क्‍या सेक्‍सुअल हिस्‍ट्री मालूम चल जाती है

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मानव के मन में अनेक आशंकाएं, इक्षाएं पलती हैं, यह मनुष्य के स्वाभाव पर निर्भर करता है कि वह किस प्रकार से अपनी बात को प्रकट करता है |

जब कभी सेक्‍सुअल स्‍वास्‍थ्‍य की बात आती है तो यहां कुछ ऐसी चीजें होती है जो हम अक्‍सर पूछने से शर्माते हैं। जैसे क्‍या वजाइना से फार्ट की आवाज आना या सेक्‍स के दौरान यूरिन आ जाना क्‍या आम बात है? क्‍या दिन में कई बार मास्‍टरबेट करना सामान्‍य सी बात है? ये कुछ ऐसे सवाल है जो हम अक्‍सर हेल्‍थ एक्‍सपर्ट से पूछने से कतराते हैं।

लेकिन इसके अलावा एक चीज और भी होती है जो दिमाग में घूमती रहती है वो है कि क्‍या ग्‍यानाक्‍लॉजिस्‍ट आपके वजाइना की जांच करके आपकी सेक्‍सुअल हिस्‍ट्री के बारे में बता सकती है, जैसे कि कोई अभी भी वर्जिन है या नहीं। और कोई सेक्‍सुअल एक्टिव है तो सेक्‍स की फिक्‍वेंसी, क्‍या वो ये भी बता सकते है कि कितने पार्टनर के साथ उनके मरीज ने सेक्‍स किया है? ऐसे ही सवाल अगर आपके मन में चल रहे हैं तो आइए जानते है कि क्‍या सिर्फ वजाइना टेस्‍ट से आपकी सेक्‍सुअल हिस्‍ट्री मालूम चल सकती है।

क्‍या सेक्‍सुअल हिस्‍ट्री मालूम चल जाती है
विशेषज्ञों की मानें तो कोई भी आपके वजाइना का परीक्षण करके आपके सेक्‍सुअल हिस्‍ट्री के बारे में मालूम नहीं लगा सकता है। क्‍योंकि वजाइना एक तरह से इलास्टिक ऑर्गन है। ये सेक्‍स के दौरान ये पेनिस की साइज के हिसाब से खुद ब खुद अडजस्‍ट करता है। सेक्‍सुअल सेशन खत्‍म होने के बाद ये तुरंत ये अपनी ऑरिजनल शेप में वापस लौट जाता है। हालांकि हाइमन ब्रेक हुआ है या नहीं उसके लिए कई तरह के जांच हैं। हॉर्स राइडिंग, जिमानास्टिक और बाइकिंग जैसे लाइफस्‍टाइल फैक्‍टर की वजह से बिना सेक्‍स किए भी आपका हाइमन ब्रेक हो सकता है। तो इन टेस्‍ट की वजह से आपकी वर्जनिटी के बारे में कुछ मालूम नहीं चलता हैं।

क्‍या सेक्‍स लाइफ के बारे में मालूम चल जाता है
विशेषज्ञों की माने तो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपकी सेक्‍स लाइफ कैसी है? आपका वजाइना का शेप कभी भी नहीं बताएगा कि आपकी सेक्‍स लाइफ स्‍टाइल कैसी है। क्‍योंकि ऐसा ऊपर बताए गए समान कारण के वजह से होता है कि एक बार अगर सेक्‍स सेशन खत्‍म हो जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कितनी देर और आपने कितनी बार सेक्‍स किया है।

प्रोसेस
जब एक महिला उतेजित होती है तो तब उसके वजाइना में कुछ निश्चित रुप से बदलाव होने लगते है, क्‍योंकि उस समय उस स्‍थान पर रक्‍त संचारित बहुत तेजी से होने लगता है। जब तक इसे आराम नहीं मिल जाता यह आकार में विस्तारित होने लगता है। उसके बाद ये आराम से अपनी सामान्‍य साइज में लौट जाता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि पेनिस का साइज क्‍या है, वजाइना में खिंचाव आने के लिए नेचुरली रुप से लुबिक्रेंट्स बनता है।

अगर नॉर्मल साइज में नहीं गया तो
ये बहुत सामान्‍य सी बात है, अगर आप अपने नीचे की तरफ पहले की तरह ज्‍यादा टाइट फील नहीं कर रही हैं, तो इसका ये मतलब लीं है कि आपकी वजाइना ने लचीलापन खो दिया है। हो सकता है सेक्‍स के बाद उसे आपने मूल रुप में लौटने में थोड़ा समय लग गया हो। सिर्फ दो वजह से ऐसा हो सकता है जब आपको लगें कि आपको वजाइना के लचीलेपन में फर्क आया है, एक तो डिलीवरी के बाद दूसरा मेनोपोज के बाद ही। हालांकि डिलीवरी के बाद भी वजाइना अपने पुराने शेप में वापस आने में छह महीने का समय ले लेती है। मेनोपोज में भी ऐसा होता है लेकिन कुछ निश्चित मेडिकेशन और एक्‍सरसाइज के जरिए आप अपने वजाइना को टाइट मैंटेन रख सकते हो।

नतीजा
ये सिद्ध करता है कि हम चाहे कितने भी पार्टनर के साथ क्‍यूं ना इन्‍वॉल्‍व हो जाएं लेकिन ग्‍यानाक्‍लॉजिस्‍ट के पास किसी तरह के जांच से आपके सेक्‍सुअल हिस्‍ट्री के बारे में मालूम नहीं चलता है।