उत्तर प्रदेश : दलित को बंधक बनाकर पीटा, जबरन पिलाया पेशाब!

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Sagar PaRvez
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अवैध जंगल की कटाई की शिकायत की तो दलित को बंधक बनाकर पीटा, जबरन पिलाया पेशाब

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में एक और दलित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहां बलरामपुर के सोहेलंवा जंगल में मुख्य वन संरक्षक से दलित युवक को शिकायत करना महंगा पड़ गया है। दलित युवक ने आरोप लगाया है कि उप वन संरक्षक के सामने वन कर्मियों ने उसे बंधक बनाया और उसकी जमकर पिटाई की। यही नहीं इन लोगों ने युवक को पेशाब तक पिलाई। अपने उपर हुए इस अमानवीय व्यवहार के खिलाफ अब दलित युवक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ की गुहार लगाई है, साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नहीं हुई सुनवाई
यह मामला पचपेड़वा थाना क्षेत्र के जूडीकुईया का है, जहां गुरु प्रसाद नाम के युवक को बंधक बनाकर ना सिर्फ पीटा गया, बल्कि उसे जबरन पेशाब तक पिलाया गया। बरगदवा सैफ के निवासी गुरु प्रसाद ने बताया कि उन्होंने सोहेलवा जंगल में हो लगातार हो रही है अवैध कटाई के खिलाफ मुख्य वन संरक्षक देवी पाटन मंडल कुरविला थॉमस से शिकायत की थी। मैंने कई बार उनसे इस बारे में शिकायत करके जंगल को कटवाने से रोकने की गुहार लगाई थी। यही नहीं पूर्व में वन संरक्षक शिकायतकर्ता के सासथ जंगल में जाकर हो रही कटाई का निरीक्षण भी किया था और यहां चल रही अवैध भट्टियों का भी मुआयना किया था।

वनकर्मियों ने खदेड़ा
गुरु प्रसाद ने बताया कि 8 अप्रैल को वह जब अपने व्यक्तिगत कार्य से वीरपुर से चंदनपुर जा रहे थे, तभी रास्ते में वनकर्मी सूरज पांडेय और वन गार्ड धर्मेंद्र यादव ने उनके साथ गाली गलौज की और बाइक से खदेड़ लिया। कुछ दूर के बाद इन लोगों ने मुझे पकड़ लिया। दोनों मुझे पीटते हुए वीरपुर के गेस्ट हाउश लेकरक गए और वहां डीएफओ और भांभर रेंज के रेंजर भी मौजूद थे, जिनके सामने मेरी जमकर पिटाई गई, मेरा मोबाइल छीन लिया गया और चार घंटे तक मुझे बंधक बनाए रखा गया।

आदित्यनाथ से की शिकायत
पीड़ित गुरु प्रसाद ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने मुझे पेशाब पिलाया और इस शर्त पर छोड़ा कि आगे से मैं कभी जंगल में कटाई की शिकायत नहीं करुंगा। वहीं जब पीड़िता ने इसकी उच्च अधिकारियों से शिकायत की तो डीएफओ ने गुरु प्रसाद को जांच के लिए बुलाया गया लेकिन वह डर के मारे वहां नहीं गया।

जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से भी इसकी शिकायत की, लेकिन जब कहीं से भी उसे इंसाफ नहीं मिला तो उसने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, मानवाधिकार आयोग, अनूसूचित जनजाति आयोग, मुख्य वन संरक्षक, आईजी डीआईजी सहित तमाम अधिकारियों से इसकी शिकायत की है।