पाकिस्तानियों से गले मिलने का एक मात्र अधिकार ‘प्रधानसेवक’ और उनकी पार्टी के ही लोगों को है

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Wasim Akram Tyagi
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औरंगाबाद नगर निगम की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजली देने के लिये प्रस्ताव लाया गया। इस प्रस्ताव का AIMIM पार्षद सैय्यद मतीन ने विरोध किया, जिससे भाजपा के पार्षद पर हिंसा पर उतर आए मतीन को बेरहमी से पीटा। यहां सवाल है कि श्रद्धांजली प्रस्ताव का विरोध करके सैय्यद मतीन कौनसा राष्ट्रहित और कौनसा समाज हित कर रहे थे ? श्रद्धांजली प्रस्ताव का विरोध आखिर ये सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिये ही तो किया गया होगा ? दूसरा भाजपा पार्षदों ने जो हिंसा की है उसने साफ संदेश दे दिया है कि जो उनके अच्छे या बुरे कार्य का विरोध करेगा वे उसे छोड़ेंगे नहीं, फिर चाहे वह सैय्यद मतीन हो या फिर स्वामी अग्निवेश सबको मार जाएगा, और मार रहे हैं। यह देश चरमपंथ की प्रयोगशाला बन रहा है।

Wasim Akram Tyagi
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नवजोत सिंह सिध्धू का पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष से मिलना जघन्य अपराध है। और पठानकोट में आईएसआई को बुलाकर बिरयानी खिलाना बड़ वाला ‘राष्ट्रवाद’ है। हे भगवान इस मेंढ़क जैसी आंख वाले को एक अदद क्लीनिक अता कर दे, ताकि देशभक्ती की नई नई परिभाषा सुनने को न मिलें, हैरान हूं कि रोऊं या पीटूं जिगर को मैं

Wasim Akram Tyagi
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देखिये पाकिस्तानियों से गले मिलने का एक मात्र अधिकार सिर्फ ‘प्रधान सेवक’ और उनकी पार्टी के ही लोगों को है, अगर कोई गैर भाजपाई इद्धू सिद्धू पाकिस्तानियो से गले मिलेगा तो उसे देशद्रोही कहा जाएगा। समझे या और समझाऐं

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