इसलिए बौखलाए हैं इस्राईली……!

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सीरिया के कुछ इलाक़ों पर इस्राईल की ओर से मिसाइलों की बारिश कोई नयी बात नहीं है क्योंकि पिछले कुछ बरसों के दौरान इस्राईली युद्धक विमानों ने 100 से अधिक बार इस तरह से सीरिया पर हमले किये हैं

सौ हमलों की बात खुद इस्राईली वायु सेना के प्रमुख ने स्वीकार भी किया है लेकिन नयी और अभूतपूर्ण घटना यह है कि ” ईरानी ” मिसाइल, इस्राईल के नये मिसाइल सुरक्षा कवच आयरन डोम को धत्ता बता कर गोलान की पहाड़ियों तक जा पहुंचे।

इस बात का पता इस्लाईली युद्ध मंत्री लेबरमैन की इस स्वीकारोक्ति से चलता है कि दागे गये कुछ मिसाइलों को रास्ते में ही हमने ध्वस्त कर दिया और कुछ दूसरे, उन निशानों पर नहीं लगे जहां के लिए उन्हें दागा गया था।

जब प्रतिरोध आन्दोलन की ओर से फायर किये जाने वाले ” ग्रेड” और ” फज्र” मिसाइलों को इस्राईली आयरन डोम नहीं रोक सका तो फिर जब एक साथ दसियों हज़ार अत्याधुनिक मिसाइल एक साथ कई जगहों से इस्राईल पर फायर किये जाएंगे तो क्या होगा?,

इस्राईली युद्ध मंत्री अपनी आदत के अनुसार फिर झूठ बोल रहे हैं। उनका कहना है कि इस्राईली विमानों से फायर किये गये मिसाइलों ने सीरिया में ” ईरानी” सैन्य अड्डों पर पूरी तरह से तबाह कर दिया। लेबरमैन झूठ बोल रहे हैं उसकी दो वजहें हैं, पहली वजह तो यह है कि रसी रक्षामंत्रालय ने बयान जारी करके बताया है कि आधे से अधिक इस्राईली मिसाइलों को ध्वस्त कर दिया गया। लेबरमैन के झूठ का एक और सुबूत यह है कि इस्राईली विमानों ने अब तक सौ से अधिक बार सीरिया में हमला किया और हर बार यही कहा कि हमलों में हिज़्बुल्लाह और सीरिया के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और किसी ने उन्हें रोका नहीं फिर भी हक़ीक़त में वह इन ठिकानों को निशाना नहीं बना पाए थे।

हमें इस बात में कोई संदेह नहीं है कि मिसाइलों के इन हमलों के बाद से ईरान व इस्राईल एक दूसरे के सामने आ गये हैं और यह पहली बार है कि जब ईरान, सीधे रूप में इस्राईल के खिलाफ आया है और वह एसी दशा में है कि जब अधिकांश अरब देश , दिन दहाड़े और बिना किसी शर्म के इस्राईल से संबंध बढ़ा रहे हैं।

अब्दुलबारी अतवान, अरब मीडिया के बड़े पत्रकार हैं।
इस्राईल के लिए सब से ज़्यादा तकलीफ की बात यह है कि सीरिया में उसके खिलाफ एसी दशा में राजनीतिक व सैनिक मोर्चा खुल गया है कि जब अरब मोर्चे पर लड़ने वाली अधिकांश सरकारों ने हथियार डाल दिये हैं और सिर झुका कर इस्राईल व अमरीका के आदेशों का पालन कर रही हैं। इन हमलों में गोलान को निशाना बनाया गया जिसका डर बहुत दिनों से इस्राईली अधिकारियों को था। अब हालत यह है कि ईरान की क्रांति संरक्षक बल के अलकुद्स ब्रिगेड के कमांडर जनरल सुलैमानी, इस्राईल की सीमा के निकट सीरिया में बैठ कर हमले की योजना बना रहे हैं और गुरुवार को जो कुछ हुआ है वह इस्राईल के खिलाफ हमले की एक झलक थी, ब्योरा आने वाले हफ्तों और दिनों में आएगा और यही चीज़ इस्राईलियों की बौखलाहट का कारण है।

इस्राईल हालिया कुछ वर्षों में सौ से अधिक बार सीरिया पर हमले कर चुका है

लेबनान में हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने पूरे इलाक़े को हिलाने वाली इस घटना की सब से पहले सूचना दी थी और कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि, मुख्य खिलाड़ियों ( इस्राईल अमरीका और उसके कुछ घटकों ) की लड़ाई का युग आरंभ हो गया। हमें नहीं लगता कि इन मुख्य खिलाड़ियों का अंजाम भी उनके प्रतिनिधियों से अलग होगा!

(साभार रायुलयौम, अब्दुलबारी अतवान, तीसरी जंग का लेखक के विचारों से सहमत होना आवश्यक नहीं)