कॉलगर्ल को नहीं मिलता चरम सुख, सेक्स के दौरान कैसा महसूस करती हैं कॉल गर्ल?

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नई दिल्ली: दुनिया के हर देश में बड़ी तादात में लोग शारीरिक सुख पाने के लिए कॉल गर्ल यानी वैश्याओं के पास जाते हैं. यहां वो पैसे देकर शारीरिक सुख भोगते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप किसी वैश्या के साथ सेक्स कर रहे होते हैं तो उसको कैसा लगता है? जो सुख आपको उसके साथ सेक्स करने में मिल रहा है, क्या वो सुख उसे भी मिल पा रहा है?

ये ऐसा सवाल है जिसपर अमूमन कोई खुलकर बात नहीं करता लेकिन इंटरनेट ने अब सबको खुलकर बोलने और अपनी बात रखने की आजादी दी है. यूट्यूब पर एक वीडियो इन दिनों खूब देखा जा रहा है जिसका टाइटल है ‘आस्क एन एस्कॉट’ यानी जो सवाल आप किसी वैश्या से पूछना चाहते हैं. सीएरा पाइन नाम की कॉल गर्ल ऐसे ही सवालों के जवाब दे रही हैं

क्लाइंट के साथ सेक्स के दौरान कैसा महसूस करती हैं कॉल गर्ल?
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इस सीरिज के एक ऐपिसोड़ में एक सवाल ये निकलकर आता है कि जब कोई वैश्या सेक्स कर रही होती है तो क्या उसे भी उतना ही मजा आता है? दूसरे शब्दों में क्या उसे भी चरम सुख की प्राप्ति होती है? इस सवाल के जवाब में सिएरा कहती हैं कि क्लाइंट को खुश करने के लिए उनके साथ सेक्स भी करना पड़ता है.

ऐसे में लोग मुझसे पूछते हैं कि लोगों के साथ सेक्स के दौरान क्या मुझे भी मजा आता है? मेरी कुछ दोस्त भी हैं जो कॉल गर्ल हैं, वो भी मुझसे पूछती हैं कि क्या उन्हें दूसरे लोगों के साथ सेक्स करने में मजा आता है या उन्हें चरम सुख की प्राप्ति होती है? इस सवाल का जवाब है हां. फिर कुछ लोग पूछते हैं क्या मैं फर्जी तरीके से भी ये दिखाने की कोशिश करती हूं कि मुझे चरम सुख प्राप्त हो गया है? उसका भी जवाब है हां.

कितने प्रतिशत लोग कॉल गर्ल को दे पाते हैं चरम सुख?
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20 प्रतिशत मामलों में ऐसा होता कि क्लाइंट मेरी शारीरिक जरूरतों के हिसाब से बेड पर फिट बैठता है जो मुझे चरम सुख तक पहुंचा देता है. 80 फीसदी मामलों में मैं दिखाने की कोशिश करती हूं कि मैं चरम सुख को प्राप्त कर गई हूं जिसके कई कारण हैं. ऐसे भी क्लाइंट होते हैं जिन्हें मेरे चरम सुख से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि उन्होंने मेरे साथ सोने के बहुत सारे पैसे दिए होते हैं इसलिए उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.

बहुत से लोगों को लगता है कि साढ़े तीन मिनट तक प्रोफेशनल इंटरकोर्स किसी महिला को चरम सुख तक पहुंचाने के लिए काफी है जोकि सच नहीं है. इसके अलावा बहुत से ऐसे क्लाइंट होते हैं जो इमानदारी से कोशिश करते हैं कि इटंरकोर्स के दौरान उन्हें भी चरम सुख की प्राप्ति हो.

ऐसा बहुत कम होता है कि क्लाइंट के पास इतना टाइम नहीं होता तो हम फर्जी तरीके से दिखाने की कोशिश करते हैं कि हम चरम सुख तक पहुंच गए हैं. कई बार हमें सेक्स के दौरान पता चल जाता है कि सामने वाला मर्द 30 से 35 सैकेंड के भीतर चरम सुख पर पहुंच जाएगा. ऐसे में हम फर्जी तरीके से ऐसी आवाजें निकालते हैं कि उसे लगे कि हमें भी चरम सुख की प्राप्ति हो गई है.

अगर सामने वाले शक्स ने कभी सेक्स नहीं किया होता है यानी वो वर्जिन होता है तो ऐसे मामलों मे हम विशेष ध्यान देते हैं. हमारी कोशिश होती है कि हम उनके साथ बिलकुल नेचुरल रहें और उसके साथ सेक्स का आनंद लें. हम नहीं चाहते कि पहली बार सेक्स करने वाला क्लाइंट इस भावना के साथ जाए कि वो महिला को चरम सुख तक नहीं पहुंचा पाया.

बहुत से लोग ये मानते हैं कि उन्हें अच्छा महसूस कराना हमारा काम है, अगर हम कभी फर्जी तरीके से भी चरम सुख दिखाने की कोशिश करते हैं तो वो हमारी तारीफ करते हैं कि हमने उन्हें अच्छा सुख दिया.

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