तालिबान द्वारा नष्ट महात्मा बुद्ध की प्रतिमा को पाकिस्तानी लोगों ने फिर से खड़ा किया, क्या भारत की जनता बाबरी मस्जिद को बांयेगी

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भारत और पाकिस्तान के बीच कई दशकों से सम्बन्ध ख़राब हैं, दोनों देश एक दूसरे को नीचा दिखाने, आरोप लगाने और गलियाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, कश्मीर के कारण भारत पाकिस्तान के बीच हमेशा तनाव के हालात बने रहते हैं, भारत का मीडिया पाकिस्तान को लेकर अपना एजेंडा चलता रहता है ताकि जनता में नफरत का प्रचार बढ़ाया जा सके, पाकिस्तान की जनता हो या भारत की दोनों ही अमन चाहते हैं मगर सरकारें अपना काम अपनी तरह से करती हैं|
पाकिस्तान के स्वात स्थित महात्मा बुद्ध की प्रतिमा जो कि तालिबान द्वारा नष्ट कर दी गई थी उसे एक बार फिर पुराने स्वरूप में स्थापित किया गया है। स्थानीय लोगों ने मिलकर इस नष्ट हुई प्रतिमा को फिर से खड़ा किया है।

बता दें कि साल 2007 में 2200 साल पुरानी बुद्ध की प्रतिमा को बारूद से उड़ाने की कोशिश की गई थी। इसमें प्रतिमा के सिर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। जबकि पैर और कंधे भी कुछ हद तक नष्ट हुए थे।

इस प्रतिमा को फिर से बनाने का काम साल 2012 में शुरू किया गया था। जिसमें इटली सरकार की तरफ से 25 लाख यूरो करीब 20 करोड़ रुपए का निवेश किया गया। प्रतिमा को फिर से पहले जैसा बनाने के लिए स्थानीय लोगों ने भी मदद दी।

प्रतिमा के फिर से पहले जैसा हो जाने पर 79 वर्षीय बौद्ध धर्म के विशेषज्ञ परवेश शाहीन ने कहा कि ‘जब यह हमला किया गया तो मुझे ऐसा महसूस हुआ कि किसी ने मेरे पिता को मार डाला। यह प्रतिमा शांति, प्यार और भाईचारे की निशानी है। हम किसी भी धर्म से घृणा नहीं करते न ही किसी से नफरत।’

बता दें कि 2007 में हुए आतंकी हमले में प्रतिमा को ज्यादा क्षति नहीं पहुंची थी। आतंकियों ने प्रतिमा के ऊपर चढ़कर डायनामाइट विस्फोट किए थे लेकिन प्रतिमा के मुहं, पैर और कंधे को ही नुकसान पहुंचा था।

पाकिस्तान जैसे देश ने महात्मा गौतम बुद्ध की प्रतिमा इस्थापित कर एक मिसाल कायम की है अब सवाल उठता है कि क्या भारत की जनता बाबरी मस्जिद को पुनः बांयेगी, भारत के आतंकवादी संगठनों के लोगों ने बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को शहीद कर दिया था|