कन्नौज : हत्या को आत्महत्या बता रही पुलिस, भूख हड़ताल पर परिजन

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Sagar PaRvez
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कन्नौज : परिवार डीएम कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गया है। परिवार का आरोप है कि पुलिस उनके बेटे की हत्या को आत्महत्या बता रही है। परिजनों का कहना था कि पुलिस हत्यारोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है और हिरासत में लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। मृतक के परिजनों व रिश्तेदारों द्वारा अथक प्रयास व उच्चाधिकारियों से गुहार लगाने के बाद घटना करीब 20 दिन बाद सदर कोतवाली कन्नौज पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की। मामला हाइप होने के बाद जिलाधिकारी ने घटना की जांच करा कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

क्या था मामला
मामला सदर कोतवाली के ग्राम अटारा निष्फ का है जहां के निवासी 22 वर्षीय छात्र सत्यभान पु़त्र हरिभान सिंह का शव गांव के बाहर पेड़ से लटका पाया गया था। मामले में मृतक की मां रीता देवी पत्नी हरिभान सिंह ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में कहा कि 29 अप्रैल 2018 को उसके पुत्र सत्यभान की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 20 दिन बाद अनिल, अनुज, अतुल पुत्रगण अनुरुद्ध निवासीगण अटारा निष्फ थाना व जनपद कन्नौज के विरुद्ध दर्ज की गई। आरोप है कि पुलिस ने हत्या के मामले में नामजद अनिल, अनुज को कई दिनों तक हिरासत में रखने के बाद मोटी रकम लेकर छोड़ दिया। इससे विवेचना में हेरफेर की पूरी संभावना है और कोतवाली पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। मामले को लेकर कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठे परिवार के लोगों ने मांग की कि उपरोक्त हत्याकाण्ड की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जाए और जल्द से जल्द हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।

होनहार छात्र था मृतक युवक
मृतक सत्यभान होनहार छात्र था। इसी वर्ष उसने बीएससी फाइनल वर्ष की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की थी। परिवार में उसका भाई दो अविवाहित बहनों के अलावा माता-पिता हैं। घटना के बाद परिवार के लोग बुरी तरह टूट गए और न्याय की आस में भटक रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो मृतक छात्र सत्यभान काफी सीधा साधा और अपने काम से काम रखने वाला युवक था। उसकी किसी से दुश्मनी भी नहीं थी।

कोतवाली पुलिस की भूमिका संदिग्ध
मृतक सत्यभान की मौत के कारणों की जांच के मामले में कोतवाली पुलिस की संदिग्ध भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि मृतक के परिजन लगातार कोतवाली पुलिस पर मामले की लीपापोती का आरोप लगा रहे हैं। परिजनों का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद भी पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर क्यों छोड़ दिया। वहीं पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर व अन्य लोगों के बयान लेने के आधार पर गुमराह कर मामले को दबाना चाहती है।

पुलिस ने हत्यारोपियों को बारी-बारी से बंदी बनाकर छोड़ा
परिजनों के अनुसार पुलिस ने मृतक सत्यभान के हत्यारोपी अनिल को 20 दिन से अधिक समय तक हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया। इसी प्रकार हत्यारोपी अनुज को करीब 12 दिन तक हिरासत में रखने के बाद छोड़ा गया। जब परिजनों ने इस संबंध में विवेचक से बात की तो उन्होंने बडा ही अटपटा और बेमतलब का जबाव देते हुए कहा कि अब तीसरा आरोपी पकड़ में आ गया है। इसलिए पहले वालों को छोड़ दिया गया। इससे मृतक युवक के परिजन काफी आहत हैं। जिस कारण न्याय पाने के लिए डीएम की चैखट पर भूख हड़ताल पर बैठ गए।