गणेश जी को कभी भी दूध पिलाया जा सकता है, देश बचाना है तो जागते रहिये!

गणेश जी को कभी भी दूध पिलाया जा सकता है, देश बचाना है तो जागते रहिये!

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84 से क्रिकेट समझना शुरू किया और इन अफवाहों के साथ बड़ा हुआ कि पाकिस्तान की जीत पर मुसलमान पटाखे जलाते हैं, मिठाई बांटते हैं। बाबरी मस्जिद- राम जन्म भूमि विवाद गरमाया , ताला खुला, शिलान्यास हुआ, कार सेवा हुई, पहली बार भाजपा की सरकारें बनीं, 2 से 86 सांसद तक पँहुचें, 89- 90 आते आते मक़सद पूरा होने लगा और इस तरह की क्रिकेट में फैली अफवाहें मरती चली गयीं।

न कभी मुझे कोई पटाखे जलाते मिला न मिठाई बाँटते । सब अपने ही जैसे मिले। हाँ, हर बात पर मुसलमानो को पाकिस्तानी कहने से कुछ मुस्लिम नौजवान इनसे चिढ़ते और खुन्नस खाते ज़रूर मिले ।

हिन्दू लड़के खुल के गावस्कर, श्रीकांत , शास्त्री ,प्रभाकर के ख़राब खेल की आलोचना कर सकते थे। अच्छा खेलने पर अकरम, युनुस ,कादिर की तारीफ भी । मगर मुस्लिम हिचकिचा जाते थे ,उनकी असहजता हमारे अफवाह तंत्र का नतीजा थी।

आज 27 साल बाद फिर वही अफवाह तंत्र सक्रिय है। पिछले 3-4 साल तो सिर्फ झूटी अफवाहों ,मॉर्फड चित्रों , मिडिया द्वारा न केवल चुनाव जीते बल्कि पूरे देश को बाँट कर रख दिया।

आज 27-28 बरस बाद फिर इस मुल्क के मुसलमान निशाने पर हैं। आज क्रिकेट की हार के बाद तेज़ी से ये पटाखे छुड़ाने ,मिठाई बांटने की अफवाह फैलाई जा रही है। कोई भी कभी भी अफवाहें फैला के दंगे भड़का सकता है।

हमें सारे गैरज़रूरी मुद्दो, क्रिकेट, गाय, गो मूत्र, योग, मंदिर, शहरों के नाम बदलना, जे एन यू यानी किसी में भी उलझाया जायेगा…
बस हम बेरोज़गारी, मंहगाई, कानून व्यवस्था, ख़राब रेल, फेल बैंकिंग, काला धन, किसानों की मौत, महंगी फीस का हिसाब न माँगे।
सावधान रहिये, गणेश जी को कभी भी दूध पिलाया जा सकता है । देश बचाना है तो जागते रहिये।
कव्वा कभी कान नहीं ले जाता