प्रीति और सहवाग के बीच विवाद गर्माया, प्रीति ज़िंटा ने लगाई सहवाग को फटकार!

Posted by

बॉलीवुड की शानदार अभिनेत्री और किंग्स इलेविन पंजाब की मालिकिन प्रीति ज़िंटा की टीम इस बार के IPL में अभी तक अच्छा खेल रही है, टीम मनैजमेंट को उम्मीद है कि इस बार उनकी टीम ज़रूर विजेता बनेगी|

किंग्स इलेवन पंजाब ने इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें एडिशन में अब तक दमदार प्रदर्शन किया है। रविचंद्रन अश्विन के नेतृत्व वाली पंजाब ने 10 में से 6 मैच जीते हैं और वह अंक तालिका में तीसरे स्थान पर काबिज है। पंजाब के प्लेऑफ में क्वालीफाई करने की संभावनाएं प्रबल हैं। हालांकि, टीम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद टीम प्रबंधन में शामिल लोगों के बीच सबकुछ सही नहीं चल रहा है।

ऐसी रिपोर्ट्स आई है कि प्रीति जिंटा और वीरेंद्र सहवाग के बीच जमकर विवाद हुआ है। यह विवाद इतना बढ़ चुका है कि अब ऐसी नौबत आ गई कि सहवाग फ्रैंचाइजी के साथ पांच साल के रिश्ते को तोड़ सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पंजाब की टीम 158 रन के लक्ष्य का सफल पीछा नहीं कर सकी थी, जिसके बाद प्रीति और सहवाग के बीच विवाद गर्मा गया।

दरअसल, यह पूरी तकरार कप्तान रविचंद्रन अश्विन को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजने पर हुई। एक सूत्र ने बताया, ‘राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ कप्तान अश्विन को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा। उन्हें विशेषज्ञ बल्लेबाजों करुण नायर और मनोज तिवारी पर तरजीह दी गई। यह प्रयोग विफल रहा क्योंकि अश्विन बिना खाता खोले डगआउट लौट गए। प्रीति ने इस पर अपनी पूरी भड़ास सहवाग पर निकाली।’

सूत्र ने आगे बताया, ‘सहवाग ने शुरुआत में अपना आपा नहीं खोया। हालांकि, प्रीति लगातार पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाती रही, जिस पर सहवाग आगबबूला हो गए और फिर उन्होंने भी जवाब देना शुरू कर दिया।’ यह भी जानकारी मिली कि वीरू नहीं चाहते कि खिलाड़ियों का टूर्नामेंट पर से ध्यान भटके, इसलिए उन्होंने इस मामले पर टिपण्णी करने से परहेज किया है

सूत्र के मुताबिक, ‘हालांकि, प्रीति ने आरोप लगाना जारी रखा। उन्होंने कहा कि अंतिम एकादश में गैर जरूरी प्रयोग से टीम को शिकस्त झेलनी पड़ रही है। सहवाग ने इसका जवाब देने की कोशिश की। वीरू ने अन्य मालिकों को प्रीति को समझाने को कहा। उन्होंने अन्य मालिकों को कहा कि वह प्रीति की बातों पर टिपण्णी नहीं करना चाहते और बॉलीवुड एक्ट्रेस को मेरी क्रिकेट स्ट्रेटेजी पर बात करने से परहेज करना चाहिए।’