जब बाहर की दुनिया में ‘विलेन’ समझे जाने वाले लड़के रोते हैं!

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Pratima Jaiswal
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जब पूरे घर को संभालने वाले और बाहर की दुनिया में ‘विलेन’ समझे जाने वाले लड़के रोते हैं, तो उन्हें किसी खूबसूरत दुनिया में ले जाने का मन करता है. उन्हें गले लगाकर और माथे को चूमते हुए ऐसी दुनिया में ले जाने का मन करता है, जहां उनपर बच्चे से लड़के और लड़के से मर्द बनने का दबाव न हो. जहां उन्हें ये शोर न सुनाई दे कि ‘दुनिया के सारे लड़के एक जैसे होते हैं’.

उस दुनिया में जिंदगी के लैपटॉप पर ये लड़के वो सबकुछ टाइप कर पाएंगे, जो उन्हें कभी अपनी कहानी में चाहिए था. इस कीबॉर्ड में डिलीट बटन दबाकर वो उन सभी कहानियों-किस्सों से अपना पीछा छुड़ा लेंगे, जिनसे वो रोजाना भाग रहे हैं.

इस कीबोर्ड में ‘CTRL+Z’ बटन उनका सबसे भरोसेमंद दोस्त होगा, जिसे दबाकर वो उन किरदारों को अपनी जिंदगी में वापस ला सकते हैं, जिन्हें वो अपने नन्हे हाथों और छोटे-छोटे कदमों से दौड़कर रोक नहीं सके.

उस दुनिया में ये लड़के फिर से ऑफिसों से वापस आकर गली में क्रिकेट बैट उठाकर बेफिक्र होकर खेलने निकल जाएंगे. उस दुनिया में हार-जीत जैसा कोई मुकाबला नहीं होगा. वो मुस्कुराकर दिल जीत लिया करेंगे.

उस दुनिया में वक्त से पहले जिम्मेदार होने का कोई दबाब नहीं होगा. उस खूबसूरत दुनिया में गैर-जिम्मेदार पिता के दाग-धब्बों को धोने के लिए उन्हें हर रोज वाशिंग पाउडर खरीदने के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. उस दुनिया में वो पिता के गैर-जिम्मेदार रवैए को कुछ पलों के लिए भुलाकर उन्हें याद कर सकेंगे. इन यादों में वो मेले-बाजारों में पिता के कंधों पर बैठकर चमकती आंखों से सपने बुनेंगे. उस दुनिया में उन्हें इन बातों के लिए कोई जज भी नहीं करेगा. उनके रोने पर पाबंदी नहीं होगी. उनके अंदर के बचपने को देखकर कोई मखौल नहीं उड़ाएगा.

इन विलेन टाइप लड़कों को रोता देखकर ऐसी खूबसूरत दुनिया में ले जाने का मन करता है, जहां ये रोते-रोते अचानक आसमान में उड़ती तितलियों को देखकर चहककर हमारे गले से लग जाएंगे. ये खलनायक जैसे लड़के असल दुनिया में बेहद खूबसूरत होते हैं. मुझे भी ऐसे ही एक लड़के को ऐसी खूबसूरत दुनिया में ले जाना है.
~प्रतिमा