इस्लाम के दुश्मन इस्राईल के हर हमले का जवाब हमला ही होगा : फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध की चेतावनी : देखें वीडियो

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फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधकर्ता संगठनों ने ज़ायोनियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि हमले का जवाब हमला ही होगा।

फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध संगठन हमास और जेहादे इस्लामी संगठन की सैन्य शाखा अलक़ुद्स ब्रिगेड ने गुरुवार को अलग अलग बयान जारी करके ज़ायोनी शासन की अतिक्रमणकारियों का जवाब देने के अपने अधिकार पर बल दिया है। अलक़ुद्स ब्रिगेड ने इस बात पर बल देते हुए कि फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध कभी भी ज़ायोनी दुश्मन को युद्ध के सिद्धांतों को बदलने की अनुमति नहीं देगा, कहा है कि फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध, हमले के बदले में हमला के सिद्धांत के अंतर्गत ज़ायोनियों के अतिक्रमण का जवाब अवश्य देगा। हमास संगठन ने भी एक बयान जारी करके कहा है कि शहीदों के ख़ून से वफ़ादारी की घोषणा का समय आ चुका है फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधकर्ता ज़ायोनी दुश्मन के हथकंडों को विफल बनाने और उसे करारा उत्तर देने से कभी नहीं चूकेंगे।

हमास और जेहादे इस्लामी का बयान, ग़ज़्ज़ा पट्टी पर ज़ायोनी शासन के युद्धक विमानों के हमले के बाद सामने आया है। इस्राईल के युद्धक विमानों ने गुरुवार की सुबह कई बार ग़ज़्ज़ा पट्टी के बैत लाहिया, ख़ान यूनुस, दैर बलह क्षेत्रों और एक पुलिस केंद्र पर बमबारी की। इस हमले में अब तक एक गर्भवती महिला और उसकी छोटी बच्ची समेत तीन फ़िलिस्तीनियों की शहादत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं।


फिलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास और इस्लामी जेहाद आंदोलन की सैन्य शाखा अलकुद्स ब्रिगेड ने गुरुवार की प्रातः अलग अलग बयान जारी करके ज़ायोनी शासन के अतिक्रमण के जवाब के अपने अधिकार पर बल दिया है।

इन बयानों में हमास और इस्लाम जेहाद संगठनों ने बल दिया है कि फिलिस्तीनी प्रतिरोध माोर्चा, हमले के जवाब में हमले के दायरे में ज़ायनियों के अतिक्रमणकारी क़दमों का मुंहतोड़ उत्तर दे। यह बयान गज़्जा पट्टी पर इस्राईल की ओर से व्यापक बमबारी के बाद जारी किया गया है। फिलिस्तीनियों ने भी इन हमलों का उत्तर देते हुए सौ से अधिक मिसाइल, ज़ायोनी कालोनियों पर दागे। गज़्जा पर इस्राईल के हमलों में तेज़ी का मुख्य कारण अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियां हैं जो वास्तव में इस्राईल के लिए हर प्रकार का अपराध करने के लिए हरी झंडी की हैसियत रखती हैं। इस्राईल इस प्रकार से फिलिस्तीनियों को डरा कर वापसी मार्च का सिलसिला रोकने की कोशिश कर रहा है जो पिछले 30 मार्च से आरंंभ हुई है और अब तक जारी है। अमरीका और उसके घटक फिलिस्तीन के मुद्दे को पूरी तरह सब दबा देने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन फिलिस्तीन में प्रतिरोध का नया चरण अंगड़ाई ले रहा है और अब फिलिस्तीनी नहीं, बल्कि ज़ायोनी हल्क़ों में भय व आतंक फैल रहा है। फायर के बदले फायर एेसी नीति है जिसे अब फिलिस्तीनियों ने गंभीरता के साथ लागू कर दिया है और यह साबित कर दिया कि अतिक्रमणकारी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। फिलिस्तीन की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि फिलिस्तीनी जनता,अपने संघर्ष के अधिक प्रभावशाली चरण में प्रविष्ट हो चुकी है और ज़ायोनी शासन उन्हें रोकने में बुरी तरह से नाकाम हो चुका है।

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