क्रोएशियाई टीम के कोच के हाथ में सफ़ेद तसबीह का क्या है राज़, जानिये!

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फ़ीफ़ा विश्वकप 2018 में इतिहास रचकर रविवार को फ़ाइनल में फ्रांस को टक्कर देने वाली क्रोएशिया की टीम के कोच का एक दिलचस्प रहस्य सामने आया है।

क्रोएशिया की नेश्नल फ़ुटबाल चीम के कोच ज़्लाट्को डालिच ने रूस में खेले जा रहे फ़ीफ़ा विश्वकप के फ़ाइनल में अपनी टीम को पहुंचाकर इतिहास रच दिया है। क्रोएशिया ने 1998 में पहली बार फ़ीफ़ा विश्वकप में भाग लिया था और यह टूर्नामेंट फ़्रांस में ही खेला गया था।


इस बीच, मैच के दौरान बहुत ही शांत नज़र आने वाले क्रोएशियाई टीम के कोच डालिच ने हाथ में तसबीह या माला लेकर उसके दानों को घुमाने के रहस्य से पर्दा उठाया है।

सेमीफ़ाइनल के दौरान, ज़्लाट्को डालिच के हाथ में तसबीह थी और तसबीह वाली उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हुई थीं।

इन तस्वीरों को देखकर ऐसा लग रहा था कि डालिच अपने खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां समझाने के साथ साथ इस ऐतिहासिक क्षण में अपने ईश्वर को याद कर रहे हैं और उसका नाम जप रहे हैं।

ख़ुद उनसे जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया, यह सफ़ेद तसबीह हमेशा मेरे पास होती है और इससे मुझे विशेष शांति का आभास होता है। जो कुछ भी मैंने अपने जीवन में हासिल किया है वह सब ईश्वर की कृपा से है, इसलिए मैं हमेशा उसे याद रखता हूं।

क्रोएशिया के कोच का कहना था कि ईश्वर पर दृढ़ विश्वास और मज़बूत ईमान मेरी सफलता का राज़ है। जब इंसान को कहीं से कोई उम्मीद नहीं होती, तो उस समय केवल ईश्वर होता है जिससे वह उम्मीद कर सकता है।

क्रोएशियाई खिलाड़ियों का भी कहना है कि अपने कोच की इस सकारात्मक सोच का उनके खेल पर भी काफ़ी सकारात्मक असर पड़ता है, यही कारण है कि बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों में भी वे अच्छा प्रदर्शन करके परिणाम को अपने हक़ में मोड़ लेते हैं।

इसकी एक झलक हमें इंग्लैंड के साथ खेले गए सेमीफ़ाइनल में देखने को मिली। ख़िताब के लिए मज़बूत दावेदार मानी जा रही इंग्लैंड की टीम ने मैच के पांचवें मिनट में ही गोल दाग़ दिया, लेकिन क्रोएशिया ने न सिर्फ़ गोल बराबर किया बल्कि मैच जीतने वाला गोल भी किया।