इस्राईल के साथ इमारात का दस करोड़ डाॅलर का सामरिक समझौता

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विश्व ज़ायोनी संगठन के सदस्य एक लेखक ने बताया है कि संयुक्त अरब इमारात ने इस्राईल के साथ दस करोड़ डाॅलर का सामरिक समझौता किया है।

महदी मजीद ने ज़ायोनी शासन की सैन्य गुप्तपर संस्था के सूत्रों के हवाले से बताया है कि संयुक्त अरब इमारात ने अपने देश के एक व्यापारी के माध्यम से इस्राईल की आई.एम.आई. नामक सैन्य उद्योग की कंपनी के साथ 105 मिली मीटर के कैलिबर वाली तोपों और मिरकावा टैंकों की ख़रीदारी के लिए दस करोड़ डाॅलर का समझौता किया है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात को ज़ायोनी शासन के साथ संबंध सामान्य बनाने की कोशिश करने वाले अरब देशों में अग्रणी कहा जा सकता है। अबू ज़हबी ने तो रियाज़ से पहले ही तेल अवीव के साथ संबंध स्थापित करने की कोशिशें शुरू कर दी थीं और अब तो ज़ायोनी शासन के साथ उसके संबंध सामान्य स्थिति से भी आगे बढ़ चुके हैं और जनमत की संवेदनशीलता को कम और ख़त्म करने के चरण में पहुंच गए हैं।

संयुक्त अरब इमारात ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ अरबों समेत इस्लामी जगत की घृणा से अच्छी तरह अवगत है और यद्यपि उसने तेल अवीव से अपने संबंध बढ़ाने शुरू कर दिए हैं लेकिन उसकी कोशिश है कि उसे जनमत की प्रतिक्रियाओं का सामना न करना पड़े। इसी लिए उसने इस्राईल के साथ दस करोड़ डाॅलर का सामरिक समझौते एक व्यापारी के माध्यम से किया है। इस प्रकार के समझौतों से दोनों पक्षों के संबंध मज़बूत हो रहे हैं। इस्राईली समाचारपत्र मआरियो ने भी फ़रवरी में अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि सामरिक और हथियार संबंधी समझौतों से तेल अवीव और अबू ज़हबी के आपसी संबंध अधिक मज़बूत हो गए हैं। पत्र ने यह भी लिखा था कि ये हथियार, यमन और लीबिया तक भी पहुंच गए हैं। दूसरे शब्दों में संयुक्त अरब इमारात इस्राईल से ख़रीदे गए हथियारों को यमन में इस्तेमाल करने के अलावा अपने घटक अरब गुटों को भी दे रहा है