दिवाली : नहीं माना कोर्ट का फ़ैसला, उड़ी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां

Posted by

Sagar PaRvez
============== ·
नहीं माना कोर्ट का फ़ैसला फ़िज़ाओं में घोला ज़हर दिवाली के अगले दिन दमघोंटू प्रदूषण के सामने धूप भी फेल, विजिबिलिटी 3 मीटर से भी कम

Thick smog in Delhi the day after Diwali as people burst firecrackers outside of mandated time

नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद दिवाली की रात भले ही दिल्ली-एनसीआर में कम पटाखे जले, लेकिन गुरुवार सुबह हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर ही पाया गया. दिल्ली-एनसीआर के आसमान में भयंकर धुंध छाए हुए हैं. इस वजह से सड़कों पर विजिबिलिटी भी काफी कम है. आलम यह है कि सुबह के नौ बजे अच्छी खासी धूप निकलने के बाद भी विजिबिलिटी का आलम बेहद खराब है. सड़कों पर 15-20 मिनट सांस लेने पर ही दम घूटने लग रहा है.

गीता कॉलोनी में रहने वाले राजीव कांडपाल ने बताया कि अक्षरधाम फ्लाईओवर पर दो मीटर आगे की भी गाड़ियां नजर नहीं आ रही हैं. वहीं नोएडा एक्सटेंशन से सेक्टर 18 तक आने वाले राकेश बंसल ने बताया कि नोएडा एलिवेटेड रोड पर भी काफी बुरा हाल है. उन्होंने बताया कि एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ पता ही नहीं चल पा रहा है कि कोई बिल्डिंग भी है. फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी कुछ ऐसा ही हाल है. दिल्ली-एनसीआर में हवा का बहाव बिल्कुल भी नहीं है, इस वजह से प्रदूषण पूरी तरह से संघनित हो गया है.

हवा की क्वालिटी खतरनाक स्तर पर
गुरुवार सुबह पूरे दिल्ली-एनसीआर में हवा की क्वालिटी भी खतरनाक स्तर पर पाया गया. सुबह 6 बजे कुल एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) PM 2.5 805 रेकॉर्ड किया गया. आनंद विहार में हवा की गुणवत्ता इंडेक्स पैमाने पर 999 (AQI) दर्ज की गई. वहीं चाणक्यपुरी स्थित अमेरिकी दूतावास के इलाके में हवा की गुणवत्ता इंडेक्स पैमाने पर 459 (AQI) दर्ज की गई. वहीं मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के इलाके में हवा की क्वालिटी इंडेक्स पैमाने पर 999 (AQI) दर्ज की गई. इसके अलावा दिल्ली से सटे नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुरुग्राम में गुरुवार सुबह आसमान में धुंध छाए दिखे.

सुबह में हुआ ठंड का अहसास
पूरे दिल्ली-एनसीआर में धुंध की मोटी चादर भी छायी रही. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दीपावली पर हुई आतिशबाजी के धुएं, गर्द और कोहरे का असर सूर्योदय के बाद तक नजर आया और हवा ठंडी थी. अधिकारी ने बताया कि आज का न्यूनतम तापमान 10.5 दर्ज किया गया जो इस मौसम के औसत तापमान से तीन डिग्री कम था. उन्होंने बताया कि अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने और आसमान साफ रहने का अनुमान है.

सुबह साढ़े आठ बजे आपेक्षिक आद्रता 86 फीसदी दर्ज की गई. कल का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.56 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

एनसीआर इलाके में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ी धज्जियां
राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाके में लोगों ने रात आठ से दस बजे के बीच पटाखा फोड़ने के लिये सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई समय-सीमा का उल्लंघन किया. दिल्ली में बुधवार रात दस बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 296 दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम सात बजे एक्यूआई 281 था. रात आठ बजे यह बढ़कर 291 और रात नौ बजे यह 294 हो गया. हालांकि, केंद्र द्वारा संचालित सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने समग्र एक्यूआई 319 दर्ज किया जो ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली और अन्य त्योहारों के मौके पर रात आठ से 10 बजे के बीच ही फटाखे फोड़ने की अनुमति दी थी. न्यायालय ने सिर्फ ‘हरित पटाखों’ के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी. हरित पटाखों से कम प्रकाश और ध्वनि निकलती है और इसमें कम हानिकारक रसायन होते हैं.

कोर्ट ने पुलिस से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं हो और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा और यह अदालत की अवमानना होगी.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों से उल्लंघन किये जाने की खबरें मिली हैं. आनंद विहार, आईटीओ और जहांगीरपुरी समेत कई इलाकों में प्रदूषण का बेहद उच्च स्तर दर्ज किया गया.

मयूर विहार एक्सटेंशन, लाजपत नगर, लुटियंस दिल्ली, आईपी एक्सटेंशन, द्वारका, नोएडा सेक्टर 78 समेत अन्य स्थानों से न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किये जाने की सूचना प्राप्त हुई है. शहर में प्रदूषण निगरानी केंद्रों के ऑनलाइन संकेतकों ने ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ हवा की गुणवत्ता का संकेत दिया. रात आठ बजे के करीब पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में तेजी से वृद्धि हुई.

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 का 24 घंटे का औसत क्रमश: 164 और 294 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा. सफर ने गुरुवार को हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने का अनुमान जताया जबकि इस साल 2017 के मुकाबले कम हानिकारक पटाखे छोड़े गए. उसने यह भी कहा कि प्रदूषण का स्तर बुधवार और गुरुवार को सुबह 11 बजे और रात तीन बजे के बीच चरम पर रहेगा