नैतिकता के आधार पर ट्रम्प राष्ट्रपति पद के लायक़ नहीं : पूर्व एफ़बीआई प्रमुख

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एफ़बीआई के पूर्व प्रमुख जेम्स कोमी ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस की ज़िम्मेदारियों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं।

ऑस्ट्रेलियाई टीवी को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका के पूर्व एफ़बीआई प्रमुख जेम्स कोमी ने कहा कि ट्रम्प झूठे, महिलाओं को अपमानित करने वाले और साथ में काम करने वाले हर व्यक्ति के लिए एक कलंक हैं।

जेम्स कोमी ने कहा कि उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं है कि डोनल्ड ट्रम्प की भूलने वाली या मानसिक बीमारी, अपने आरंभिक चरणों में है। उन्होंने कहा कि हम उनके राष्ट्रपति काल के शुरुआती दौर से देख रहे हैं कि उनका व्यवहार बिल्कुल एक मानसिक रोगी जैसा है। कोमी ने कहा कि जो व्यक्ति, दूसरों पर कड़ी नज़र रखता हो और हर चीज़ का हिसाब किताब रखता हो, वह किसी भी प्रकार से मामूली बुद्धि वाला नहीं हो सकता।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कई बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को मानसिक रोगी बताया जाता रहा है, इस बीच एक बार उनका मानसिक रूप से निरीक्षण भी किया जा चुका है, जबकि ट्रम्प पर कई महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न का भी आरोप लगाया गया जा चुका है।
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डर के साए में जी रहे हैं अमरीकी मुसलमान!

आज कल स्वचालित मतदान टेलीफ़ोन कॉल ने अमरीकी मुसलमानों के अंदर एक नए डर को जन्म दिया है।

अमरीका से प्राप्त समाचारों के अनुसार हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव और उसके परिणाम आने के बाद से स्वचालित मतदान प्रणाली के माध्यम से की जा रही कॉल्स से आम अमरीकियों से कहा जा रहा है कि अगर वह मुसलमान हैं तो डायल पैड पर मौजूद एक नंबर दबा कर उसकी पुष्टि करें।

ब्रिटिश समाचार एजेंसी रोएटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, स्वचालित मतदान कॉल्स से अमरीका में रहने वाले मुसलमान बहुत परेशान हैं और उनके मन में बार बार यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने चुनाव अभियान के दौरान अमरीकी मुसलमानों के पंजीकरण के संबंध में किए गए वादे को पूरा करने वाले हैं?

अमरीका के कुछ समाचार सूत्रों के अनुसार यह फोन कॉल्स वास्तव में अमरीकी मुसलमानों की बेहतरी के लिए काम करने वाली एक संस्था “एमरेज यूएसए” द्वारा एक सर्वेक्षण के लिए की जा रही हैं।

वर्जीनिया में मौजूद इस संस्था की निदेशक सारा के अनुसार उनकी संस्था ने 8 नवंबर के बाद से मुसलमानों के अनुभवों और विचारों को जानने के लिए इन कॉल्स का सिलसिला शुरू किया है। सारा का कहना है कि उन्हें कॉल्स रिसीव करने वाले कई लोगों को इस बात का आश्वासन देना पड़ा कि यह फोन कॉल्स एमरेज यूएसए संस्था की ओर से शुरू किए जाने वाले मतदान पोल के संबंध में की गई है। उन्होंने कहा कि कोई मुसलमान विरोधी गुट हमारी संस्था के नाम का उपयोग करके यह जानकारी प्राप्त नहीं कर रहा।

एमरेज यूएसए की निदेशक सारा ने भी इस बात को माना है कि ट्रम्प के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से अमरीकी मुसलमानों में एक डर पैदा हो गया है और उस डर के कारण हमारी संस्था का सारा काम प्रभावित हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की जीत के बाद से अमरीकी मुसलमान दुविधा से में हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रम्प के एक समर्थक द्वारा पंजीकरण के लिए उन शिविरों का उदाहरण दिया गया जहां जापानी, अमरीकियों को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जेल में रखते थे।

दूसरी ओर अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद के लिए ट्रम्प ने जिस व्यक्ति का चयन किया है वह माइकल फलाईन हैं जिन्होंने हाल ही में एक वीडियो में पूरे इस्लामी जगत में मौजूद एक अरब 70 करोड़ लोगों को धरती पर कैंसर के समान बताया था। उन्होंने कहा था कि इस कैंसर को काटकर फेंक देना चाहिए।