जांच के बाद ट्रम्प की मुशकिलें बढ़ीं, कुर्सी पर झूल रही है तलवार

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अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा क़रीबी सहयोगी माइकल फ़्लेन की नई स्वीकारोक्ति के बाद ट्रम्प की मुशकिलें बढ़ गई हैं।

माइकल फ़्लेन ने जांचकर्ताओं के सामने स्वीकार किया है कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान तथा सत्ता हस्तांतरण के समय रूसी दूतावास से संपर्क के बारे में एफ़बीआई के सामने झूठ बोला था। इस स्वीकारोक्ति के बाद इस बात की संभावना प्रबल हो गई है कि अलगे चरण में जांच का दायरा राष्ट्रपति ट्रम्प तक पहुंच जाए।

माइकल फ़्लेन ने कई संवेदनशील मामलों में रूसी दूतावास से संपर्क का मामला सामने आ जाने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से त्यागपत्र दे दिया था। इस बार दूसरा मामला भी सामने आया है जिसमें फ़्लेन ने सुरक्षा परिषद में इस्राईल की आलोचना पर आधारित प्रस्ताव के मामले में रूसी राजदूत से संपर्क साधा था।

फ़्लेन पर आरोप है कि उन्होंने वाशिंग्टन में रहते हुए रूस के हितों के लिए काम किया और राजनैतिक मामलों में मास्को के दौरे भी किए जो इंटेलीजेन्स के वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते फ़्लेन के लिए अनुचित बताए जाते हैं।

अपनी इस स्वीकारोक्ति से फ़्लेन ने ट्रम्प को बड़ा झटका दिया है क्योंकि इससे पहले तक वह ट्रम्प के पक्ष में बयान देते रहे थे। फ़्लेन ने अब कहा है कि उन्होंने इस समय वाइट हाउस में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर रूसी अधिकारियों से संपर्क किया था। फ़्लेन ने अपने इस इक़बालिया बयान के बारे में कहा कि मैंने अपने परिवार और देश के लिए जो उचित समझा उसके आधार पर अपनी ग़लती स्वीकार कर ली है।

न्यूयार्क टाइम्ज़ ने लिखा है कि फ़्लेन ने अपने इस बयान से राष्ट्रपति ट्रम्प को गहरा आघात पहुंचाया है क्योंकि इससे पहले तक वह बार बार रूसी अधिकारियों से संपर्क के मामले मे एफ़बीआई की जांच को बाधित करते रहे थे।

क़ानूनी मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीका के राष्ट्रपति चुनावों में रूस के हस्तक्षेप के मामले की जांच कर रहे मूलेर जनरल फ़्लेन के बाद अब ट्रम्प के दामाद जेर्ड कूशनर से पूछताछ करेंगे।

वाशिंग्टन पोस्ट ने एक लेख में कहा है कि जनरल फ़्लेन के बयान से बहुत कुछ बदल जाएगा।

एटलांटिक मैगज़ीन के टीकाकार डेविड ग्राहम ने लिखा है कि अगर फ़्लेन छोटी मछली हैं तो फिर मुलेर के जाल में फंसने वाली बड़ी मछली कोन है? उनका अनुमान है कि ट्रम्प अब कई मामलों में मूलेर के जाल में फंसने वाले हैं।