छोटे जीव-जंतु हमारे मुक़ाबले काफ़ी धीमी गति से दुनिया को देखते है

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छोटे जीव-जंतु हमारे मुकाबले काफी धीमी गति से दुनिया को देखते है। ताजा शोध् से यह पता चला है कि मक्खियों या अन्य छोटे जीव हमारी तुलना में बिल्कुल अलग गति से समय का अनुभव करते है। वास्तव में इन छोटे जीवों द्वारा धीमी गति से चीजो का अनुभव करने के कारण ही उनके पास काफी तेज गति से प्रतिक्रिया करने और सजग होने की क्षमता आ जाती है। वैज्ञानिको ने एक अध्ययन किया है छोटे जीव कैसे अपनी दुनिया का अनुभव करते है। उनके और मनुष्यों के अनुभव में कैसा अंतर है। अध्ययन बताते है छोटे शरीर वाले जीव में काफी तेज गति से मेटाबॉलिज़्म(Metabolism) क्रिया के साथ प्रति सेकंड अधिक जानकारी ग्रहण करने की भी क्षमता मौजूद होती है। ये जीव हर समय किसी भी दृश्य को हाई रेसोलुशन में देखते है और हमारे लिए उनका दृष्टिकोण धीमी गति की फ़िल्म(Slow motion movie) की तरह दिखेगा। कुत्तों को मनुष्य की तुलना में 25% अधिक तेज दृश्य जानकारी(Visual information) मिलती है इस कारण कुत्ते टीवी को प्रभावी ढंग से नही देख सकते। कुत्ते को टीवी स्क्रीन एक अस्थिर छवियों की श्रृंखला की तरह दिखती है और मक्खियों के लिए धीमी गति दृश्य।
इसी कारण जब भी आप किसी मक्खी को मारने के लिए हाथ बढ़ाते है तो उसके पास बच निकलने के लिए बहुत समय होता है क्योंकि उसके अनुसार आपका हाथ बहुत धीमी गति से उसके पास आ रहा होता है।
• एक मक्खी एक इंसान की तुलना में प्रति सेकंड 7 गुना अधिक ऑडियो और दृश्य सूचना ले सकता है।
• विशेष रूप से खतरनाक या तनावपूर्ण स्थिति में मनुष्य भी समय को धीमी गति से महसूस करता है।
• मनुष्य की तुलना में मक्खियों, गिलहरियों और कबूतर एक ही बार मे कई सारी जानकारी लेने में विशेष रूप से कुशल होते है।