#बक़री, कुतिया, घोड़ी, भैंस, पिग व अन्य जानवरों के साथ सेक्स क्यों करते हैं लोग, जानिये

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अपनी जिन्सी ज़रूरत को पूरा करने के लिए सभी प्रकार के जानदार सेक्स करते हैं, प्राकृतिक रूप से एक नसल अपनी नसल को आगे बढ़ाने के लिए अपने ही साथी जोड़े मादा, नर सम्भोग करते हैं, लेकिन पौराणिक काल से ही मानव जाति के जानवरों से सम्भोग के अनेक प्रमाण मिलते हैं, भारत में भी ऐसे प्रमाण कितनी ही मूर्तियों, दस्तावेज़ों में उपलब्ध हैं|

आज के नव युग में इंसान के जानवरों के साथ सेक्स करने की प्रवृति में बढ़ोतरी हुई है, ऐसे मामलों के कारण कई तरह की बीमारियां, सामाजिक समस्याएं भी पैदा हुई हैं, AIDS उसमे से एक है, साउथ अफ्रीका में ग्रीन नसल के बन्दर पाए जाते हैं, यह बन्दर उत्पाती होते हैं बल्कि वहां आने वाले सैलानियों से मित्रता कर लेते हैं, यह बन्दर शारीरिक रूप से तंदरुस्त और बड़े होते हैं, इसी कारण से वहां पहुँचने वाले सैलानी इनके साथ सेक्स करते थे, जानकारी के मुताबिक बंदरों की यह प्रजाति अत्यधिक सेक्स क्रीड़ा पसंद करते हैं और स्वम भी इंसानों के प्रति आकर्षित होते हैं, बंदरों के साथ इंसानों के सेक्स करने से एड्स बिमारी का जन्म हुआ|


हरियाणा के मेवात में कुछ युवकों द्वारा एक बकरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सुर्खियों में है। इसके पहले भी हैदराबाद और मुंबई में कुतिया के साथ सेक्स करने की घटनाएं सामने आई थीं। जहां सामान्य लोग इस बात पर यकीन ही नहीं कर पाते कि कोई इंसान जानवरों के साथ शारीरिक संबंध भी बना सकता है, वहीं डॉक्टर इसे एक गंभीर मानसिक बीमारी मानते हैं जिसका इलाज किया जा सकता है।

जानवरों के साथ सेक्स क्यों करते हैं लोग
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दिल्ली के बीएलके अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. मनीष जैन के मुताबिक यह बहुत असामान्य तरीके की बीमारी है जो बहुत कम ही लोगों में देखने को मिलती है। एब्नॉर्मल सेक्सुअल एक्टीविटीज की बीमारी को पैरीफीलिया कहते हैं। इसी का एक तरीका ‘बेस्टीएलिटी’ यानी जानवरों के साथ सेक्स होता है। इसमें सैडिस्ट प्रकृति के इंसान किसी जानवर के साथ सेक्सुअल व्यवहार करते हैं।

डॉ. जैन के मुताबिक ऐसी बीमारी के शिकार अक्सर वही लोग होते हैं जिनका बचपन में सेक्सुअल शोषण हुआ होता है, या उनका हिंसक तरीके से अपमान हुआ होता है। ऐसे लोग अपने उसी मनोविकार को इस तरीके से निकालने की कोशिश करते हैं। इस वर्ग में ऐसे भी लोग हो सकते हैं जो गंभीर यौन इच्छा की भावना रखते हैं और उसकी सामान्य तरीके से पूर्ति नहीं कर पाते हैं।

डॉक्टर जैन के मुताबिक यह जरुरी नहीं कि इस तरह के लोग सिर्फ असामान्य तरीके से ही सेक्स की आवश्यकता पूरी करते हों। ऐसे भी लोग हो सकते हैं जो सामान्य तरीके से वैवाहिक जीवन भी व्यतीत कर रहे हों और इसके साथ ही बेस्टीएलिटी का भी शिकार हों, यानी जानवरों के साथ भी सेक्स करते हों। अपने पालतू जानवरों के जननांगों को छूना भी इसी बीमारी की बहुत कम गंभीर प्रकृति मानी जाती है।

सेक्सुअल फैंटेसी भी कारक
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कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक आज बाजार में अश्लील वीडियो की भरमार है। इनमें जानवरों के साथ सेक्स करते हुए वीडियो भी मिलते हैं। ऐसे में इस बात की भी संभावना है कि कुछ लोग ऐसे वीडियो देखकर सेक्सु्अल फैंटेसी के रुप में पशुओं के साथ संभोग को आजमाते हों।

