दुनियां जान ले, फिलिस्तीनियों के खून के सैलाब में इस्राईल बह जायेगा : रिपोर्ट

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लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र अलकुद्सुल अरबी ने नकबा दिवस पर अमेरिकी दूतावास को तेलअवीव से कुद्स स्थानांतरित किये जाने को फिलिस्तीनी जनता के लिए नई मुसीबत का नाम दिया है।

जायोनी सैनिकों ने 14 मई को बड़ी ही निर्ममता से निहत्थे फिलिस्तीनियों के खून से होली खेली। इस प्रकार से कि शहीद होने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या 60 से अधिक हो गयी है।

ज्ञात रहे कि 14 मई को जायोनी शासन के अवैध बुनियाद की 70वीं वर्षगांठ थी। साथ ही सोमवार को अमेरिका ने तेलअवीव से अपने दूतावास को कुद्स स्थानांतरित कर दिया।

14 मई को जायोनी सैनिकों द्वारा निहत्थे फिलिस्तीनियों का नरसंहार इस बात का सूचक है कि फिलिस्तीनियों की समस्याएं न केवल समाप्त नहीं होने वाली हैं बल्कि वे दिन- प्रतिदिन विषम रूप धारण करती जा रही हैं। नेकबत शब्द दो बहुत बड़ी कटु घटनाओं की याद दिलाता है।

प्रथम यह कि वर्ष 1948 में अवैध जायोनी शासन की बुनियाद रखी गयी थी और दूसरे आठ लाख से अधिक फिलिस्तीनियों को उनकी मातृभूमि से बाहर निकाल दिया गया और यह संख्या इस समय लगभग 60 लाख तक पहुंच गयी है।

अब तक इस्राईल फिलिस्तीनियों के 675 से अधिक नगरों व गांवों को तबाह और उन पर कब्ज़ा कर चुका है। यही नहीं इस्राईल इन गांवों व नगरों को जायोनी क्षेत्र बना चुका है।

लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र अलकुद्सुल अरबी ने नकबा दिवस पर अमेरिकी दूतावास को तेलअवीव से कुद्स स्थानांतरित किये जाने को फिलिस्तीनी जनता के लिए नई मुसीबत का नाम दिया है।

इस समाचार पत्र ने बल देकर लिखा है कि इस्राईल अतिग्रहण और अमेरिका के समर्थन से क्षेत्र में अस्तित्व में आया है और वह अब भी फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपने अत्याचारों को यथावत जारी रखे हुए है।
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एक वरिष्ठ इस्राईली नेता का कहना है कि इस्राईली सैनिकों के पास हर एक फ़िलिस्तीनी की हत्या के लिए काफ़ी संख्या में गोलियां हैं।

इस्राईल की सत्तारूढ़ पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का यह बयान ऐसी स्थिति में आया है, जब केवल सोमवार को इस्राईली सैनिकों ने 59 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनियों को गोलियों से भून डाला और हज़ारों को ज़ख़्मी कर दिया।

बेनयामिन नेतनयाहू की लिकूद पार्टी के वरिष्ठ सांसद एवि डिचर ने सोमवार को हडाशॉट टीवी से बात करते हुए यह अमानवीय एवं विवादास्पद बयान दिया।

इस्राईल की आंतरिक सुरक्षा के पूर्व मंत्री डिचर का कहना था कि इस्राईली सेना के पास हर एक के लिए काफ़ी गोलियां हैं।

ज़ायोनी नेता का कहना था कि इस्राईली सेना किसी को भी इस्राईली नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा ख़तरे में डालने की अनुमति नहीं देगी।

ग़ौरतलब है कि सोमवार को अमरीकी दूतावास के तेल-अवीव से यरूशलम स्थानांतरण के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनियों ने विशाल शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए, लेकिन इस्राईली सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां बरसा कर 7 बच्चों समेत कम से कम 59 लोगों को शहीद कर दिया।

15 मई 1948 को इस्राईल की अवैध स्थापना हुई थी। 15 मई 2018 को इस्राईल की अवैध स्थापना को 70 वर्ष हो गए। फ़िलिस्तीनी इस्राईल की अवैध स्थापना को नकबा डे या विनाश दिवस के रूप में मनाते रहे हैं।

इस्राईल के अवैध क़ब्ज़े वाले इलाक़ों से उजाड़े गए लाखों लोग अपने घरों को वापस जाने की मांग कर रहे हैं। ग़ज्ज़ा में रहने वाले फ़िलिस्तीनी शरणार्थी अपनी इस मांग को लेकर ग़ज्ज़ा सीमा पर 30 मार्च से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान इस्राईली सैनिकों ने 110 से अधिक फ़िलिस्तीनियों को सीधे गोली मारकर शहीद कर दिया।

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सोमवार को इस्राईली सैनिकों के हाथों शहीद होने वाले 60 फ़िलिस्तीनियों में एक 8 महीने की मासूम बच्ची समेत 7 बच्चे भी शामिल हैं।

अमरीकी दूतावास के बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरण के विरुद्ध और घर वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे फ़िलिस्तीनियों पर इस्राईली सैनिकों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई और 60 से अधिक फ़िलिस्तीनियों को मौत के घाट उतार दिया।

इस्राईली सैनिकों की फ़ायरिंग में 2700 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल भी हुए हैं।

मंगलवार को ग़ज्ज़ा का अल-शिफ़ा अस्पताल घायलों से भर गर गया था, यहां तक कि घायलों को उपचार के लिए लाइन में लगकर इंतेज़ार करना पड़ रहा था।

अल-शिफ़ा अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के प्रमुख एयमन अलशाबानी का कहना है कि सोमवार को 18 घायल उपचार के लिए इंतेज़ार करते हुए शहीद हो गए।

अल-शाबानी ने बताया कि एक बार एक समय ऐसा आया कि एक साथ 500 घायलों को अस्पताल लाया गया, जबकि यह संख्या अस्पताल की कुल क्षमता से कहीं अधिक थी।

इस बीच, व्हाइट हाउस ने इस्राईली सैनिकों के हाथों फ़िलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों के जनसंहार का बचाव करते हुए उलटा फ़िलिस्तीनियों को ही इसके लिए ज़िम्मेदार क़रार दिया है।

सोमवार को अमरीका और इस्राईल ने अमरीकी दूतावास के तेल-अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरण का जश्न मनाया, जबकि फ़िलिस्तीनियों ने इसका कड़ा विरोध किया।

व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव राज शाह ने कहा है कि जो कुछ हो रहा है, उसके लिए हमास ज़िम्मेदार है। इस्राईल को अपनी रक्षा का पूरा अधिकार है।
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