खण्डवा के गुरुपूर्णिमा पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुस्लिमों ने तर्क किया बरसों पुराना रिवाज़

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शहर में आये श्रद्धालुओं के लिए मुस्लिमों ने पेश की मिसाल

खण्डवा (इस्माईल खान) – शहर में चल रहे गुरु पूर्णिमा पर्व पर हर कोई भक्ति में लीन दिख रहा है तो वहीं शहर वासी भी अपनी ओर से दादाजी भक्तों की सेवा में छोटी से छोटी कसर भी बाकी नहीं रखना चाहते हुए दिखाई दे रहे हैं । पूरा शहर ही बाहर से आने वाले मेहमानों की सेवा में लगा हुआ है, वहीं इसी कड़ी में मुस्लिम समाज ने भी शुक्रवार दोपहर सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की ।

गुरुवार रात शहर के कहारवाड़ी क्षेत्र में रहने वाले शहादत ड्रायवर की मौत हो गयी थी जिनकी जनाजे की नमाज जुमे की नमाज के बाद कहारवाड़ी स्थित मोती मस्जिद के बाहर अदा की जाना थी ।

प्रतीकात्मक फोटो

ज्ञात हो कि कहारवाड़ी एंव आसपास के पूरे क्षेत्र में मुुस्लिम समाज मेें से किसी की भी मौत हो जाने पर उनकी जनाजे की नमाज कहारवाड़ी मस्जिद के बाहर  पढ़ाई जाने की बरसों पुरानी परंपरा रही है, जिसमे जुमे का दिन होने से बड़ी तादाद में नमाजी इकट्ठे होकर नमाज अदा करते हैं, और इस नमाज हेतु लगभग 10 मिनट के लिए मस्जिद के सामने की सड़क का ट्रैफिक तक रोका जाता रहा है ।

किंतु गुरु पूर्णिमा पर्व होने से बड़ी संख्या में इस मार्ग से गुजर रहे श्रद्धालुओं के जत्थों को परेशानी न हो इस हेतु कहारवाड़ी मस्जिद के पेश इमाम जनाब क़ारी अब्दुल हकीम साहब ने निर्णय लिया के आज बरसों से चली आ रही परम्परा को तोड़ते हुए मय्यत की नमाज कहारवाड़ी मस्जिद के बाहर न पढ़ाते हुए सीधे कब्रस्तान के बाहर ही पढ़ाई जाए, जिसका सभी समाजजनों ने स्वागत किया, और जुमे की नमाज के बाद उक्त नमाज कब्रस्तान के बाहर पढाई गयी जिससे शहर का ट्राफिक भी अनवरत चलता रहा और मय्यत की नमाज भी अदा हो गयी एवं श्रद्धालुओं को भी परेशानी न हुई ।