गोधरा, गुजरात नरशंहार, मंदिरों पर आतंकी हमले, धमकी के पत्र, फ़ोनकॉल, मेल, हरेन पंड्या की हत्या का राज़दार : वीडियो

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विहिप के अंतर राष्ट्रीय अध्यक्ष हुआ करते थे डॉक्टर प्रवीण तोगड़िया, मगर अब उनको विहिप से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, कट्टर, हिन्दुत्वादी प्रवीण तोगड़िया को जो भी जानता पहंचानता है, वह उनके आग लगा देने वाले, दंगा करवा देने वाले, एक से एक गंदे भाषणों की वजह से जानता है,

प्रवीण तोगड़िया अब 17 अप्रैल से नरेन्द्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहे हैं, तोगड़िया अब आर पार की लड़ाई की तैयारी में हैं, नतीजा क्या होगा यह तो समय ही बतायेगा, फिलहाल तोगड़िया, अडवाणी की लाइन में लगने वाले नयी भर्ती हैं, जो भी मोदी के रास्ते में आयेगा, मार्गदर्शक बन जायेगा, तोगड़िया 17 अप्रैल से गुजरात के अहमदाबाद में अनशन पर बैठेंगे,

प्रवीण तोगड़िया इसी साल 16 जनवरी की रात को रोते हुए मीडिया के सामने आये थे और कहा था कि उनका एनकाउंटर होने वाला है, तोगड़िया अब आरएसएस के लिए काम के नहीं रहे हैं, आरएसएस की मज़बूरी है वह इस समय मोदी के खिलाफ कुछ नहीं कर सकता है, मोदी और तोगड़िया का पुराना छत्तीस का आंकड़ा है

तोगड़िया विहिप में रहते हुए कई और भी काम करते रहे थे, सूत्रों के अनुसार तोगड़िया की निगरानी में गोधरा और गुजरात का नरशंहार हुआ था, यही नहीं मंदिरों पर होने वाले आतंकवादी हमलों और धमकी भरे फोन कॉल, मेल, पत्रों का काम भी इनकी जानकारी और निगरानी में होते थे| ये कई मामले हैं जिनकी वजह से तोगड़िया की कमज़ोर नस मोदी और अमित शाह के पास दबी हुई है अब देखना यह है कि तोगड़िया कौनसी और कैसी चालें चलेंगे, वैसे मोदी को मात देने के लिए उनके पास कोई मोहरा नहीं है मगर कई बार ‘तुरुप’ की दुग्गी सामने वाले के ‘इक्के’ को पीट देती है|

तोगड़िया को नरेन्द्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही ‘लपक” लिया था, बड़ा जलवा था तोगड़िया का, एयर पोर्ट पर उन्हें रिसीव करने के लिए हज़ारों लोग सैंकड़ों वाहन पहुँचते थे, तोगड़िया अनिल शर्मा की हुकूमत फिल्म के DBDN की तरह जुलुस के साथ निकलते थे, मगर मोदी से छिड़ी लड़ाई की वजह से इनको इतना सीमित कर दिया गया था कि बाद में केवल एक कार और उसका चालक ही एयरपोर्ट पर आया करता था,

तोगड़िया कई साल तक गुजरात में नहीं घुसे, हरेन पंड्या की हत्या ने उन्हें डरा दिया था, सूत्रों के मुताबिक हरेन पंड्या की हत्या के मांमले में तोगड़िया को सब कुछ, बहुत कुछ पता है, मोदी और अमित शाह को भी पता है,,,,जनता को कुछ नहीं पता,,,होना भी नहीं चाहिए, और पता होने पर जनता करेगी भी तो क्या,,,मोदी ज़िंदाबाद या तोगड़िया ज़िंदाबाद,,,,दोनों ही सूरतों में किसी न किसी हत्यारे का महिमा मंडन होगा

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