कोई भी देश कुद्स में दूतावास नहीं खोल सकता, इस्राईली कार्यवाहियां आतंकवादी हैं : तुर्की

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तुर्की के संसद सभापति ने कहा है कि जायोनी सैनिकों ने 60 निहत्थे फिलिस्तिनियों को शहीद कर दिया परंतु इस शासन की उस तरह निंदा नहीं की गयी जिस तरह होनी चाहिये थी।

तुर्की के संसद सभापति इस्माईल कहरमान ने कहा कि जिस शासन ने सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सदैव उल्लंघन किया है वह अपनी रक्षा की बात नहीं कर सकता और इस्राईली कार्यवाहियां आतंकवादी हैं।

तुर्की के संसद सभापति ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि इस्राईल आतंकवादी कार्यवाहियां करता है और संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रस्तावों उल्लंघन करके वह अपराध अंजाम देता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रसंघ के प्रस्तावों के अनुसार कुद्स तीन आसमानी धर्मों का पवित्र शहर है और कोई देश कुद्स में अपना दूतावास नहीं खोल सकता।

इसी बीच तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोगान ने कतर नरेश, इंडोनेशिया और सूडान के राष्ट्राध्यक्षों से शुक्रवार को ओआईसी की आपात बैठक के बारे में टेलीफोन पर वार्ता की है।

उल्लेखनीय है कि ग़ज़्ज़ा त्रासदी की समीक्षा के लिए शुक्रवार को तुर्की के इस्तांबोल नगर में इस्लामी देशों के सहयोग संगठन ओआईसी की आपात बैठक होने वाली है।