#जिसकी_तुम_पुजा_करते_हो_ये_ना_तुमको_लाभ_दे_सकते_हैं_और_ना_ही_हानि_पहुंचा_सकते_हैं!

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Mohammad Saifullah

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#ह़ज़रत आदम अ़लैहिस्सलाम से लेकर ह़ज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अ़लैहे वसल्लम तक जितने भी नबी और रसूल संसार में आए सबने सिर्फ और सिर्फ एक ख़ुदा ही की इबादत की. ख़ुदा ने जितनी भी चीज़ों को बनाया, उन में से किसी भी चीज़ की इबादत किसी नबी ने नहीं की. नबीयों ने साफ़ साफ़ और बहुत ही सरल अंदाज़ में लोगों को समझाया कि “ऐ लोगो! इबादत करो उस ख़ुदा की जो मेरा भी पालनहार है और जो तुमहारा भी पालनहार है. नबीयों की बातों को तो बहुत से लोगों ने माना और बहुत से लोगों ने नहीं माना. जिन लोगों ने माना, वह इमान वाले हो गए और जिन लोगों ने नहीं माना वह काफ़िर हो गए.

#जिन लोगों ने नहीं माना था, उन लोगों ने पत्थर/ मिट्टी/ सोना/ चांदी वग़ैरह को तराश कर बुत (मुर्ति) बना लिया और उसी की पुजा करने लगे. अपने हाथों से बुत बनाकर बुत परस्ती करने लगे. यहाँ तक कि अ़रब देश के मक्का शहर के काबा शरीफ़ में भी बुतों की पुजा करने लगे थे और तीन सौ साठ बुतों को काबा शरीफ़ में स्थापित कर चुके थे. इन बुतों में से हर एक का ख़ुदा अलग अलग था. कोई किसी बुत की पुजा करता था तो कोई किसी और बुत की पुजा करता था. जब सबसे आख़री नबी ह़ज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अ़लैहे वसल्लम दुनिया में तशरीफ़ लाए तो मक्का शहर के काबा शरीफ़ से तीन सौ साठ बुतों को बाहर निकलवाकर फेंक दिया था और लोगों से फ़रमाया कि “ऐ लोगों! हमारा और तुमहारा माअ़बूद एक ही है. इसलिए एक ही ख़ुदा की ईबादत करो.

#बदनामे ज़माना, बंगला देशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने अपने ट्वीटर पर भारत में तोड़ी जाने वाली मुर्तियों पर तंज़ करते हुए कहा है कि “तीन सौ साठ मुर्तियों को तोड़ दोगे तो तुम भी मोहम्मद जैसे बन जाओगे”. (मआ़ज़ल्लाह). इस बेलगाम घोड़ी और मुर्तद औरत पर जान से मार डालने का इंआ़म भी रखा जा चुका है. देखने वाली बात यह होगी कि यह नेक काम कौन पुरा करता है? जो इस नेक काम को पुरा करेगा, वह यक़ीनन बहुत ही ख़ुशनसीब इंसान होगा.

#मोहम्मद सैफुल्लाह ख़ां अस्दक़ी तो कहता है कि संसार के किसी भी स्थान पर बुत को देखो तो तोड़ ड़ालो, क्योंकि यह ना तो किसी को लाभ पहुंचा सकते हैं और ना ही किसी को नुकसान ही पहुंचा सकते हैं. नफ़ा नुक़सान और हर चीज़ का मालिक सिर्फ और सिर्फ अल्लाह तबारक व तआ़ला ही है. जिन बुतों के शरीर पर कव्वे, कबूतर आदि बीट कर दें तो यह बुत अपने शरीर पर कव्वे कबूतर आदि को बिट करने से रोक नहीं पाते और ना ही शरीर से बिट को साफ कर सकते हैं तो यह बुत क्या खाक किसी को नफ़ा या नुक़सान पहुंचा सकते हैं? सोचो, ज़रा ग़ौर से सोचो और पोस्ट को आगे शेयर करो.

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