दाइश के ख़ात्मे के बाद इराक़ में हुए ससंदीय चुनाव, इराक़ की राजनीती में निर्णायक मोड़ : रिपोर्ट

Posted by

दाइश के ख़ात्मे के बाद इराक़ में शनिवार की सुबह इराक़ में संसदीय चुनाव के लिए मतदान आरंभ हुआ।

इराक़ में शनिवार की सुबह आठ बज से आम चुनाव आरंभ हुआ है जिसमें लोग बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

अलआलम की रिपोर्ट के अनुसार इराक़ से आतंकवादी गुट दाइश की समाप्ति के बाद आज पहली बार इस देश में संसद के लिए मतदान कराया जा रहा है। इराक़ के 18 प्रांतों के 24.5 मिलयन लोग आज अपने मत का प्रयोग करेंगे।

इराक़ के चुनाव आयोग के अनुसार देश में मतदान के लिए 8959 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। स्थानीय समय के अनुसार 8 बजे से आरंभ होने वाला यह मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।

इराक़ में संसदीय चुनाव के लिए मतदान 12 मई को हुए। राजनैतिक टीका कार इराक़ में संसदीय चुनाव को इसलिए बहुत अहम बता रहे हैं क्योंकि यह चुनाव आतंकवादी गुट दाइश पर विजय के बाद आयोजित हो रहे हैं।

मौजूदा हालात में इराक़ में संसदीय चुनाव को इस देश में दाइश के बाद के दौर में स्थिरता व सुरक्षा की निशानी कहा जा सकता है।

इराक़ में संसदीय चुनाव इस देश की जनता के लिए आतंकवाद पर विजय के बाद संकट से बाहर निकलने के चरण को पूरा करने के लिए योग्य उम्मीदवारों को चुनने हेतु एक ऐतिहासिक अवसर समझा जा रहा है।

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि सऊदी अरब की अगुवाई में साठगांठ का मोर्चा जो पश्चिम की ओर से निर्देशित नीति के अनुसार चुनावी अवसर से फ़ायदा उठाकर अपने पिट्ठुओं को जिताने में लगा है ताकि इराक़ को जो प्रतिरोध के अहम मोर्चे में शामिल है, अपने हित में मोड़ सके और इस देश के राजनेताओं को प्रतिरोध के विचार से दूर कर सके।

इराक़ में विदेशी प्रचार के प्रभाव में प्रतिरोध के मोर्चे को चुनावी मंच से दूर करने की बहुत कोशिश हो रही है ताकि टेक्नोक्रेट, इस्लामी व प्रतिरोध विरोधी सरकार सत्ता पर पहुंचे। लेकिन इराक़ के हालात और सर्वे दर्शाते हैं कि अंत में इराक़ी राष्ट्र का इस चुनाव को जीत कर एक अच्छे व प्रतिरोधी इराक़ के निर्माण और इस देश में दाइश के बाद के दौर की राजनीति का रोडमैप बनाने का संकल्प व्यवहारिक होगा।

मतदान केन्द्रों की सुरक्षा पर तैनात हश्दुश्शाबी के 4 लड़ाके शहीद
इराक़ में शनिवार को संसदीय चुनावों के लिए होने वाले मतदान के दौरान, आतंकवादी हमले में हश्दुश्शाबी के 4 सैनिक शहीद और 3 अन्य घायल हो गए।

कर्नल मोहम्मद अल-जबूरी ने बताया है कि इराक़ के सलाहुद्दीन प्रांत में मतदान केन्द्रों के मार्गों की सुरक्षा पर तैनात स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी के लड़ाकों को निशाना बनाकर किए गए एक बम धमाके में 4 जवानों की मौत हो गई।

इराक़ में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश के विनाश की आधिकारिक घोषणा के बाद शनिवार को इराक़ियों ने पहली बार संसदीय चुनाव के लिए मतदान किया।

भ्रष्टाचार, सुरक्षा, बेरोज़गारी और अमरीकी सैन्य हस्तक्षेप एवं सैनिकों की देश में उपस्थिति इस चुनाव में प्रमुख मुद्दे रहे।

चुनाव से पहले इराक़ के वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह सीस्तानी ने जनता से अपील की थी कि भ्रष्ट और वादे पूरे न करने वाले नेताओं को वोट न दें