दंगाइयों को समान्नित करने वाले जयंत सिन्हा से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एलुमनाई स्टेटस छीनने का आग्रह

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जयंत सिन्हा काण्ड के बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा अपनी सफाई में जारी विज्ञप्ति:

अब तक चौदह हज़ार से ज्यादा लोगों ने एक पीटिशन पर हस्ताक्षर किया है और हमसे जयंत सिन्हा से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एलुमनाई स्टेटस छीनने का आग्रह किया है.

ऐसे सभी लोगों से हम कहना चाहते हैं कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ऐसा कोई कोर्स नहीं चलाता है जिसमें ये पढ़ाया जाता हो कि भीड़ को हत्या के लिए कैसे उकसाएं. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का ये मानना है कि गाय घास ही खाती है और यहाँ गाय को खून पीने की आदत कैसे लगाएं ये नहीं पढ़ाया जाता है.

हमें दुःख है कि हम जयंत सिन्हा को एक अच्छा इंसान नहीं बना पाए. हमें इस बात का भी दुःख है कि हम जयंत सिन्हा के अंदर के कायस्थ को नहीं मार पाए. जब हमारे यहाँ से पढ़ाई करने के बाद कोई ज्ञान विज्ञान, बिजनेस, साहित्य में अच्छा काम करता है तो हमें यश मिलता है, इसलिए जब कोई जयंत सिन्हा जैसा इंसानियत के नाम पर कलंक पैदा होता है तो हमें अपयश भी मिलना ही चाहिए.

भारतीय सवर्ण समाज बीमार चल रहा है. ब्राह्मण बीमार है. बनिया बीमार है. कायस्थ बीमार है. राजपूत और भूमिहार बीमार है. इस समाज ने महंगा कार खरीदना सीख लिया है. महंगे अपार्टमेंट में रहना सीख लिया है. आधुनिक लिबास पहनना सीख लिया है. नेटफ्लिक्स पर फिल्म देखना सीख लिया है. क्लीवेज दिखाना सीख लिया है. अंडरआर्म साफ़ करना सीख लिया है. मगर अंदर से पहले से ज्यादा दकियानूस हो गया है. जयंत सिन्हा उसी बीमार समाज का हिस्सा है. और उस बीमार समाज की वजह से हार्वर्ड का नाम बदनाम हो रहा है.

मगर, हमें जो भी बन पड़ेगा वो करेंगे. यदि अखिल भारतीय कायस्थ समाज जयंत सिन्हा की करतूत पर शर्मिंदा हो और चंदा इकठ्ठा कर जयंत सिन्हा को वापस हमारे यहाँ भेज सके तो हम जयंत को अच्छा इंसान बनाने के लिए जो भी संभव होगा वो करेंगे.

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
तारीख: 11 मई, 2018

-Pankaj K. Choudhary