ऐसी ‘बुरी आदतें’ जो आपको दूसरों की तुलना में अधिक बुद्धिमान साबित करती हैं, जानिये

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ऐसा लगता है कि आधुनिक विज्ञान बुद्धि के संबंध में विशिष्ट और पारंपरिक व्यवहार को नकारते हुए ऐसी बुरी आदत के लोगों को बुद्धिमान बता रहा है कि जिसकी कल्पना करना मुश्किल होता है।

वैसे इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि बुद्धिमान लोग अपने दूसरे साथियों के मुक़ाबले में काफ़ी अलग होते हैं, लेकिन क्या दोनों में इतना अंतर होता है? तो जानें कि आधुनिक विज्ञान द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार कैसे व्यवहार वाले लोगों को बुद्धिमान बताया गया है। आधुनिक विज्ञान द्वारा जिन लोगों को अधिक बुद्धिमान बताया गया है उसका कारण जानकर ज़्यादातर लोगों को ने इस अध्ययन को हास्यास्पद बताया है।

आईये जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से कौन लोग अधिक बुद्धिमान हैं?

(1)टालमटोल करना

वैसे तो किसी चीज़ को लेकर टालमटोल करना अच्छी आदत नहीं है लेकिन ताज़ा शोध में यह दावा किया गया है टोलमटोल की आदत केवल सुस्ती की निशानी नहीं है बल्कि यह उस काम के लिए सही समय की प्रतीक्षा के संकेत भी होते हैं। सरल शब्दों में अगर कहा जाए तो यह आदत रचनात्मकता को बढ़ाती है, ताकि लोग एक बड़ी सोच को वास्तविक्ता प्रदान कर सकें। विश्व प्रख्यात कंपनी “ऐप्पल” के संस्थापक स्टीव जॉब्स इस संबंध में आदर्श माने जा सकते हैं जो ख़ास कामों को टालते रहते थे और सही समय पर उस काम को अंजाम देते थे।

(2)विलंब पसंद

वैसे कहीं भी देर से पहुंचने से व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंध ख़राब हो सकते हैं, बल्कि लोग इसे अपमान के तौर से भी देखते हैं, लेकिन नए शोध के अनुसार, यह वास्तव में बुद्धिमान लोगों का संकेत हैं। शोध के मुताबिक़, ऐसे लोग आशावान होते हैं और सच्चाई पसंद नहीं होते हैं, जिसके कारण वे अधिकतर देरी करते हैं, शोधकर्ताओं के मुताबिक़ ऐसे लोग अच्छी उम्मीदों के साथ सर्वश्रेष्ठ परिणाम चाहते हैं।

(3)शिकायत करने वाले

कोई भी ऐसे दोस्त को पसंद नहीं करता है जो हर समय किसी न किसी बात की शिकायत करता रहता है, लेकिन ताज़ा शोध में बताया गया है कि ऐसे लोग अधिक सोच-विचार वाले होते हैं और उनके दिमाग़ में इस चीज़ का कोई न कोई कारण होता है। शोध के अनुसार ऐसे लोग अपने जीवन में अधिक सुखी होते हैं।

(4)च्यूइंग गम के शौकिया

वैसे तो किसी महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुंह चलाते रहना अच्छी बात नहीं मानी जाती है, लेकिन अकेले में बैठकर च्यूइंग गम का आनंद लेना शारीरिक आराम और रचनात्मकता में सुधार करने में मदद करता है। विभिन्न शोध रिपोर्टों में यह पता चला है कि च्यूइंग गम मानसिक रूप से अधिक सतर्कता प्राप्त करने में मदद करता है, एक शोध से यह भी पता चला है कि च्यूइंग गम चबाने वाले लोग उनसे अधिक बुद्धिमान होते हैं जो लोग च्यूइंग गम का प्रयोग नहीं करते हैं।

(5)चुग़ली करना

वैसे यह आदत बहुत ही बुरी है और इस्लाम में इसे बहुत कड़ाई से वर्जित किया गया है और यह उचित भी नहीं है कि लोगों के सामने बैठकर किसी दूसरे की बुराई की जाए, लेकिन आधुनिक विज्ञान के अनुसार यह आदत लोगों को बेहतर महसूस करने में सहायक होती है।

(6)ख़्याली पुलाओ पकाना

ताज़ा शोध में यह बात सामने आई है कि दिन में सपने देखना या ख़्याली पुलाओ पकाना इंसान को उसके भविष्य के संवारने और रचनात्मकता की क्षमता में बहुत ही सहायता प्रदान करता है। शोध के अनुसार, किसी भी कठिनाई के दौरान समाधान को हल करने के लिए मन को 12 मिनट तक आज़ाद छोड़ना लाभदायक है।

