#गुजरात सरकार की स्वीकृति से उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ चलाया जा रहा हिंसक अभियान

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Nizamuddin Khan
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बलात्कार एक घृणित अपराध है जिसके लिए दोषी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिये लेकिन किसी एक के अपराध के लिए उसके पूरे समाज, ज़ाति, साम्प्रदाय, भाषी या क्षेत्र के लोगों, को दोषी मानकर हिंसात्मक कृत्य न्यायोचित कैसे हो सकता है यह भी एक सघन अपराध है जो समाज और देश को विघटन, अलगाववाद और विनाश की ओर ले जाता है इस से कटुता घृणा और नफरत की भावनाओं को बल मिलता है अतीत में भी ऐसा होता रहा है राजनैतिक लाभ के लिए नफरत का बीज बोया जा रहा था यह उसका दुष्परिणाम है जिससे आज आम जन मानस प्रभावित हो रहा है गुजरात में उत्तर भारतीयों के खिलाफ चलाया जा रहा हिंसक अभियान पूरी तरह संगठित तथा सत्ता का संरक्षण प्राप्त है सत्ता पक्ष एंव सरकार की मौन स्वीकृत बिना इतने दिनों और इतने व्यापक स्तर इसे नहीं चलाया जा सकता है आज गुजरात में उत्तर भारतियों के साथ जो हो रहा है वह अति घृणित, निन्दनीय एंव विनाशकारी है, । पहले हमेें हिन्दू-मुसलमान बनाया गया, फिर हम सवर्ण और दलित हो गये अब हमें बंगाली, मराठी, गुजराती, पंजाबी, बिहारी, यूपीवाला, दिल्ली वाला आदि बनाया जा रहा है । जाति, धर्म, भाषा, प्रांत परप्रांत आदि के नाम पर नफरत और हिंसा फैलाने वालों को यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि जब गोडसे ने गांधी की हत्या की थी तब कितने चित्तपावन ब्रहमणों का क़त्ल हुआ था और कितनो को दिल्ली और उत्तर भारत छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था ? देश में वैसा ही वातावरण रहने दें तो अच्छा है