तो वह राष्ट्रपिता के समाधिस्थल पर लिखे ‘हे राम’ को मिटाने का साहस दिखाए : उमा भारती

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केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा है कि डॉ अंबेडकर के नाम के साथ राम जोड़े जाने पर विपक्ष को आपत्ति है…तो वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधिस्थल राजघाट पर लिखे ‘हे राम’ को मिटाने का साहस दिखाए

एजेंसीएजेंसी
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सागर। केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा है कि डॉ अंबेडकर के नाम के साथ राम जोड़े जाने पर विपक्ष को आपत्ति है, तो वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधिस्थल राजघाट पर लिखे ‘हे राम’ को मिटाने का साहस दिखाए।

भारती आज मध्यप्रदेश के सागर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा कर रही थीं। उत्तरप्रदेश में डॉ भीमराव अंबेडकर के पिता का नाम रामजी उपनाम के रूप में जोड़े जाने को लेकर कांग्रेस और बसपा द्वारा आपत्ति उठाने पर उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र के तहत डॉ अंबेडकर के नाम को छुपाया है, जबकि उनके नाम के आगे राम जुड़ा था।

भारती ने नदी जोड़ो परियोजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके तहत केन बेतवा के माध्यम से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा और सिंचाई सुविधाएं बढ़ेंगी।

सघ और उससे जुड़े संगठन के लोगों की नज़र में महत्मा गाँधी हमेशा से ही खटकते रहे हैं और इनकी ओर से हर प्रयास किया जाता रहा कि भारत को गाँधी के विचारों से अलग कर भगवा मानसिकता का चोला पहना दिया जाये, इसी को यह लोग रामराज समझते हैं|

बता दें कि उमा भारती केंद्र सरकार में मंत्री हैं उनके जिमे गंगा की सफाई का काम था, उमा भारती ने कहा था कि अगर गंगा साफ़ नहीं कर सकी तो समाधी ले लुंगी, गंगा भी साफ़ नहीं हुई और उमा भारती ने जल समाधी भी नहीं ली है, शायद उन्हें अपने वचन का धयान नहीं रहा होगा|