फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार पर गुस्साये तुर्की ने ज़ायोनी राजदूत को देश से निकाला!

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ज़ायोनी शासन द्वारा फ़िलिस्तीनियों के व्यापक जनसंहार पर आपत्ति जताते हुए तुर्की के विदेशमंत्रालय ने ज़ायोनी राजदूत को देश से निकाल दिया है।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार तुर्की के विदेशमंत्रालय ने अंकारा में तैनात ज़ायोनी राजदूत ईटन नाहे को मंगलवार की रात विदेशमंत्रालय में तलब किया और फ़िलिस्तीनियों के व्यापक जनसंहार पर आपत्ति जताते हुए उन्हें देश छोड़ने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि तुर्क विदेशमंत्रालय ने अमरीकी दूतावास के तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित किए जाने और विरोध प्रदर्शन कर रहे फ़िलिस्तीनियों के व्यापक जनसंहार पर आपत्ति जताते हुए यह कार्यवाही की।

यह एेसी हालत में है कि तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने शनिवार को ज़ायोनी शासन पर फ़िलिस्तीन में जातीय सफ़ाए का आरोप लगाया और फ़िलिस्तीनियों से सहृदयता व्यक्त करते हुए तीन दिनों के सरकारी शोक की घोषणा की है।

ग़ज़्ज़ा पट्टी पर फिलिस्तीनियों के प्रदर्शन पर ज़ायोनी सैनिकों के बर्बर हमले में हताहत होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 61 हो गई जबकि 2400 फ़िलिस्तीन घायल हुए हैं।

इससे पहले उसने अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित किए जाने के डोनल्ड ट्रम्प प्रशासन के फ़ैसले के खिलाफ सोमवार को अमेरिका व इस्राईल से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया था।

रजब तैयब अर्दोग़ान ने इसी प्रकार इस्तांबुल में 18 मई को इंस्ताबुल में एकजुटता रैली आयोजित करने का अह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन आतंकवादी शासन है। तुर्की ने ग़ज़्ज़ा में फ़िलिस्तीनियों के जनसंहसारके मुद्दे पर इसी सप्ताह इस्लामिक सहयोग संगठन ओआईसी की आपात बैठक बुलाई है। (