पोर्न मूवीज़ को भारत में ‘ब्लू फ़िल्म’ क्यों कहा जाता है, ये है सच्चाई!!!

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पोर्न फिल्म की इंडस्ट्री बहुत बड़ी है और पोर्न साइट्स पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक इंडिया से ही आता है. भारत में आज भी पोर्न फिल्म पर बात करना एक टैबू बना हुआ है. आपको बता दें भारत में पोर्न फिल्मों को ‘ब्लू फिल्म’ कहा जाता है लेकिन बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि आखिर इन फिल्मों को ब्लू फिल्म क्यों कहा जाता है. इन्टरनेट पर पोर्न फिल्मों की भरमार है और लोग इन्हें बहुत शौक से देखना भी पसंद करते हैं. पोर्न मूवीज देखने वालों की संख्या इतनी ज्यादा है फिर भी ये हैरान करने वाली बात है कि लोग ये नहीं जनाते की इन्हें ब्लू फिल्म क्यों बोला जाता है. क्या आपने कभी सोचा है कि पोर्न फिल्मों को ब्लू फिल्म क्यों बोला जाता है. आज हम आपको अपनी इस बात की जानकारी दे रहे हैं कि आखिर पोर्न फिल्मों को ब्लू फिल्म क्यों कहा जाता है. इसके पीछे तीन थ्यौरी बताई गई हैं जो आज आपको बता रहे हैं.

ये है सच्चाई…

1. लो टिंट

पहले के समय में पार्न फ़िल्में बनाने का बजट बहुत कम हुआ करता था इस वजह से डायरेक्टर्स ने ब्लैक एंड व्हाइट रील को कलर्ड में बदलने के लिए आसान और सस्ते तरीके अपनाते थे. इसी के चलते मूवी प्रिंट पर ब्लू टिंट नोटिस होते हैं और शायद इसी वजह से इन फिल्मों को ब्लू फिल्म कहा जाता है. आपको बता दें जिन थिएटर्स में बी ग्रेड फिल्में दिखाई जाती है वहां लगाए जाने वाले पोस्टर्स भी हमेशा ब्लू ही रखे जाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि ये कलर ज्यादा आकर्षित करता है शायद इस वजह से भी इन्हें ब्लू फिल्म्स कहते हैं.

2. ब्लू लॉ

करीब 50 से 60 साल पहले तक कई राज्यों में ‘ब्लू लॉ’ यानी ‘ब्लू कानून’ हुआ करता था. इस लॉ के अनुसार रविवार के दिन कई बिजनेस ऑपरेट करने की परमिशन नहीं हुआ करती थी और इसी वजह से रविवार को बी ग्रेड मूवीज भी नहीं दिखाई जाती थी. शायद इसी कारण से बी ग्रेड मूवीज को ब्लू फिल्म कहते हो.

3. वीसीआर की पॉलिथिन
पहले के समय में वीसीआर कैसेट का ही ट्रेंड हुआ करता था. ऐसा कहा जाता है कि उस समय वीडियो स्टोर्स नॉर्मल वीसीआर कैसेट्स को सिंपल पॉलिथिन में देते थे और पोर्न फिल्मों की कैसेट को ब्लू पॉलिथिन में दिया करते थे. शायद इसी वजह से इन्हें ब्लू फिल्म कहा जाता है.