एक सुनार की हिकायत : तो उसने औरत की कलाईयॉ पकड अपनी और तरफ खींचा!!!

एक सुनार की हिकायत : तो उसने औरत की कलाईयॉ पकड अपनी और तरफ खींचा!!!

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Sikander Khanjada Khan
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एक नेक फ़ित़रत और पाक औ़रत का शोह़र सुनार था उसके घर में पानी भरने के लिए शख्स मुक़र्रर था ! जो तीस बरस से उसके घर आकर पानी भरा करता था मगर कभी उसने ईस नेक औरत की तरफ ऑख उठाकर भी नही देखा था ..! एक दिन वो शख्स पानी लेकर आया तो उसने नेक औरत की कलाईयॉ पकड अपनी और तरफ खींचा औ़रत ने कलाईयॉ छुडाई और अन्दर भागकर दरवाजा़ बन्द कर लिया वो शख्स चला गया तो उसका शौह़र घर आया तो नेक औरत ने कहा आज यकी़नन आपसे कोई गुनाह सरज़द हुआ ! शौहर ने कहा एक औ़रत आज मुझसे कंगन खरीदने आयी थी मैंने उसकी नाजु़क कलाईयॉ पकड कर बे सब्र हो गया और उसकी कलाईया पकड कर उसे अपनी तरफ़ खींचा वह अपनी कलाईयॉ छुडाकर वहॉ से भागी नेक औरत ने अपने शौह़र की ये बात सुनकर कहा..!! ठीक है ऐ मेरे शौह़र इस तुम्हारी ज़्यादती का बदला तुम्हारी बीवी से लिया गया जैसा की तूने अपने मुसलमान भाई की बीवी से नाशाइस्ता सुलूक किया !! इस त़रह़ तेरी बीवी के साथ सुलूक हुआ..!! सुबह हुई तो वही पानी भरने वाला शख्स उस औरत के पास आकर अपनी हरकत पर नादिम होकर माफी मॉगने लगा..!! औरत ने कहॉ ! इसमे तेरा कुसूर नहीं ! मेरे ही शौह़र की नीयत बिगड गइ थी…!!….

हुज़ूर स़ल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया…है की तुम लोगों की औंरतों की पाकदामनी महफ़ूज रखो लोग तुम्हारी औंरतो की इज़्ज़त रखेंगे …
मअलूम हुआ की जो लोग दूसरे की मॉ – बहनो को बदनिगाही से देखते हैं वह दरअस्ल अपनी मॉ- बहनों को बदनिगाही का निशाना बनाते हैं..!! ..
पाक़ दामन रहो..

तुम्हारी औरते पाक़ दामन रहेगी..
“ज़िना”
(ग़ैर औरत से सोहबत)
” ज़िना ” क़र्ज है.. अगर तुने लिया तो..
अदायगी तेरे घर वालो से होगी..

ऎ आदम की औलाद अगर तु अक़लमन्द है तो इसे समझ ..
ऐ मुसलमानो !! मुसलमान बनो नेक बनो और दूसरो की मॉ – बहेनों को बद निगाही का निशाना न बनाओ..!!! चाहे वो किसी भी मज़हब की हो
इस पैग़ाम को नौजवान नस्ल तक़ पहुचाने मे देर करके मज़ीद अंधेरा ना करें..