हालांकि डॉ जैन इससे सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक हम केवल उन्हीं चीजों के प्रति आकर्षित होते हैं जिनके प्रति पहले से ही हमारा लगाव होता है। एक ही फिल्म को देखने के बाद अलग-अलग लोगों का अलग-अलग किरदारों को पसंद करना यही बताता है कि हम कुछ ही चीजों के प्रति आकर्षित होते हैं और उन्हें ही आजमाने की कोशिश करते हैं, जबकि दूसरी तरह की चीजों के प्रति हमारे मन में बुरा भाव पैदा होता है। इसी तरह बेस्टीएलिटी के बीज भी कहीं न कहीं इंसान के मन में छिपे होते हैं जो इस तरह से सामने आते हैं।

इनका इलाज संभव है
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डॉ. मनीष जैन ने बताया कि ऐसे मरीजों को दो तरीके से ठीक किया जाता है। सबसे पहले तो उन्हें उनकी इस बीमारी का एहसास कराया जाता है। काउंसलिंग के जरिये इन्हें सामान्य व्यवहार के तरीके पर लाने की कोशिश की जाती है, वहीं कुछ दवाइयों के जरिये इनके आक्रामक व्यवहार को सामान्य करने की कोशिश की जाती है। उनके अनुसार इस बीमारी के शिकार लोगों का समुचित इलाज किया जा सकता है।

गंभीर अपराध है पशुओं के साथ सेक्स
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यहां यह जानना रोचक हो सकता है कि कुछ आदिवासी जनजाति के समुदायों में पशुओं के साथ सेक्स को यौन बीमारियों को ठीक करने के इलाज के रुप में भी देखा जाता है। हालांकि, ज्यादातर देशों में जानवरों के साथ सेक्स करना गंभीर अपराध माना जाता है जहां बेस्टीएलिटी के मामले में दो वर्ष से लेकर कई वर्षों की सजा हो सकती है।

हालांकि हंगरी और फिनलैंड जैसे देशों में यह अब भी अपराध नहीं माना जाता है। ब्रिटेन में इस मामले में आजीवन कारावास का प्रावधान था जिसे हाल ही में घटाकर दो साल कर दिया गया है।

भारत में पशुओं के साथ सेक्स को अप्राकृतिक सेक्स के रुप में अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों को पुलिस आईपीसी की धारा 377 (समलैंगिकता की तरह अपराध) के तहत दर्ज करती है। धारा 377 में आरोप सिद्ध होने पर आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है। समलैंगिक लोग इसी धारा को अपने जीवन के अधिकार के तहत इसे खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

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कुत्ते के साथ सेक्स करते हुए मर गई महिला
Mon, 19 Aug 2013

ये खबर आपको चौंकाएगी भी और सोचने पर मजबूर भी करेगी कि दुनिया में लोग क्या-क्या अजीब हरकते करते हैं? आपने ये तो सुना होगा कि अलग प्रजाति के साथ सेक्स करना खतरनाक और गैर-कानूनी होता है, लेकिन इस महिला को अपनी इस लत की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी।
जर्मन शेफर्ड कुत्ते के साथ सेक्स करने के बदले इस औरत को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। घटना भले पुरानी हो, लेकिन खुलासा अभी हुआ है।

 

बब्ल्यूजडॉटकॉम की खबर के अनुसार, साल 2008 में आयरलैंड की 43 वर्षीय एक महिला जर्मन शेफर्ड कुत्ते के साथ सेक्स कर रही थी और उसी दौरान उसकी मौत हो गई। इस महिला के चार बच्चे भी थे।

ये तो निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि महिला की मौत सेक्स करने के दौरान हुई या फिर उसके बाद। लेकिन डॉक्टरों ने इसका कारण संक्रमण बताया है। संक्रमण के कारण महिला की सांस बंद हो गई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

महिला की मौत के बाद जब कुत्ते के मालिक ने पता किया, तो सामने आने वाले तथ्य वाकई चौंकाने वाले थे। मैकडॉवल नाम का ये शख्स मृतक महिला का दोस्त था और उसने ही महिला को कुत्ते के साथ सेक्स करने को कहा था।

जिसके बाद मैकडॉवल को गिरफ्तार कर लिया गया है और अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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अजब दुनिया की गजब संवाद

अरे सुनती हो ये गाय इंसानों माता कैसे हुई ?

