देश की राजधानी दिल्ली में ‘पीने के पानी’ का संकट गहराया और बिगड़ सकते हैं हालात

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अभी गर्मी का पूरे चार महिने बाकी हैं, तेज़ धूप और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं का दौर शुरू हो चुका है, इस बीच देश के अनेक हिस्सों में पीने के पानी की किल्लत से जनता परेशान है साथ ही देश की राजधानी के हालात भी बहुत बुरे हैं|

गर्मी बढ़ने के साथ ही राजधानी में पेयजल संकट के आसार बढ़ते नजर आ रहे हैं। दरअसल पानी की मांग बढ़ने के बीच ही हरियाणा से भी पानी कम आना शुरू हो गया है।यमुना नदी और पश्चिम यमुना नहर के नाम से विख्यात मुनक नहर में भी पानी कम आ रहा है।

इसके चलते दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद बैराज में पानी का स्तर कम हो गया है और कई जल शोधक संयंत्रों के तालाबों में भी पानी के स्तर में कमी आ गई है। इसका असर संयंत्रों में पानी के उत्पादन पर पड़ने लगा है।

दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार हरियाणा से यमुना नदी में पानी कम आने के कारण वजीराबाद बैराज में पानी का स्तर सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच गया है। बैराज में पानी का स्तर 671.9 फुट है, जबकि बैराज में पानी का सामान्य स्तर 674.5 फुट है। इसी तरह पश्चिमी यमुना नहर से जुड़े हैदरपुर, बवाना, नांगलोई, द्वारका, ओखला संयंत्र के तालाबों में भी पानी का स्तर कम होने लगा है।

ये क्षेत्र हों रहे हैं ज्यादा प्रभावित
बोर्ड के मुताबिक, हरियाणा से पानी कम आने के कारण हैदरपुर, बवाना, नांगलोई, द्वारका, ओखला संयंत्र में पानी का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। अभी करीब 15 प्रतिशत पानी का उत्पादन कम हो रहा है।

हरियाणा से पर्याप्त पानी न आने की स्थिति में आगे आने वाले दिनों में संयंत्रों में पानी का उत्पादन और भी गिरने की संभावना बन गई है। इस संबंध में जल बोर्ड ने हरियाणा के सिंचाई विभाग को भी अवगत करा दिया है।

ये क्षेत्र हों रहे हैं ज्यादा प्रभावित-
दिल्ली जल बोर्ड के संयंत्रों में पानी का उत्पादन कम होने के चलते नई दिल्ली के तमाम इलाकों के साथ-साथ दक्षिण दिल्ली के कैलाश कालोनी, ईस्ट ऑफ कैलाश, मूलचंद, साउथ एक्स, ग्रेटर कैलाश, लोधी रोड, निजामुद्दीन आदि क्षेत्र, पश्चिम दिल्ली में उत्तम नगर, विकासपुरी, द्वारका, जनकपुरी, पंजाबी बाग, मोतीनगर आदि कालोनी, उत्तर दिल्ली में मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, सिविल लाइंस, जीटीबी नगर, अशोक विहार, शालीमार बाग आदि कालोनी व मध्य दिल्ली में दरियागंज, चांदनी चौक, फतेहपुरी, जामा मस्जिद आदि इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होनी शुरू हो गई है।