फलाहारी बाबा को बलात्कार के मांमले में हुई उम्रकैद की सज़ा

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भारत में लाखों बाबा, साधू, सन्यासी हैं, इनमे अनेक ऐसे हैं जो धर्म का चोला पहन कर लोगों को मुर्ख बनाते हैं, उनको ठगते हैं और अपनी हवस पूरा करते हैं, यह एक सामाजिक समस्या है, आम आदमी जब किसी वजह से परेशान होता है तो वह ऐसे लोगों के चंगुल में फँस जाता है|

राजस्थान के अलवर जिले में बहुचर्चित फलाहारी बाबा यौन शोषण के मामले में बुधवार को फैसला सुनाया गया। अदालत ने फलाहारी बाबा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा से दंडित किया है साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या (1) राजेंद्र शर्मा की अदालत ने फैसला सुनाया।

बता दें कि मामले में 15 सितंबर को अंतिम बहस शुरू हुई थी। बहस के दौरान सरकारी वकील ने कहा था कि पीड़िता आरोपित कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य उर्फ फलाहारी बाबा को पिता समान मानती थी। आरोपित ने पीड़िता के साथ जो कुकृत्य किया, उसके पर्याप्त गवाह और साक्ष्य मौजूद हैं।

यौन शोषण के आरोपित फलाहारी बाबा के बयान पिछले महीने 30 तारीख को दर्ज किए गए थे। इस दौरान न्यायालय ने बाबा से 88 सवाल पूछे थे। वहीं, आरोपित बाबा ने खुद पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए स्वयं को निर्दोष कहा था। 25 सितंबर को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हो गई थी। बुधवार को न्यायालय ने यह निर्णय लिया।

यह था मामला
बिलासपुर की 21 वर्षीय पीड़िता ने 11 सितंबर 2017 को छत्तीसगढ़ के महिला थाना में जीरो एफआईआर दर्ज करवाकर बाबा के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाया था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद पीड़िता का मेडिकल कराया व बयान दर्ज कर रिपोर्ट बनाई और अलवर पुलिस को फाइल भिजवा दी थी। इसके बाद अलवर पुलिस ने अरावली विहार थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस ने अदालत में 40 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें पुलिस ने फलाहारी बाबा को दोषी मानते हुए धारा 506 और 376 (2 एफ) में चार्जशीट दाखिल की थी।

आठ महीने तक चली मामले की सुनवाई
सुनवाई के दौरान आरोपित बाबा बीमारी का बहाना बना कर एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया था। डॉक्टरों ने जब उसे स्वस्थ घोषित किया तो 23 सितंबर को पुलिस ने उसे अस्पताल से ही गिरफ्तार कर एसीएएम कोर्ट 3 के द्वारा उसको फिट घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने 23 सितंबर को अस्पताल से गिरफ्तार कर एसीजेएम कोर्ट 3 में पेश किया था। न्यायालय ने उसे 16 दिन का न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। तब से आरोपित न्यायिक हिरासत में है।