कुछ नहीं रे इंसान अपनी मां की तरह गाय की भी दूध जो पीते हैं।

अच्छा फिर तो इंसान‌ भैंस के भी दूध पीते हैं। तब तो भैंस को भी माता बोलना चाहिए।

सुनो न तुम अपनी बक-बक बंद करो, अब ये मत पूछना कि कुछ लोग 🐑बकरी के भी दूध पीते हैं। तो बकरी को क्या कहें..………

मोमबत्ती गैंग कहीं दिखे नहीं।
वैसे इस घटना पर मैं पशु प्रेमी माननीया मेनका गांधी जी के बयान का इंतजार करता रहूंगा।

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बकरी का बलात्कार तो होना ही था. निर्वस्त्र घूम रही थी


Mamta Joshi
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बकरी का बलात्कार तो होना ही था । निर्वस्त्र घूम रही थी ।
अभी अभी एक कुतिया को रोक कर मैंने कहा , इतना अंग प्रदर्शन करोगी , तो मरोगी । साड़ी न सही चुन्नी वाला सूट ही पहन लो । सुना अनसुना कर दिया और मटकती हुई चली गई ।
तभी देखा चार लड़के सीटी मारते हुए उसके पीछे लग गए थे । अब इन जानवरों को कौन समझाए !!

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2005 में अलीगढ में एक खबर थी, बटुआ ने किया बकरी के साथ बलात्कार’,,,
ये खबर जिसने पढ़ी हैरत में पद गया था, जानवरों के साथ सम्भोग करना वैदिक परंपरा है, अगर भारत के कुछ पुराने चित्र जो गूगल पर उपलब्ध हैं देखें तो वहां पर जानवरों के साथ इंसानों के सम्भोग करने के कितने ही चित्र मिल जायेंगे, समय बदलता है आदतें, रीति, परंपरा कहाँ बदलती हैं, अगर बदलती भी हैं तो वह डंडे के ज़ोर पर, अगर भारत का समाज अच्छा और अच्छी परम्पराओं का निर्वाह करने वाला रहा होता तो आज भारत महिलाओं के साथ अत्याचार के घिनोने अपराध न होते, भारत ने महिला हिंसा, अपराधों में पूरे विश्व में नंबर एक बन कर कीर्तिमान बनाया है

आज की ताज़ा खबर यह है कि मेवात में एक ग्याभन ”गर्भवती” बकरी के साथ ‘सावरकर’ व अन्य लोगों ने बलात्कार कर दिया, शिकायत बकरी के मालिक ने पुलिस में कर दी है, बकरी ग्याभन ”गर्भवती” थी वह बेचारी ‘सावरकर’ और उसके साथियों के अत्याचार को सहन न कर सकी और मर गयी, फितरत नहीं बदलती है, नाम जिसका ‘सावरकर’ है वह अच्छा काम करने की सोच कैसे सकता था, पूरा देश भुगत रहा है, हर तरफ हत्या, बलात्कार, अपराध,,,

अगर बकरी का दूध पीते हैं तो उसे भी मां मानिए, हिन्‍दू न खाएं इसका गोश्‍त : नेताजी के पड़पोते चंद्र कुमार बोस का बयान पड़ा बकरी पर भारी खुद को उपर दिखाने के अहंकार की हवस में…

हवस के भूखों ने बेजुबान को भी नहीं बख्शा, 8 लोगों ने किया गर्भवती बकरी से रेप, तड़प-तड़पकर मर गई

हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्‍या चर्चाएं हों जब यहां जानवर भी सुरक्षित नहीं हैं। मेवात जिले में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां हवस की आग में पागल 8 दरिंदों ने बकरी के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया। बकरी गर्भवती थी और घटना के बाद उसने वहीं तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। बकरी के मालिक ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने बकरी के शव को पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले की तस्‍वीर साफ हो सकेगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

जुए और शराब के आदि 8 लड़के बकरी को एक सुनसान जगह पर ले गए और बकरी के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म कर डाला। इस हैवानियत को बेजुबान जानवर बर्दाश्त नहीं कर पाई और बकरी ने दम तोड़ दिया। मालिक की मानें तो बकरी 2 माह की गर्भवती थी।

मामले की भनक लगते ही ग्रामीणों ने गैंगरेप के तीन आरोपियों को पकड़ कर उनकी धुनाई कर दी। हालांकि भीड़ ने बाद में तीनों को पुलिस के हवाले करने के बजाय छोड़ भी दिया। बकरी मालिक ने नगीना थाना में 8 लोगों के खिलाफ अप्राकृतिक सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।