#एशिया के देश PART 9 : ’उज़्बेकिस्तान का इतिहास’

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उज़्बेकिस्तान
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O‘zbekiston Respublikasi
Ўзбекистон Республикаси
उज़्बेकिस्तान गणराज्य

ध्वज कुल- चिह्न

राजधानी और सबसे बडा़ नगर- ताशकंद
41°16′N 69°13′E
राजभाषा(एँ)- उज़्बेक
मान्यता प्राप्त क्षेत्रिय भाषायें -काराकाल्पक
Language for inter-ethnic
communication -रूसी
निवासी -उज़्बेकिस्तानी
सदस्यता -{{{membership}}}
सरकार- अध्यक्षीय गणराज्य
– राष्ट्रपति निग्मातिल्ला उल्दशेव
– प्रधानमंत्री शौकत मिर्जियोयेव
स्वतंत्रता सोवियत संघ से
– गठन १७४७ १
– उज्बेक एसएसआर २७ अक्टूबर १९२४
– घोषणा १ सितंबर १९९१
– मान्यता ८ दिसम्बर १९९१
– पूर्ण २५ दिसम्बर १९९१
क्षेत्रफल
– कुल ४४७,४०० वर्ग किलोमीटर (५६ वां)
१७२,७४२ वर्ग मील
– जल (%) ४.९
जनसंख्या
– २००९ जनगणना २७,७२७,४३५ (४५ वां)
सकल घरेलू उत्पाद (पीपीपी) २००८ प्राक्कलन
– कुल $७१.५०१ बिलियन (-)
– प्रति व्यक्ति $२,६२९ (-)
मानव विकास सूचकांक (२०१३) Straight Line Steady.svg ०.६६१[1]
मध्यम · ११६वाँ
मुद्रा उज़्बेकिस्तानी सोम (O’zbekiston so’mi) (UZS)
समय मण्डल UZT (यू॰टी॰सी॰+५)
– ग्रीष्मकालीन (दि॰ब॰स॰) आकलन नहीं (यू॰टी॰सी॰+५)
दूरभाष कूट ९९८
इंटरनेट टीएलडी .uz

एशिया के केन्द्रीय भाग में स्थित एक देश है जो चारो ओर से जमीन से घिरा है। इतना ही नहीं, इसके चहुँदिश के देश की खुद भी समुद्र तक कोई पहुँच नहीं है। इसके उत्तर में कज़ाख़िस्तान, पूरब में ताज़िकिस्तान दक्षिण में तुर्कमेनिस्तान और अफ़गानिस्तान स्थित है। यह 1991 तक सोवियत संघ का एक घटक था। उज़्बेकिस्तान के प्रमुख शहरों में राजधानी ताशकंत के अलावा समरकंद तथा बुख़ारा का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। यहाँ के मूल निवासी मुख्यतः उज़्बेक नस्ल के हैं, जो बोलचाल में उज्बेक भाषा का प्रयोग करते हैं।

इतिहास
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मानववास यहाँ पर ईसा के 2000 साल पहले से है। ऐसा माना जाता है कि आज के उज़्बेकों ने वहाँ पर पहले से बसे आर्यों को विस्थापित कर दिया। सन् 327 ईसापूर्व में सिकंदर जब विश्व विजय (जो वास्तव में फ़ारस विजय से ज्यादा अधिक नहीं थी) पर निकला तो यहाँ उसे बहुत प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। उसने यहाँ की राजकुमारी रोक्साना से शादी भी की पर युद्ध में उसे बहुत फ़ायदा नहीं हुआ। सिकंदर के बाद ईरान के पार्थियन तथा सासानी साम्राज्य का अंग यह आठवीं सदी तक रहा। इसके बाद अरबों ने ख़ुरासान पर कब्जा कर लिया और क्षेत्र में इस्लाम का प्रचार हुआ।

नौंवी सदी में यह सामानी साम्राज्य का अंग बना। सामानियों ने पारसी धर्म त्यागकर इस्लाम को आत्मसात किया। चौदहवीं सदी के अंत में यह तब महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया जब यहाँ महान विजेता सुल्तान तैमूर लंग का उदय हुआ। तैमूर ने मध्य और पश्चिमी एशिया में अद्भुत सफ़लता पाई। तैमूर ने उस्मान (ऑटोमन) सम्राट को भी हरा दिया था। उन्नीसवीं सदी में यह बढ़ते हुए रूसी साम्राज्य और 1924 में सोवियत संघ का सदस्य का अंग बना। 1991 में इसने सोवियत संघ से आजादी हासिल की।

