डायबिटीज़, कैंसर और लिवर रोगों से बचाती है ”मूंग दाल”

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एक कप मूंग से आपको केवल 31 कैलोरीज मिलती हैं।
मूंग दाल के सेवन से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।
शाकाहारी लोगों में प्रोटीन की कमी पूरा करने का सबसे अच्छा स्रोत है मूंग।
दालों को प्रोटीन का पावर हाउस कहा जाता है क्योंकि इनमें ढेर सारे प्रोटीन्स, विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में हमारी मदद करते हैं। दालों का सेवन 6 माह के शिशु के लेकर बूढ़े व्यक्ति तक सभी के लिए फायदेमंद होता है। मूंग को बीजों को हम दाल के रूप में, स्प्राउट्स के रूप में और अगल-अलग डिशेज बनाने में इस्तेमाल करते हैं। अंकुरित मूंग में इतना पोषण होता है कि इसे सबसे पौष्टिक ब्रेकफास्ट माना जाता है। आइये आपको बताते हैं कि मूंग आपके सेहत के लिए कितनी फायदेमंद है और इसे शामिल करें अपने आहार में।

पौष्टिक तत्वों से भरपूर है मूंग
मूंग की दाल मैग्नीज, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉलेट, कॉपर, जिंक और कई तरह के विटामिन्स से भरपूर होती हैं। इनमें प्रोटीन, रेजिस्टेंट स्टार्च और डाइट्री फाइबर की मात्रा भी भरपूर होती है। मूंग के एक कप उबले बीज में 212 कैलोरीज, 14 ग्राम प्रोटीन, 15 ग्राम फाइबर, 1 ग्राम फैट, 4 ग्राम शुगर, 321 माइक्रोग्राम फॉलेट, 97 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 7 मिलीग्राम जिंक, 55 मिलीग्राम कैल्शियम होते हैं। इसके अलावा विटामिन बी1 या थियामिन, विटामिन बी5 और विटामिन बी6 भी होता है।

अगर आप मूंग को बिना उबाले यानि कच्चा खाते हैं, तो एक कप मूंग से आपको केवल 31 कैलोरीज मिलती हैं जबकि प्रोटीन 3 ग्राम और फाइबर 2 ग्राम मिलता है।

कैंसर से बचाव
मूंग दाल में एमिनो एसिड्स जैसे पॉलीफेनॉल्स, ऑलिगोसेकेराइड्स आदि भी होते हैं इसलिए इनके सेवन से कैंसर जैसे गंभीर रोगों से भी बचाव रहता है। ये सभी तत्व शरीर में एंटीऑक्सि़डेंट्स की तरह काम करते हैं, जिससे सेल म्यूटेशन की प्रक्रिया नहीं हो पाती है और डीएनए डैमेज नहीं होते हैं। इसमें मौजूद फ्लैवेनाइड्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।

डायबिटीज से बचाव
शोधों से पता चला है कि मूंग के दाल के सेवन से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है। इसके सेवन से प्लाज्मा सी-पेप्टाइड, ब्लड ग्लूकोज और कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इसके अलावा ये शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ाने में मददगार है इसलिए मूंग दाल का सेवन डायबिटीज की आशंका को कम करता है।

लिवर रोगों से बचाती है मूंग
मूंग में मौजूद प्रोटीन न सिर्फ हड्डियों और मांसपेशियों को पोषण देते हैं बल्कि ये लिवर को भी कई तरह के रोगों से बचाते हैं। शाकाहारी लोगों में प्रोटीन की कमी को पूरा करने का सबसे अच्छा स्रोत मूंग है। इसे खाने से लिवर डैमेज होने की आशंका कम हो जाती है। मूंग दाल में मौजूद तत्व लिवर को ठीक से काम करने में सहायता करते हैं।

पचाने में आसान
अक्‍सर जब घर में कोई बीमार होता है या पेट संबंधी कोई समस्या होती है तो उसे मूंग की दाल के साथ चावल खिलाए जाते हैं। दरअसल, दाल-चावल आपकी पाचन क्रिया को आराम देता है। इसमें पाए जाने वाले प्रोटीन आसानी से टूट जाते हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया पर ज़ोर नहीं पड़ता।

ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल करे कम
अपने नियमित भोजन में स्‍प्राउट्स का एक सीमित भाग रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इसमें सोडियम नहीं होता। सोडियम हाईबीपी की सबसे बड़ी वजह होता है। इसके अलावा, अंकुरित रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है, पाचन स्वास्थ्य में सुधार, रक्त को साफ कर आपकी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

खून को करती है साफ
मूंग के बीज रक्त को शुद्ध करने में लाभकारी होते हैं। ये आपकी त्वचा से लेकर आपके बालों को निखारने में मदद करती हैं। अगर आप बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो आप अंकुरित मूंग की एक कटोरी रोज़ सुबह नाश्‍ते में लें। ऐसा करने से आपके बालों को सही पोषण मिलेगा और त्वचा भी चमकदार और खूबसूरत रहेगी।