तालेबान का अमरीका के विरुद्ध “अलख़ंदक़” आप्रेशन शुरु करने का एलान!

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अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान ने अमरीका की ओर से नई अफ़ग़ान नीति की घोषणा के मुक़ाबले में विदेशी सैनिकों के विरुद्ध नये आप्रेशन “अलख़ंदक़” शुरु करने का इशारा किया है।

अफ़ग़ानिस्तान की सरकार समाचार न्यूज़ एजेन्सी ख़ामा प्रेस ने रहस्योद्धाटन किया है कि तालेबान, अमरीका को अफ़ग़ानिस्तान से बेदख़ल करने के लिए “अलख़ंदक़” आप्रेशन शुरु कर रहा है जिसमें सरकार, अफ़ग़ान सुरक्षा बलों और विदेशी सैनिकों को निशाना बनाया जाएगा।

तालेबान ने अपने बयान में दावा किया है कि देश के अधिकतर क्षेत्र विदेशी सैनिकों के प्रभाव में हैं और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की नई अफ़ग़ान नीति से स्पष्ट हो गया हैकि वह अतिरिक्त सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान की धरती पर उतारेंगे। इसके अतिरिक्त तालेबान ने दावा किया है कि विदेशी सैनिकों ने तालेबान के अतिरिक्त पवित्र स्थलों जैसा कि मस्जिदों को भी निशाना बनाना शुरु कर दिया है।

तालेबान ने अफ़ग़ान सरकार की आलोचना करत हुए कहा कि उन्होंने वाशिंग्टन से द्विपक्षीय सुरक्षा समझौता करके अमरीकी सैनिकों के लिए अफ़ग़ानिस्तान धरती के प्रयोग का अवसर उपलब्ध कराया है।

इस दौरान तालेबान नेतृत्व में अपने लड़ाकों को निर्देश दिए हैं कि वह आम लोगों की तरह जीवन व्यतीत करें ताकि कोई जानी व माली नुक़सान न हो। दूसरी ओर तालेबान ने नागरिकों को निर्देश दिए हैं कि वह विदेशी और अफ़गान सैनिकों से दूर रहें।

ज्ञात रहे कि 28 फ़रवरी को तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान में स्थाई शांति की स्थापना के लिए अमरीका को “इस्लामी सरकार” के राजनैतिक कार्यालय में प्रत्यक्ष वार्ता की पेशकश की थी।
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अफ़ग़ानिस्तान की सरकार, तालेबान के उत्तर की प्रतीक्षा में
अफ़ग़ानिस्तान की सरकार का कहना है कि शांति वार्ता में भाग लेने के लिए उसे तालेबान के उत्तर की प्रतीक्षा है।

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा है कि शांति वार्ता के बारे में उन्हें तालेबान की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

दूसरी ओर हर साल की तरह ही इस साल भी तालेबान ने वसंत के मौसम में फिर से अपने हमलों को तेज़ कर दिये हैं। तालिबान के एक बयान के मुताबिक उसका आपरेशन “अल खंदक़” अमेरिकी बलों, उनके एजेन्टों और साथ ही साथ उनके अंदरूनी समर्थकों को निशाना बनाएगा। तालिबान ने कहा कि आपरेशन अल खंदक़ में अमेरीकी आक्रमणकर्ताओं और उनके समर्थकों को कुचलने, मारने और पकड़ने पर ज़ोर होगा। तालिबान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी अड्डों की मौजूदगी, शांति के सारे ही अवसरों को समाप्त करके युद्ध को बढ़ा रही है।

उल्लेखनीय है कि तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान सरकार से यह शर्त लगा रखी है कि जब तक अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के सैनिक यहां से निकल नहीं जाते उस समय तक वे सरकार से शांति वार्ता नहीं करेंगे।