले बब्बर खालसा के खालिस्तानी आतंकी जोगा सिंह ने भी गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ शामिल होकर रेफरेंडम 20-20 के एजेंडे को अपना समर्थन दिया.

सिख फॉर जस्टिस की और से रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में बकायदा एक वेबसाइट चलाई जा रही है और इस वेबसाइट पर ऑनलाइन डोनेशन भी रेफरेंडम को कामयाब बनाने के लिए किया जा रहा है और रेफरेंडम को लेकर सिखों को बरगलाने के लिए कई तरह के सवाल और उनके जवाब भी लिखे गए हैं.

सिख फॉर जस्टिस ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि भारत में किन-किन इलाकों के लोग आजादी पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और दावा किया गया है कि भारत से पंजाब को आजाद करवा कर खालिस्तान बनाने के बाद गोरखालैंड, असम, कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, साउथ इंडिया में द्रविड़नाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप-पुड्डुचेरी जैसे इलाकों को भी आजाद करवाने की मुहिम शुरू की जाएगी. इसके अलावा भारत में सक्रिय माओवादियों की संख्या करीब भारत की जनसंख्या का 40% बताते हुए एक अलग माओवादी देश बनाने की बात भी लिखी गई है.

आज तक की इस EXCLUSIVE रिपोर्ट में यह बात भी लिखी गई है कि रेफरेंडम 20-20 के जरिए पंजाब का माहौल बिगाड़ने की कोशिश में ISI और विदेशों में बैठे खालिस्तान समर्थक काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं और इसी वजह से पिछले करीब 2 साल के अंदर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में कई लोगों को रेफरेंडम 20-20 और खालिस्तान का समर्थन करने की मुहिम में जुड़ने की वजह से और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार करके कई FIR भी दर्ज की गई है.

इस EXCLUSIVE रिपोर्ट के मुताबिक सिखों को भड़काने और खालिस्तान के समर्थन के रेफरेंडम 20-20 को कामयाब बनाने के लिए अब एक नए आतंकी का नाम भी सामने आया है. अमेरिका में रहने वाले राणा सिंह नाम का ये व्यक्ति सोशल मीडिया पर रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में कैंपेन चला रहा है और अलग-अलग वीडियो बनाकर भारत के पंजाब में रह रहे सिखों को कुछ धमाका करने और भारत सरकार की नींद खराब करने के लिए उकसाता हुआ देखा जा सकता है.

राणा सिंह और गुरपतवंत सिंह पन्नू फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से पंजाब पुलिस में काम कर रहे सिख नौजवानों को पंजाब की सरकार और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देशों का पालन ना करने के लिए उकसाने की कोशिश भी कर रहे है. और भारतीय सेना में काम कर रहे सिख नौजवानों को भी भारत के लिए पाकिस्तान और दूसरे देशों से जंग ना लड़ने की अपील करते हुए भावुक संदेश और वीडियो भी जारी किए जा रहे हैं.

पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कहा कि विदेश में रह रहे जो पंजाबी मेहनत से अपनी जीविका कमा रहे हैं उन्हें बरगला कर इस मुहिम से सिख फॉर जस्टिस जोड़ने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान और ISI की तरफ से इन रेडिकल ग्रुपों को फंडिंग भी की जा रही और प्लेटफॉर्म भी मुहैया करवाया जा रहा है और दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है इसी तर्ज पर पाकिस्तान इन चंद भारत विरोधी लोगों की मदद करने में लगा है और पाकिस्तान से हम और उम्मीद भी क्या कर सकते है.

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान का कैंपेन एक्सप्रेस इस रेफरेंडम 20-20 को कामयाब करने का है और रेफरेंडम 20-20 की वेबसाइट भी ISI के मॉड्यूल से जुड़ी है. साथ ही इस वेबसाइट पर रेफरेंडम 20-20 से जुड़ने वाले युवाओं का डाटा इकट्ठा करके भविष्य में उन्हें अपना एजेंट और स्लीपर सेन में बदलने की कोशिश भी ISI की और से की जाएगी.