प्रांत और विभाग
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उज़बेकिस्तान प्रशासनिक रूप से १२ प्रान्तों और एक स्वशासित गणतंत्र में बंटा हुआ है। इनके अलावा राजधानी ताशकंत को भी एक स्वतन्त्र शहर का दर्जा प्राप्त है। उज़बेक भाषा में प्रान्तों को कई अरब देशों और अफ़्ग़ानिस्तान की तरह विलायत बुलाया जाता है हालांकि इसका उज़बेक उच्चारण ‘विलोयत’ है। सभी प्रांत आगे जिलों में बंटे हुए हैं जिन्हें उज़बेक भाषा में ‘तूमन’ कहा जाता है। ध्यान दें कि यह तूमन शब्द मंगोल भाषा से लिया गया है और मध्यकालीन मंगोल साम्राज्य में यह सेना कि ईकाई हुआ करती थी। कुल मिलाकर पूरे देश में १६० तूमन हैं।

उज़्बेकिस्तान के प्रांत
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उज़बेकिस्तान बारह प्रान्तों में बंटा हुआ है जिन्हें उज़बेक भाषा में ‘विलोयत’ (viloyat) बुलाया जाता है। इसके अलावा उस देश में एक स्वशासित गणतंत्र (क़ाराक़ालपाक़स्तान गणतंत्र) और एक स्वतन्त्र शहर (ताशकंत) है। इन प्रान्तों को आगे ज़िलों में बांटा जाता है जिन्हें उज़बेक भाषा में तूमन (tuman) कहतें है। ध्यान दें कि यह तूमन शब्द मंगोल भाषा से लिया गया है और मध्यकालीन मंगोल साम्राज्य में यह सेना कि ईकाई हुआ करती थी। कुल मिलाकर पूरे देश में १६० तूमन हैं।

प्रांत और राजधानियाँ
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उज़बेकिस्तान के ‘विलोयतलर’ (विलोयत का बहुवचन) और उनकी राजधानियाँ इस प्रकार हैं –

प्रांत राजधानी क्षेत्रफल
(वर्ग किमी) जनसंख्या Key
अन्दीझ़ान प्रान्त अन्दीझ़ान 4,200 18,99,000 2
-बुख़ारा प्रान्त बुख़ारा 39,400 13,84,700 3
-फ़रग़ना प्रान्त फ़रग़ना  6,800 25,97,000 4
-जिज़ाख़ प्रान्त जिज़ाख़ 20,500 9,10,500 5
-ख़ोरज़्म प्रान्त उरगेंच 6,300  12,00,000 13
-नमन्गान प्रान्त नमन्गान 7,900 18,62,000 6
-नवोई प्रान्त नवोई 110,800 7,67,500 7
-क़श्क़ादरिया प्रान्त क़रशी 28,400 20,29,000 8
-क़ाराक़ालपाक़स्तान गणतंत्र नुकुस 160,000 12,00,000 14
-समरक़न्द प्रान्त समरक़न्द 16,400  23,22,000 9
-सिरदरिया प्रान्त गुलिस्तोन 5,100 6,48,100 10
-सुरख़ानदरिया प्रान्त तिरमिज़ 20,800 16,76,000 11
-ताशकेंत प्रान्त ताशकंत 15,300  44,50,000 12
-ताशकंत शहर ताशकंत – 22,05,000 1

इन नामों में बिन्दुवाले ‘ख़’ अक्षर के उच्चारण पर ध्यान दें क्योंकि यह बिना बिन्दु वाले ‘ख’ से ज़रा भिन्न है। इसका उच्चारण ‘ख़याल’ और ‘ख़रीद’ शब्दों के ‘ख़’ से मिलता है। उसी तरह बिन्दुवाले ‘ग़’ अक्षर के उच्चारण पर ध्यान दें क्योंकि यह बिना बिन्दु वाले ‘ग’ से भिन्न है। इसका उच्चारण ‘ग़लती’ और ‘ग़रीब’ शब्दों के ‘ग़’ से मिलता है। बिन्दुवाले ‘क़’ अक्षर का उच्चारण भी बिना बिन्दु वाले ‘क’ से मिलता-जुलता लेकिन थोड़ा भिन्न है। इसका उच्चारण ‘क़ीमत’ और ‘क़ुरबानी’ के ‘क़’ से मिलता है।

