फ़िलिस्तीनी मासूम बच्चे को जलाकर मारने के बाद ज़ायोनियों ने मनाया जश्न : वीडियो

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जुलाई 2015 में अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी इलाक़े पश्चिमी तट के उत्तर में स्थित दूमा शहर में कुछ ज़ायोनी आतंकवादियों ने एक फ़िलिस्तीनी के घर को आग लगा दी थी।

इस हृदय विदारक घटना में एक 18 महीने का बच्चा अली साद और उसके मां-बाप जलकर शहीद और 5 साल का बड़ा भाई बुरी तरह से घायल हो गया था।

बुधवार को ज़ायोनियों के इस अमानवीय अपराध के ख़िलाफ़ एक अदालत में मुक़दमे की सुनवाई के बाद, ज़ायोनियों का एक समूह अदालत के बाहर एकत्रित हुआ और उसने फ़िलिस्तीनी बच्चे की शहादत का जश्न मनाया और इस्राईली पुलिसकर्मियों की आंखों के सामने इस बच्चे के दादा पर जुमले कसे और उनका मज़ाक़ उड़ाया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि अदालत से बाहर निकलने वाले शहीद परिवार के परिजनों को संबोधित करके ज़ायोनी चिल्ला रहे हैं, अली कहां है? वह जलकर राख हो गया, जलकर कबाब हो गया।

ज़ायोनी पुलिसकर्मियों ने ज़ायोनियों को इस तरह के नारे लगाने से रोकने के बजाए उन्हें सुरक्षा घेरे में ले लिया, ताकि उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

घटना स्थल पर मौजूद अली के चाचा नस्र दवाबेशा ने टाइम्स ऑफ़ इस्राईल से बात करते हुए कहा, अगर फ़िलिस्तीनी किसी ज़ायोनी की मौत पर इस तरह से ख़ुशी मनाते तो इस्राईली अधिकारी उन्हें भयानक यातनाएं देते।

ज़ायोनी शासन ख़ुद को मध्यपूर्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताता है और उसका दावा है कि उसकी न्यायपालिका स्वतंत्र है और उसकी अदालतों में बिना किसी भेदभाव के इंसाफ़ किया जाता है। लेकिन वास्तविकता यह है हर उस मामले में जिसमें एक पक्ष फ़िलिस्तीनी हो और दूसरा इस्राईली, तो हमेशा इस्राईलियों के हक़ में ही फ़ैसले सुनाए जाते हैं।