इस्राईल के लिए बच पाना अब संभव नही है : तेल अबीब के NSA प्रमुख जनरल गयूरा आयलैंड

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सीरिया पर पश्चिमी देशों के हमलों का असर इस्राईल के राजनैतिक, सुरक्षा व प्रचारिक मंच पर लगातार उभर रहा है। इस्राईल में यह भय फैल गया है कि इस हमले के बाद अब रूस सीरिया को एस-300 एयर डिफ़ेन्स सिस्टम उपलब्ध करा देगा।

सोमवार को इस्राईली मीडिया ने रूस के रक्षा मंत्री के इस बयान को विशेष रूप से कवरेज दी कि मास्को का इरादा यह है कि वह सीरिया को आधुनिक एस-300 एयर डिफ़ेन्स सिस्टम उपलब्ध कराए। यह घोषणा चूंकि सीरिया पर अमरीका फ़्रांस और ब्रिटेन के हमले के बाद की गई है इसलिए इस्राईल की चिंता और भी बढ़ गई है।

तेल अबीब की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख गयूरा आयलैंड ने सोमवार को यदीऊत अहारोनो अख़बार में एक लेख प्रकाशित किया जिसमें सीरिया पर होने वाले हमले के प्रभाव पर गहरी शंका जताई। उन्होंने लिखा कि अमरीका बहुत जल्दबाज़ी में था। अमरीका ने किया कुछ और नतीजा कुछ और निकला है। सीरिया की सरकार अपने मार्ग पर लगातार आगे बढ़ती रहेगी। जनरल आयलैंड ने लिखा कि इस्राईल की दृष्टि में इस हमले के दो नतीजे निकले हैं। पहला नतीजा यह है कि अब रूस दमिश्क़ सरकार को एस-300 एयर डिफ़ेन्स सिस्टम दे देगा और दूसरा नतीजा यह है कि इस हमले के जवाब में ईरान ज़रूर जवाबी कार्यवाही करेगा। यदि रूस ने सीरिया को एस-300 एयर डिफ़ेन्स सिस्टम दे दिया तो इस्राईली युद्धक विमानों के लिए आज़ादी से उड़ान भरना असंभव हो जाएगा। इस्राईल के युद्धक विमान न सीरिया की वायु सीमा में घुस पाएंगे और न लेबनान की वायु सीमा का उल्लंघन कर पाएंगे। इस्राईल का पूरा विमानन विभाग अब ख़तरे में पड़ जाएगा।

जनरल का कहना है कि आज जो ज़मीनी हालात हैं उनमें इस्राईल के लिए अपना जीवन गुज़ार पाना संभव नही है इस लिए इस्राईली अधिकारियों को चाहिए कि वह रूस से वार्ता करें और उसे इस बात पर तैयार करें कि सीरिया को एयर डिफ़ेन्स सिस्टम न दे और अगर रूस ने यह सिस्टम दिया तो इस्राईल हमला कर देगा।

इस्राईल की न्यूज़ वेबसाइट YNET ने भी अपने टीकाकार रोनबन येशाय का एक लेख प्रकाशित किया है जो इस्राईल की सुरक्षा संस्थाओं के बहुत क़रीब समझे जाते हैं। उन्होंने लिखा कि रूस की इस घोषणा के बाद अब इस्राईल को चाहिए कि अपनी नीतियों पर पुनरविचार करे और इस नए बदलाव का सामना करने के लिए ख़ुद को तैयार कर ले क्योंकि सीरिया को जो मिसाइल देने की बातें हो रही हैं वह बहुत आधुनिक मिसाइलें हैं जो बहुत अधिक ऊंचाई पर उड़ने वाले युद्धक विमानों को आसानी से निशाना बना सकती हैं इसी तरह बाहर से आने वाले मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट भी कर सकती हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अमरीकी और इस्राईली अधिकारी इस एयर डिफ़ेन्स सिस्टम को अच्छी तरह जानते हैं।

फ़िशर अंतरिक्ष अध्ययन केन्द्र के प्रमुख ताल अंबार ने इस्राईल के चैनल 12 के साथ साक्षात्कार में कहा कि इस समय रूस के पास जो एयर डिफ़ेन्स सिस्टम मौजूद है वह ख़ुद भी अनेक देशों की तुलना में काफ़ी आधुनिक है।

अंबार ने कहा कि सीरिया में सात साल तक जो गृह युद्ध चला है उससे बश्शार असद के एयर डिफ़ेन्स सिस्टम को कोई नुक़सान नहीं पहुचा है क्योंकि इस पूरी अवधि के दौरान इस सिस्टम की भरपूर तरीक़े से सुरक्षा की गई क्योंकि सीरियाई सेना के लिए इस डिफ़ेन्स सिस्टम का महत्व बहुत ज़्यादा है। अंबार ने कहा कि यह विचार भी ग़लत है कि एयर डिफ़ेन्स सिस्टम को प्रयोग करने के लिए बश्शार सरकार को रूस की अनुमति की ज़रूरत पड़ेगी।

इस्राईली विशेषज्ञ ने कहा कि सीरिया की सेना ने जिस मिसाइल हमले से इस्राईल के एफ़-16 युद्धक विमान को गिराया था उसमें रूस का कोई हाथ नहीं था और सीरिया ने यह हमला करने से पहले रूस से अनुमति नहीं ली।

बश्शार असद के पिता हाफ़िज़ अलअसद ने वर्ष 1982 में लेबनान युद्ध के दौरान रूस पे एसए-5 मिसाइल सिस्टम प्राप्त कर लिया था जिसकी मदद से सीरिया ने इस्राईल की वायु क्षेत्र की श्रेष्ठता को चुनौती दे दी थी।

साभार रायुल यौम