फ़रग़ना वादी
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फ़रग़ना वादी का क्षेत्र उज़्बेकिस्तान, किर्गिज़स्तान और ताजिकिस्तान में बंटा हुआ है
फ़रग़ना वादी या फ़रग़ना घाटी (फ़ारसी: وادی فرغانه‎, वादी-ए-फ़रग़ना; ताजिकी: водии Фарғона, वोदी-ए-फ़रग़ोना; अंग्रेजी: Fergana Valley) मध्य एशिया का एक क्षेत्र है जो पूर्वी उज़्बेकिस्तान, किर्गिज़स्तान और ताजिकिस्तान में विस्तृत है। मध्य एशिया का यह इलाक़ा वैसे तो काफ़ी शुष्क और रेगिस्तानी है, लेकिन इस त्रिकोण अकार की वादी में नरयिन नदी, कारा दरिया और उनके विलय से बनने वाले सिर दरिया की वजह से यह घाटी हरी-भरी और उपजाऊ है। फ़रग़ना वादी की मध्य एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहासों पर गहरी छाप है और मुग़ल साम्राज्य का पहला सम्राट बाबर इसी घाटी का एक उज़बेक निवासी था। फ़रग़ना वादी में बहुत भिन्न समुदायों के लोग रहते हैं। घाटी की कुल जनसँख्या १.२ करोड़ अनुमानित की गई है और यह मध्य एशिया की सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है।

नाम का उच्चारण
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‘फ़रग़ना’ में ‘ग़’ अक्षर के उच्चारण पर ध्यान दें क्योंकि यह बिना बिन्दु वाले ‘ग’ से ज़रा भिन्न है। इसका उच्चारण ‘ग़लती’ और ‘ग़रीब’ शब्दों के ‘ग़’ से मिलता है।

भूगोल
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फ़रग़ना वादी उत्तर में तियन शान पर्वतों और दक्षिण में गिस्सर-अलई पर्वतों के बीच में स्थित एक ३०० किमी लम्बी और ७० किमी चौड़ी घाटी है। इसका कुल क्षेत्रफल २२,००० वर्ग किमी है। नरयिन और कारा दरिया की मौजूदगी से यहाँ की भूमि काफ़ी उपजाऊ है। इन दोनों नदियों का उज़्बेकिस्तान के नमन्गान प्रान्त के नमन्गान शहर में संगम होता है और उसके बाद इसे सिर दरिया के नाम से बुलाया जाता है। यहाँ बहुत से अन्य नदी-झरने भी पानी और उसके साथ-साथ रेत लाते हैं। यह रेत नदियों के किनारों पर जमा होकर ढेरियाँ बना लेती है जो हवा के प्रभाव से हिलकर अक्सर खेत-खलिहानों में भी आ जाते हैं।

मौसम
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फ़रग़ना में काफ़ी गर्मी भी पड़ती है और सख़्त सर्दी भी। मार्च के महीने में तापमान २० °सेंटीग्रेड तक पहुँचता है और जून-जुलाई तक कुछ शहरों में ४० °सेंटीग्रेड छूने लगता है। अक्टूबर में बारिशें होती हैं। दिसम्बर और जनवरी में पाला और बर्फ़ गिरते हैं और तापमान -२० °सेंटीग्रेड तक गिर सकता है।

उज़्बेक भाषा
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(НОДИРА) और ‘उज़बेकिस्तान’ को ‘उज़बेकिस्तोन’ (Ўзбекистон) लिखा जाता है
उज़बेक भाषा (उज़बेक: Ўзбек тили, उज़बेक तिलि; अरबी-फ़ारसी: أۇزبېكچا‎) मध्य एशिया में और विशेषकर उज़बेकिस्तान में, उज़बेक लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक तुर्की भाषा है। सन् १९९५ में इसे मातृभाषा के रूप में बोलने वालों की संख्या लगभग २ करोड़ अनुमानित की गई थी। हालाँकि यह एक तुर्की भाषा है, फिर भी इसमें फ़ारसी, अरबी और रूसी भाषा का प्रभाव मिलता है। उज़बेक और उइग़ुर भाषा में बहुत समानताएँ हैं, लेकिन उइग़ुर की तुलना में उज़बेक पर फ़ारसी का प्रभाव ज़्यादा गहरा है। सन् १९२७ तक उज़बेक को लिखने के लिए अरबी-फ़ारसी वर्णमाला का प्रयोग किया जाता था, लेकिन उसके बाद उज़बेकिस्तान का सोवियत संघ में विलय होने से वहाँ सिरिलिक लिपि इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया गया। चीन के उज़बेक समुदाय अभी भी अरबी-फ़ारसी लिपि में उज़बेक लिखते हैं। सोवियत संघ का अंत होने के बाद उज़बेकिस्तान में कुछ लोग सन् १९९२ के उपरान्त लैटिन वर्णमाला का भी प्रयोग करने लगे।

