उद्घाटन सिग्नेचर ब्रिज का होना था, जनता ने मनोज तिवारी का कर दिया : देखें वीडियो

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आज #दिल्ली में #सिगनेचर_ ब्रज #उद्घघाटन के अवसर पर बिन बुलाए पहुचे #भाजपा के दिल्ली प्रदेश #अध्यक्ष #मनोज_बीमारी की #पिटाई का हम #विरोध करते है,
इनको दिल्ली की पब्लिक ने क्या #घण्टा समझ लिया है..?
जब दिल करे बजा डालते है…?
#कुँवर_बिलाल_बर्नी

ये है मामला
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सिग्नेचर ब्रिज: आप समर्थकों से भिड़े मनोज तिवारी, कहा- चार दिन में बताऊंगा पुलिस क्या होती है

सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह के दौरान दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और आप के समर्थकों के बीच हाथापाई हो गई. इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद थी. न्यूज एजेंसी ANI द्वारा जारी वीडियो में मनोज तिवारी आप कार्यकर्ता को मारने की कोशिश करते हुए नजर आ रहे हैं. जबकि पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है. जिसमें वह पुलिस से हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

ANI

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#WATCH BJP Delhi Chief Manoj Tiwari, his supporters and AAP supporters enter into a scuffle at the inauguration of the Signature Bridge in Delhi; Police present at the spot

इस घटना के बाद दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा ‘सालों से रुके हुए निर्माणकार्य को मैंने अपने चुनाव क्षेत्र में शुरू करवाया था और अब अरविंद केजरीवाल ने इसका उद्घाटन समारोह आयोजित किया.’

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@ANI
Replying to @ANI
BJP Delhi Chief Manoj Tiwari at the inauguration of the Signature Bridge in Delhi says, “In my constituency (North East Delhi.), I re-started construction of the bridge after it was stalled for many years & now Arvind Kejriwal is organising an inauguration ceremony.” #Delhi

उन्होंने कहा ‘मैं उद्घाटन समारोह में आमंत्रित था. मैं यहां से सांसद हूं. इसमें क्या परेशानी है? मैं क्रिमिनल हूं? पुलिस मुझे घेर क्यों रही है? मैं यहां अरविंद केजरीवाल का स्वागत करने के लिए आया हूं. आप समर्थकों और पुलिस ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया.’

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I was invited to the inauguration event. I am MP from here. So what’s the problem? Am I a criminal? Why has the police surrounded me? I’m here to welcome him (Arvind Kejriwal). AAP&police have misbehaved with me: BJP’s Manoj Tiwari at the inauguration of Signature Bridge in Delhi

मनोज तिवारी ने कहा ‘उद्घाटन की पूरी प्रक्रिया होने तक मैं यहा खड़ा हूं. सिर्फ सीएम को एक बुके दूंगा कि तुम्हें दूसरे के काम में फीता काट कर कितनी खुशी होती है. लोकल सांसद चुना हुआ प्रतिनिधि है. पुलिस के कुछ लोगों ने अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर मेरे साथ धक्का-मुक्की की है. उन लोगों की भी शिनाख्त हो गई है. मेरे ऊपर सिर्फ एडिशनल डीसीपी मीणा आरोप लगा रहे हैं. इन लोगों को चार दिनों में बताऊंगा कि पुलिस क्या होती है.’

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#WATCH Following ruckus at inauguration of Delhi’s Signature Bridge, BJP MP from North East Delhi Manoj Tiwari says “Police ke jin logon ne mujhse dhakka-mukki ki hai unki shinakht ho gayi hai. Mein in sabko pehchaan chuka hun aur 4 din mein inko bataunga ki police kya hoti hai.”

दिलीप पांडेय ने कहा ‘हजारों लोग यहां बिना किसी आमंत्रण के यहां आए थे, लेकिन मनोज तिवारी खुद को वीआईपी समझते हैं. वह यहां गुंडागर्दी कर रहे थे. बीजेपी के लोग आप कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को धमका रहे थे. उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.’

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Thousands of people have come here to celebrate without an invitation card, but the MP (Manoj Tiwari) considers himself VIP. He is doing hooliganism. BJP people thrashed AAP volunteers & local people. They are admitted to hospital: Dilip Pandey, Aam Aadmi Party. #SignatureBridge

अब एक अन्य वीडियो भी सामने आया है जिसमें ओखाल से आप विधायक अमानतुल्लाह खान बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को धक्का देते हुए नजर आ रहे हैं. इस दौरान अरविंद केजरीवाल भी मंच पर मौजूद थे.

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#WATCH Aam Aadmi Party MLA Amanatullah Khan seen pushing Delhi BJP Chief Manoj Tiwari during the inauguration of Delhi’s Signature Bridge (Source: BJP Delhi Chief Manoj Tiwari’s office)

 

किसका है सिग्नेचर ब्रिज?

इस परियोजना के पूरा होने से नार्थ और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम हो जाएगा. दिल्लीवासी इस ब्रिज के ऊपर से पूरे शहर का एक शानदार नजारा दिखेगा. इसके लिए चार लिफ्ट लगाई गई हैं जिनकी कुल क्षमता 50 लोगों को ले जाने की है.

सिग्नेचर ब्रिज का प्रस्ताव 2004 में पेश किया गया था जिसे 2007 में दिल्ली मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली थी. शुरुआत में अक्टूबर 2010 में दिल्ली में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम के पहले 1131 करोड़ रूपए की संशोधित लागत में पूर्ण होना था.

इस परियोजना की लागत 2015 में बढ़कर 1,594 करोड़ रूपए हो गई. खबरों के मुताबिक जब पहली बार इस ब्रिज को 1997 में प्रस्तावित किया गया था तब इसकी लागत 464 करोड़ रुपए आंकी गई थी. अभी यह ब्रिज वजीराबाद पुल के ट्रैफिक के बोझ को साझा करेगा.