दलित, मुस्लिम, पिछड़ों को साथ लेकर AIMIM उत्तर प्रदेश में अपनी ताक़त बढ़ायेगी!

Posted by

Shafi Khan
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AIMIM UP के बढ़ते कदम

आजकल आल इंडिया मजलिस इत्तिहादुल मुस्लिमीन (aimim) महाराष्ट्र, बिहार के बाद अब उत्तर परदेश मे भी काफी तेज़ी और फुर्ती से आगे बढ़ते देखी जा रही है| हलाकि ये राज्य भारतीय सियासत का केंद्र बिंदु है, लेकिन सही जिम्मेदारी से काम करने वाले नेताओ की भरी कमी के कारण ये राज्य काफी पीछे है| चाहे किसी की भी सरकार हो इसी राज्य से ही सबसे ज्यादा मंत्री होते रहे है लेकिन फिर भी विकास के मामले मे ये राज्य काफी पीछे है| जनता कभी सपा तो कभी बसपा तो कभी कांग्रेस/बीजेपी यहाँ सबको बारी बारी से अजमाते हुए सत्ता तक पहुंचाई है और फिर निराशा मिलना इनकी तकदीर बन चुकी है |

ऐसे मे कोई दूसरी पार्टी यहाँ एंट्री मारती है, जो अपने काम के लिए जानी जाती है, दलित, मुस्लिम, पिछड़ा सबको उचित भागीदारी की वकालत करती है, वंचित समाज को भी जागरूक बनाती है | जिनके रहते हुए पक्ष हो या विपक्ष ये सोचकर आपस मे अस्पर्धा करते है कि हम पब्लिक को ज्यादा खुश कर दे नहीं तो पब्लिक इनको ना सपोर्ट कर दे अगली बार |

ऐसे हालात ये पार्टी यहाँ दस्तक देती है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक उतना स्पीड नहीं पकड़ पाती है | ऐसे मुझ जैसे तमाम समर्थक ये मांग करते रहे है कि UP जैसे बड़े राज्य मे पार्टी को 4-5 भागो मे बांटकर जिम्मेदारी दी जाए और साथ ही साथ युवा विंग की भी इसी तर्ज़ पर स्थापना की जाए, और इन सब के केंद्र बिंदु परदेश अध्यक्ष खुद हो | आज उन मांगों पर काम होता हुआ दिख रही है, युवा विंग भी बन चुकी है और एरिया के हिसाब से बटवारा करके जिम्मेदारी का भी काम शुरु हो चूका है, अब हमें उम्मीद है कि इसपर अच्छा काम होगा, चारो अलग-अलग टीमो की साप्ताहिक और फिर सबको एक साथ माशिक बैठक होंगी और हम समर्थको को भी रेगुलर अपडेट मिलता रहेगा |

खैर इन सबके साथ-साथ निम्नलिखित पॉइंट्स को गौर करते हुए जल्द से जल्द हमें इस पर भी अपडेट मिलने की उम्मीद है, जो कि ये है :-

1. प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य की संख्या बढाई जाए और उनको भी कुछ क्षेत्रो के लिए खाश जिम्मेदारी दी जाए |

2. पार्टी के बहुत सारे कार्यकर्ता / नेता जिनको या तो निकाला गया है या वो खुद बाहर चले गये है या नाराज़ है उनको एक बार बातचीत करके पार्टी मे फिर से लाने का मौका दिया जाए |

3. अभी बने नए जिम्मेदारो के मासिक कामो की समीक्षा के दौरान महिला विंग और स्टूडेंट विंग पर भी ध्यान दिया जाए | महिला विंग को खाश ध्यान देने की जरुरत है क्योंकी महिला नेताओ की भारी कमी है |

4. वोटर लिस्ट करेक्शन, नया नाम का जोड़ना, वोटर आईडी बनवाना, पहचान पत्र, आधार बनवाने पर बहुत मेहनत से काम करने की जरुरत है| पार्टी इन कामो की जिम्मेदारी लेते हुए घर-घर पहुंचकर पार्टी को घर-घर तक पहुंचा सकती है |

5. मीडिया / सोशल मीडिया के द्वारा पार्टी के अपडेट देने की समुचित व्यवस्था |

6. पार्टी द्वारा वकीलों / समाजसेवियो की एक बड़ी टीम तैयार करके जनता की सेवा मे कानूनी और हर तरह की जमीनी मदद की व्यवस्था की जाए |

7. एक स्पेशल टीम ऐसी बनाई जाए जो पार्टी के लिए मज़बूत और अचूक कैडर बनाये, ट्रेनिंग दे , पॉइंट वाइज ऐसी सिलेक्टेड बाते शानदार तरीके से सामने रखे कि सामने वाला अपनी टीम का हिस्सा बन जाए |

8. पार्टी के फ्यूचर प्लान क्या है किसानो के लिए ? स्टूडेंट के लिए ? आम आदमी के लिए ? इत्यादि को देखते हुए अपने मंसूबे को पब्लिक के सामने लाये / पहुंचाए |

अगर आने वाले 2-3 महीनो के अन्दर इन बिन्दुओ को ध्यान मे रखते हुए पार्टी अपनी रणनीति बनाकर पब्लिक तक पहुंचे तो आने वाले दिनों मे aimim को उम्मीद से बढ़कर कामयाबी मिल सकती है | याद दिला दे पार्टी हर जिला / विधानसभा / ब्लाक / वार्ड तक पहंचना चाहिए वो अलग बात है मजबूती के अनुसार कहा चुनाव मे भाग लेना है कहा नहीं, “पूरे उत्तर परदेश मे आप कहा तक पहुंचे और कितना मज़बूत है”–>>ये ही सोच आपके साथ किसी भी पार्टी को गठबंधन मे ला देगी या सात कोष दूर रखेगी |

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