उज़बेक भाषा के कुछ उदाहरण
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हिंदी और उज़बेक में बहुत से शब्द सामान होते हैं, लेकिन हिंदी की तुलना में उज़बेक में फ़ारसी लहजा स्पष्ट दिखता है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल है कि हिंदी में अक्सर जहाँ शब्द में ‘आ’ का स्वर आता है, उसे उज़बेक में ‘ओ’ या ‘ऑ’ के स्वर के साथ कहा जाता है। यह भी ध्यान दीजिये कि इन शब्दों में ‘ख़’ का उच्चारण ‘ख’ से ज़रा भिन्न है।

हिंदी शब्द या वाक्य – उज़बेक शब्द या वाक्य – टिप्पणी
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सलाम सालोम यह बिलकुल फ़ारसी की तरह है, जिसमें हिंदी के ‘आ’ स्वर की जगह ‘ओ’ या ‘ऑ’ से बोला जाता है
जनाब जानोब
स्वागत / ख़ुश-आमदीद ख़ुश केलिबसिज़ ख़ुश तो फ़ारसी मूल का शब्द है, लेकिन बाक़ी तुर्की भाषाओँ से है और हिंदी में नहीं मिलता
जल्दी ही फिर मिलेंगे तेज़ ओरादा कोरिशगुंचा तेज़ शब्द हिंदी की तरह ही है
धन्यवाद / शुक्रिया रहमत रहमत हिंदी में भी मिलता है, लेकिन उसका प्रयोग थोड़ा अलग अर्थ से होता है
हफ़्ते के दिन हफ़्ता कुनलरी
होटल कहाँ है? मेख़मोनख़ोना क़ायेरदा जोयलश्गन? मेख़मोनख़ोना का हिंदी रूप मेहमानख़ाना है
दवाख़ाना दोरीख़ोना यह हिंदी के दारूख़ाना से मिलता है, हालांकि आधुनिक हिंदी में ‘दवा-दारू’ का ‘दारू’ शब्द जो पहले ‘दवाई’ का अर्थ रखता था अब ‘शराब’ का अर्थ रखने लगा है

विलायत (प्रशासनिक विभाग)
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विलायत (फ़ारसी:ولایت‎), विलायाह (अरबी: ولاية‎‎) या विलोयती (उज़बेक: вилояти) अरब और मध्य एशिया के देशों में प्रान्त या ज़िले के स्तर के प्रशासनिक विभाग को कहते हैं। यह अरबी भाषा के ‘वली’ (والي‎) शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘देखरेख या प्रशासन करने वाला’

हिन्दी में समय के साथ ‘विलायत’ शब्द का अर्थ ‘राज्य’ से बदलकर ‘विदेश’ होया गया और ‘विलायती’ का अर्थ ‘परदेसी’ या ‘विदेशी’ हो गया। कुछ क्षेत्रों की हिन्दी उपभाषाओं में ‘व’ की जगह ‘ब’ बोला जाता है और ब्रिटिश राज के आरम्भिक भाग में वहाँ अंग्रेज़ों को ‘बिलायती’ बोला जाने लगा। ब्रिटिश लोगों ने भी अनौपचारिक रूप से ब्रिटेन को ‘ब्लाईटी’ (Blighty) और ब्रिटिश लोगों को ‘ब्लाईटर’ (Blighter) बोलना शुरू कर दिया। आज भी बूढ़े ब्रिटिश लोग कभी-कभी अपने देश को ‘ओल्ड ब्लाईटी’ (Old Blighty) कहते हैं।