(7)आलसी होना

एक अमेरिकी वैज्ञानिक द्वारा किए गए शोध में यह दावा किया गया है कि वे लोग अधिक बुद्धिमान हैं जो अपने विचारों में खोए रहते हैं और शारीरिक रूप से धीमे या आलसी होते हैं। वैसे यह आदत हो सकती है कि अधिकतर लोगों में पाई जाए, लेकिन यह जानना बेहतर है कि आप अपने आलसी पन को अधिक बुद्धिमानी में जोड़ लें।

(8)भुलक्कड़ होना

वैसे तो अच्छी याददाश्त को बुद्धिमानी का प्रतीक माना जाता है, लेकिन हाल के एक अध्ययन में, ऐसा कहा गया है कि जो लोग भुलक्कड़ होते हैं, उनके भीतर बुद्धि अधिक होती है। शोध के अनुसार, ऐसे लोगों का दिमाग़ चीजों को इसलिए भूल जाता है ताकि वे नई परिस्थितियों का सामना कर सकें और दूसरी बात यह है कि छोटी और ग़ैर-ज़रूरी चीज़ों की जानकारियों को दिमाग़ से निकालकर वे नई-नई चीज़ों के बारे में जानना चाहते हैं। तो अगर आप कुछ भूल जाते हैं, तो अब आप उससे परेशान होने के बजाए इस बात पर ख़ुश हों कि आपके मस्तिष्क को नए विचारों के लिए जगह मिल गई है।

(9)बदज़बान होना

वास्तव में, बदज़बानी बहुत ही बुरी आदत है और कोई भी इसे पसंद नहीं करता है, लेकिन नए शोध ने बदज़बानी करने वालों को बुद्धिमान बताया है और इसका कारण यह बताया गया है कि ऐसे लोगों के पास दूसरों की तुलना में अधिक शब्द होते हैं, जो बुद्धि की निशानी है।

(10)लोगों पर विश्वास करना

बुद्धिमान लोग अधिकतर दूसरों पर भरोसा नहीं करते हैं, लेकिन नए युग के वैज्ञानिकों ने सिद्ध कर दिया है कि बुद्धिमान लोग वास्तव में अधिक लोगों पर भरोसा करते हैं, क्योंकि उनके पास जीवन को ज़्यादा अच्छे और बेहतर तरीक़े से देखने की क्षमता होती है और यह आदत तंत्रिकाओं को अधिक मज़बूत बनाकर विभिन्न बीमारियों से लड़ने की क्षतमा भी प्रदान करती है।

(11)बिल्ली पालना

कुछ शोध रिपोर्टों के अनुसार, जो लोग बिल्ली पालना पसंद करते हैं वे लोग लोग व्यक्तिगत रूप से शांत, अधिक संवेदनशील होते हैं और उनका आईक्यू स्तर अधिक होता है।

(12)लाल मांस पसंद न करना

ताज़ा शोध में यह अजीब बात सामने आई है कि अधिक बुद्धिमान लोग लाल मांस पर चिकन, मछली और सब्ज़ियों को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन इन प्राथमिकताओं का संबंध, परिवार, स्वास्थ्य, विश्वास और निवास स्थान पर निर्भर करता है।

(13)विचारों को साकार न कर पाना

वैसे ज़्यादातर लोगों को यह लगता है कि बुद्धिमान लोग अधिकतर नए विचारों को प्रतिबिंबित करते हैं, लेकिन यह सत्य नहीं है, क्योंकि हमेशा ऐसा नहीं होता है। अधिक बुद्धिमान लोगों के पास अनसुलझे मामलों को सुलझाने की असाधारण क्षमता तो होती है लेकिन वे जीवन में उसे लागू नहीं कर पाते। वास्तव में, जब वे अपने जीवन में कुछ नया करना चाहते हैं, तो एक नया विचार उनके दिमाग़ में आता है और उनके सारे विचार उसी पर केंद्रित हो जाते हैं।

(14)कम सोना या देर रात तक जागना

वैसे कम सोने का मतलब बहुत कम नींद नहीं है, लेकिन एक शोध के अनुसार, जो लोग देर रात तक जागने के आदी होते हैं वे कम सोते हैं, क्योंकि उन्हें अपने काम या शिक्षा के कारण जल्दी उठना पड़ता है। ताज़ा शोध के मुताबिक़, जो लोग देर रात तक जागते हैं उनका आईक्यू स्तर काफ़ी अधिक होता है और वे सुबह जल्दी उठने वालों से अधिक बुद्धिमान भी होते हैं।

(15)नाख़ून चबाना

वैसे तो इस आदत को तंत्रिका रोग (नवर्स) का संकेत माना जाता है, लेकिन हाल में हुए शोध से पता चलता है कि नाख़ून चबाना भी बुद्धिमान होने की निशानी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक़, नाख़ून चबाना, बाल या त्वचा आदि को ख़ींचने जैसे काम लोगों को नफ़रत से लड़ने में मदद देते हैं और उनकी असंतुष्टि कम करने में भी सहायक होते हैं। इस तरह इस तरीक़े से इंसान किसी भी चीज़ पर अपना ध्यान सही से केंद्रित कर लेता है।