क्‍या मास्‍टरबेशन हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या को रोकता है?

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मास्‍टरबेशन को हेल्‍थी सेक्‍स लाइफ का एक जरूरी हिस्‍सा माना जाता है। मगर क्‍या हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या आपको ऐसा करने से रोकती है? क्‍या आपको लगता है कि हाई ब्‍लड प्रेशर में मास्‍टरबेशन करने से आप किसी परेशानी में फंस सकते हैं? हम आपको बता रहे हैं कि हाई ब्‍लड प्रेशर और मास्‍टरबेशन में क्‍या संबंध है?

एक हेल्‍थी व्‍यक्ति जब मास्‍टरबेशन के बाद इजेक्‍युलेट होता है तो उस वक्‍त उसका ब्‍लड प्रेशर बढ़ जाता है। जब आप सेक्‍स या मास्‍टरबेशन करते हैं तो आपकी बॉडी वही हॉर्मोन रिलीज होते हैं जो तनाव के वक्‍त रिलीज होते हैं। इन्‍हीं हॉर्मोन की वजह से मास्‍टरबेशन या सेक्‍स के वक्‍त आपकी हार्ट रेट और ब्‍लड प्रेशर बढ़ जाता है। इजेक्‍युलेशन के बाद कम से कम 10 मिनट तक आपका ब्‍लड प्रेशर बढ़ा रहता है।

मास्‍टरबेशन को ब्‍लड प्रेशर का कारण नहीं माना जा सकता। अलबत्‍ता मास्‍टरबेशन करने से ब्‍लड प्रेशर कुछ देर के लिए बढ़ जरूर जाता है। मगर यह ब्‍लड प्रेशर का मूल कारण नहीं हो सकता। अगर आपको पहले से ही हाइपरटेंशन या ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या है तो मास्‍टरबेशन करने से परहेज करें।

अगर आपको हाइपरटेंशन की समस्‍या है और आप इसके बारे में नहीं जानते तो आप हाई रिस्‍क पर हैं। ऐसा होने पर आपको कार्डियक अरेस्‍ट, स्‍ट्रोक, हार्ट अटैक या फिर वास्‍कुलर अटैक हो सकता है।

खैर ऊपर बताई गई बातों से डरने की जरूरत कतई नहीं है। इस प्रकार की घटनाएं बहुत ही रेयर होती हैं मास्‍टरबेशन के वक्‍त किसी को हार्ट अटैक आए। डरने की बजाए आप अपनी दिनचर्या में कुछ विशेष फिजिकल ऐक्टिविटीज शामिल करके रिस्‍क को कम कर सकते हैं।

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उसे मास्टरबेशन द्वारा ख़ुद को संतुष्ट करना सही लगता है…

मेरी 17 साल की बेटी हस्तमैथुन की आदी है. मेरे सामने इसे स्वीकार करने में उसे झिझक भी महसूस नहीं हुई. उसका मानना है कि इस तरह से ख़ुद को संतुष्ट करना सही है, जबकि मुझे इस बात पर शर्मिंदगी महसूस हुई. मैं क्या करूं?

– विमी सारस्वत, पनवेल.

सबसे पहले तो आप अपने मन से ग्लानि की भावना को निकाल दें. पुरुष या लड़कों की तरह किसी लड़की को हस्तमैथुन की आदत होना कोई असामान्य बात नहीं है. हां, यह और बात है कि महिलाएं आपस में कभी भी इस पर चर्चा नहीं करतीं. आपको फख़्र होना चाहिए कि आपकी बेटी ने आपसे यह बात छुपायी नहीं. आप उसे बताएं कि कोई भी क्रिया यदि आदत बन जाए हो, तो वह नुक़सानदेह होती है. उसे शारीरिक विकास से जुड़े तथ्य और स्वस्थ पहलुओं के बारे में बताएं.

मैं 26 साल का हूं. मेरे लिंग के ऊपर कुछ बारीक-बारीक फुंसियां हो गई हैं, जो कई महीने से हैं. डॉक्टर इसे उपदंश रोग कहते हैं. एलोपैथिक दवा ली, लेकिन ख़ास फ़ायदा नहीं हुआ. मेरी यह बीमारी संभोग से नहीं हुई है, क्योंकि बचपन से लेकर आज तक मैंने कभी स्त्री-सहवास नहीं किया है. कृपया, मुझे इससे छुटकारा दिलाएं.

– अवनित सेठ, जालंधर.

आपकी समस्या स्किन से संबंधित है, जो किसी इंफेक्शन के कारण हुई है. यह आपकी ग़लतफ़हमी है कि यह कोई सेक्सुअल समस्या है. अपने गुप्तांगों को बहुत ही सौम्य साबुन से साफ़ करें और गुनगुने पानी से धोएं. ऐसा दिन में कम-से-कम 3-4 बार करें. आपकी समस्या जल्द ही दूर हो जाएगी. अपने अंदरूनी कपड़े ढीले-ढाले और कॉटन के पहनें. चुस्त अण्डरगारमेंट ना पहनें. इसके अलावा किसी डर्माटोलॉजिस्ट या स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह ज़रूर लें.

डॉ. राजीव आनंद
सेक्सोलॉजिस्ट
(dr.rajivanand@gmail.com)
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मास्टरबेशन के दौरान भूल कर भी न करें ऐसी ग़लतियां
मास्टरबेशन (हस्तमैथुन) से कई वर्जनाएं जुड़ी होती हैं, बावजूद इसके यह एक खूबसूरत अहसास है. इसका मकसद है अपने शरीर को एक्सप्लोर करना और यह जानना है कि उसे क्या पसंद है और क्या पसंद नहीं है और अपने शरीर को अंतरंग रूप से किस तरह से समझा जा सकता है. हालांकि कई बार मास्टरबेशन के दौरान भी ऑर्गज्म हासिल करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि मास्टरबेशन के दौरान आपको कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.

अक्सर महिलाएं इस बात को लेकर शर्मिंदगी महसूस करती हैं कि उन्होंने खुद को संतुष्ट करने की कोशिश की. इस अपराधबोध के पीछे पारिवारिक कारण हो सकते हैं जिस वजह से हमें ऐसा लगता है कि हमने अपने आदर्शों से धोखा किया है. अपराधबोध या शर्मिंदगी महसूस करना, मास्टरबेशन की सबसे बड़ी बाधा है. जब आप खुद को संतुष्ट रखने की बात से शर्मिंदगी महसूस करती हैं तो जाहिर सी बात है आप इसे अपने पार्टनर से छिपाती हैं. यह फीलिंग आपको स्वतंत्र रूप से मास्टबेट करने से रोक देती है क्योंकि आपको लगता है कि ऐसा कर आप अपने पार्टनर से विश्वासघात या छल कर रही हैं.

कई महिलाओं को क्लाइमैक्स तक पहुंचने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है. इसका मतलब यह नहीं है कि उन महिलाओं में कुछ कमी है. हर महिला का शरीर एक दूसरे से अलग होता है और सभी का शरीर अलग-अलग तरह से काम करता है. अगर मास्टरबेशन शुरू करने के 2 मिनट के अंदर ही आप क्लाईमैक्स तक न पहुंचे तो उसे बीच में ही बंद न कर दें यह सोचकर क्लाइमैक्स होगा ही नहीं.