बुराड़ी केस : रिश्तेदार ने अंधविश्वास को नक़ारा, 11 लोगों की मौत को बताया हत्याकांड

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बुराड़ी में 11 लोगों की मौत के मामले में पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. पुलिस विभिन्न पहलुओं से इस मामले की जांच कर रही है. शुरूआती जांच में इसे अंधविश्वास का मामला माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी शव पर संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं. उधर, मतृकों की एक रिश्तेदार ने इस घटनाक्रम के पीछे अंधविश्वास की बात को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा है कि किसी ने पूरे परिवार की हत्या की है.

बता दें कि रविवार को बुराड़ी के संत नगर इलाके के एक घर में 11 लोगों के शव फांसी के फंदे से लटके हुए मिले थे. एक घर में इतनी संख्या में लाशें मिलने से पूरी दिल्ली में सनसनी फैल गई. इस सामूहिक आत्महत्या के मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है. पुलिस ने बताया कि 10 शव फंदे से लटके मिले और इन सभी की आंखों और मुंह पर पट्टी बंधी हुई थी जबकि 77 वर्षीय एक महिला का शव फर्श पर पड़ा हुआ था. मृतकों में दो नाबालिग थे.

पुलिस को घटनास्थल से रजिस्टर और कुछ धार्मिक नोट मिले हैं. कुछ हाथ से लिखे हुए नोट्स भी हैं. पुलिस ने शंका जाहिर की है कि पूरा परिवार किसी खास धार्मिक पद्धति का अभ्यास करता था. शवों मुंह पर जिस तरीके से पट्टी बंधी थीं, उसका जिक्र यहां मिले नोट्स में है. पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतकों को घर में कीर्तन, धार्मिक आयोजन होते रहते थे.

रिश्तेदारों ने बताई हत्या
एक मृतका के रिश्तेदार प्रवीन मित्तल ने मोक्ष के नाम पर आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज कर दिया है. उसका कहना है कि कुछ साल पहले ललित की हादसे में आवाज़ चली गई थी उसके बाद एक रात उनके सपने में बाबा आये जिन्होंने पूजा पाठ करने को कहा, इसके बाद से वो पूजा करने लगे और उनकी आवाज़ वापस आ गई थी. पूरा परिवार हनुमान जी की पूजा करता था. सभी राजस्थान के हैं इस लिए बालाजी को मानते थे.

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एक अन्य रिश्तेदार सुजाता ने बताया कि इस घटनाक्रम को अंधविश्वास का रूप दिया जा रहा है, जबकि यह सरासर गलत है. उन्होंने कहा कि परिवार धार्मिक प्रवृति का था ना कि अंधविश्वासी. उन्होंने इसे किसी की साजिश करार दिया है. सुजाता ने कहा कि किसी ने पूरे परिवार की हत्या करके इसे अंधविश्वास का रूप दिया है.