उज़बेक लोग
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उज़बेक मध्य एशिया में बसने वाली एक तुर्की-भाषी जाति का नाम है। उज़बेकिस्तान की अधिकाँश आबादी इसी नसल की है, हालाँकि उज़बेक समुदाय बहुत से अन्य देशों में भी मिलते हैं, जैसे कि अफ़्ग़ानिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिज़स्तान, तुर्कमेनिस्तान, काज़ाख़स्तान, रूस, पाकिस्तान, मंगोलिया और चीन के शिनजियांग प्रान्त में। विश्व भर में लगभग २.३ करोड़ उज़बेक लोग हैं और यह पूरे विश्व की मनुष्य आबादी का लगभग ०.३% हैं। भारत में मुग़ल सलतनत की स्थापना करने वाला बाबर भी नसल से उज़बेक जाति का ही था।

नाम की उत्पत्ति
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इतिहासकारों में ‘उज़बेक’ नाम के स्रोत को लेकर मतभेद है। कुछ का मानना है कि यह नाम मंगोल राजा उज़बेक ख़ान (जन्म: १२८२ – मृत्यु: १३४१) के नाम से आया है। अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह तुर्की भाषाओँ के दो शब्दों से आता है: ‘ओज़’ (मतलब ‘स्वयं’) और ‘बेग’ (मतलब ‘मालिक’, यह भारत में पारिवारिक नाम के रूप में भी देखा जाता है), यानी ‘वह जो स्वयं मालिक हो’। कुछ तुर्की भाषाओँ में ‘ओगुज़’ का अर्थ ‘क़बीला’ या ‘फ़ौजी टुकड़ी’ होता है और इस आधार पर कुछ इतिहासकार मानते हैं कि ‘उज़बेक’ वास्तव में ‘ओगुज़-बेग’ का बिगड़ा हुआ रूप है। विवाद जारी है।

उज़बेक जाति की जड़े
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१३वीं सदी ईसवी से पहले मध्य एशिया के अधिकाँश भाग में हिंद-यूरोपीय भाषाएँ बोलने वाले लोग सब से ज़्यादा थे, मसलन शक, सोग़दाई, बैक्ट्रीयाई, वग़ैराह। १३वीं शताब्दी के बाद मंगोल साम्राज्य फैला और इस पूरे इलाक़े पर तुर्की और मंगोल नसल के लोग छा गए। माना जाता है कि उज़बेक लोग पहले के हिंद-यूरोपीय भाषी लोगों और बाद में आने वाले तुर्की-मंगोल लोगों का मिश्रण हैं। आधुनिक उज़बेक भाषा पुरानी चग़ताई तुर्की भाषा की संतान है। सम्राट बाबर इसी चग़ताई भाषा के मातृभाषी थे और बाबरनामा इसी भाषा में लिखी गई है। शुद्ध तुर्की की तुलना में उज़बेक भाषा पर फ़ारसी का असर दिखाई देता है जो शायद उज़बेक लोगों की प्राचीन हिंद-यूरोपीय जड़ों की वजह से हो।

आनुवंशिकी (जॅनॅटिक) जड़ें
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बहुत से उज़बेकी पुरुषों का पितृवंश समूह आर१ए (R1a) होता है। एशिया में यह हिंद-यूरोपी भाषाएँ बोलने वालों में पाया जाता है और बहुत से उत्तर भारतीयों और रूसियों का भी यही पितृवंश है।

धर्म
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उज़बेक लोग अधिकतर इस्लाम के अनुयायी हैं।

उज़्बेकिस्तान की जातियाँ
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-उज़बेक
-कज़ाख़
-क़ाराक़ालपाक़
-ताजिक

ताशकेंत
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Тошкент (उज़बेक)
Ташкент (रूसी)
तोशक़न्द, तोशकन्द

स्थापन तिथि -पाँचवी से तीसरी सदी ईसापूर्व
शासन • महापौर अब्दुकहर तुहतायेव
क्षेत्रफल
• कुल 334.8
जनसंख्या (सन् 2008)
• कुल 21,80,000
• घनत्व <
समय मण्डल (यूटीसी+5)
वेबसाइट http://tashkent.uz/
ताशकेंत या ताशकन्द (उज़बेक: Тошкент, रूसी: Ташкент, अंग्रेज़ी: Tashkent) उज़बेकिस्तान की राजधानी है। यह ताशकेंत प्रान्त की राजधानी भी है। २००६ की जनगणना के अनुसार इस नगर की जनसंख्या १९,६७,८७९ है।

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