पाकिस्तान में इमरान ख़ान की सरकार को नेचुरल गैस की डील से हुआ 4300 करोड़ रुपए का लाभ

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भारत और पाकिस्तान दोनों पडोसी देश हैं, दोनों देशों के बीच हमेशा किसी न किसी बात को लेकट तनाव रहता है, भारत का मीडिया हो या पाकिस्तान का हमेशा ही एक दूसरे को बुरे से बुरे शब्दों से सम्बोधित करता है, हमारे नेता भी खूब आग उगलते हैं, वह जनता को दिखाना चाहते हैं कि देखो हमारा जो दुश्मन है हम उस के साथ नरमी नहीं बरतते हैं, यह सब राजनीती है, जनता को असली मुद्दों, बातों से भटकाने के तरीके हैं, पाकिस्तान में इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनने के पांच दिन के अंदर ही लगभग बीस रूपए प्रति लीटर पेट्रोल के दाम घटा दिए हैं, पाकिस्तान डूबने वाला है, पाकिस्तान बर्बाद होने वाले है, पाकिस्तान तबाह होने वाला है,,,इस तरह की हैडिंग के साथ हमारे यहाँ खबरें दिखाई, छापी जाती हैं, जबकि मामला ऐसा नहीं है, पाकिस्तान की जनता खुशाली में 63 वें नंबर पर है जबकि भारत की जनता 82 वें नंबर पर है, भारत और पाकिस्तान को लेकर समाज में बहुत ज़हर घोला गया है, इसके ज़रिये राजनैतिक रोटियां सेकी जाती हैं|

पाकिस्तान ने साल 2016 में दुनिया भर की तेल कंपनियों से मोल-भाव करके नेचुरल गैस खरीदने की डील की थी, इस डील के तहत पाकिस्तान मौजूदा रेट की अपेक्षा सस्ती दर पर अगले 10 साल तक नेचुरल गैस खरीदेगा, इस डील में पाकिस्तान को 60 करोड़ डॉलर यानी करीब 4300 करोड़ रुपए का लाभ हुआ है. दिलचस्प बात यह है कि भारत की मोदी सरकार भी यह डील अपना चुकी है. पाकिस्तान की सरकारी तेल कंपनी पाकिस्तान स्टेट ऑयल (पीएसओ) की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि नेचुरल गैस खरीदने की डील में पाकिस्तान को 60 करोड़ डॉलर का फायदा हुआ है.

मालूम हो कि पाकिस्तान से ठीक एक साल पहले यानी साल 2015 में भारत सरकार ने ऐसी ही एक डील की थी. भारत की सरकारी कंपनी और सबसे बड़ी एलएनजी की इंपोर्टर पेट्रोनेट एलएनजी ने 2015 में कतर की सरकारी गैस प्रोड्यूसर कंपनी रासगैस के साथ एक डील की थी. इस डील में भारत को पहले की अपेक्षा आधी कीमत पर नेचुरल गैस की आपूर्ति हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा था कि इस डील से भारत को 8,000 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है. इस डील के तहत भारत को साल 2028 तक इसी कीमत पर गैस मिलती रहेंगी.

नेचुरल गैस क्या है?
नेचुरल गैस एक गैसियस ईंधन है जो कि 87-92% मीथेन और एक उच्च हाईड्रोकार्बन्स को कम प्रतिशत से मिलकर बनती है. पीएनजी, सीएनजी और एलएनजी प्राकृतिक गैसों के विभिन्न तापमान और दबाव के तहत विभिन्न रूप हैं.

प्राकृतिक गैस को 160 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करके तरल अवस्था में लाया जा सकता है, जिससे कि यह गैसीय मात्रा के मुकाबले 1/600वे हिस्से में रखी जा सके और इसलिए इसे तरलीकृत प्राकृतिक गैस कहा जाता है, जिसे गैस परिवहन में कम जगह का इस्तेमाल करती है. सच तो यह है कि प्राकृतिक गैस से तरलीकृत प्राकृतिक गैस बनाने की प्रक्रिया के दौरान बहुत सारी अशुद्धियां निकल जाती है. इसलिए एलएनजी, प्रकृतिक गैस का शुद्धतम रूप है. एलएनजी को इस उद्देश्य के लिए विषेष रूप से बनाए गये बड़े-बड़े विद्युत रोधित टैंको में संग्रहित किया जाता है.