भगवान राम का जन्म थाईलैंड की अयोध्या में हुआ था, यह हैं सबूत!

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एक नाम के अनेक लोग होते हैं इसी तरह एक नाम के कई शहर, गॉंव भी होते हैं, अयोध्या भारत के उत्तर प्रदेश में है ये बात भारत का हार आदमी जनता है मगर कम लोग ही जानते हैं कि एक अयोध्या थाईलैंड में भी है, आज हम थाईलैंड में राम की अयोध्या के बारे में बताने जा रहे हैं, हो सकता है भगवान् राम का जन्म थाईलैंड की अयोध्या में हुआ हो यह खोज और शोध का विषय है, खोज और शोध के लिए सरकार से कहना मुनासिब नहीं होगा क्यूंकि वह पिछले चार सालों से हरियाणा में सरस्वती नदी को तलाश कर रही है, सरकार बनने के बाद जब काम शुरू हुआ था तब टीवी चैनलों पर बताया गया था कि ‘माता सरस्वती नदी’ को खोज लिया गया है, एक बाल्टी में पानी भी दिखाया गया था तब से अभी तक सरस्वती का कोई अता पता नहीं है

भारत में अयोध्या को सभी जानते हैं लेकिन दक्षिण पूर्व एशिया स्थित देश थाईलैंड भी प्रभु श्रीराम के जीवन से प्रेरित है। थाईलैंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में आता है प्राचीन शहर अयोध्या। अयोध्या का उल्लेख इतिहास में स्याम राज्य की राजधानी के तौर पर किया गया है। अयोध्या नगरी की स्थापना एवं इसके इतिहास में यहां के आस-पड़ोस की जगहों का काफी महत्व और योगदान है। छोप्रया, पालाक एवं लोबपुरी नदियों के संगम पर बसा द्वीपनुमा शहर अयोध्या व्यापार, संस्कृति के साथ-साथ आध्यात्मिक अवधारणाओं का भी गढ़ रहा है।

इसका नामकरण भारत के अयोध्या के नाम पर हुआ। अयोध्या का मतलब है अपराजय। अयोध्या से इस शहर का नाम जोडऩे की वजह यह हो सकती है कि ईसा पूर्व द्वितीय सदी में इस क्षेत्र में हिंदुओं का वर्चस्व काफी ज्यादा था। पुरुषोत्तम राम के जीवन चरित पर भारत में भगवान वाल्मीकि द्वारा लिखी गई रामायण थाईलैंड में महाकाव्य के रूप में प्रचलित है। लिखित साक्ष्यों के आधार पर माना गया है कि इसे दक्षिण एशिया में पहुंचाने वाले भारतीय तमिल व्यापारी और विद्वान थे। पहली सदी के अंत तक रामायण थाईलैंड के लोगों तक पहुंच चुकी थी। वर्ष 1360 में राजा रमाथीबोधी ने तर्वदा बौद्ध धर्म को अयोध्या शहर का शासकीय धर्म बना दिया था, जिसे मानना नागरिकों के लिए अनिवार्य था लेकिन फिर इसी राजा को हिन्दू धर्म का प्राचीन दस्तावेज ही लगा, जिससे प्रभावित होकर इसने हिन्दू धर्म को ही यहां का आधिकारिक धर्म बना दिया, जो अब से एक शताब्दी पहले तक वैध था।

Dayakrishan Chahal
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~ यह वह बिल्डिंग है थाईलैंड मे जहां थाईलैंड वाले यह दावा करते हैं कि इसमे भगवान राम का जन्म हुआ था

हम समझते हैं कि राम ने “अयोध्या” में जन्म लिया ,,
जबकि रामायण लिखने के वक्त भारत में कोई अयोध्या थी ही नंही 😁

अयोध्या का नाम आज से लहभग 2000 वर्ष पहले #साकेत था 😇
अयोध्या कोई थी ही नंही 😁

श्री-लंका का नाम पहले “सीलोन” Ceylonथा
1972 में इसका नाम “लंका” रक्खा गया ,,,
फिर 1974 में इसके आगे श्री लगाकर श्री-लंका किया गया ,,,

सीलोन से पहले इसका नाम सिंहल द्वीप था 😁

आज से लहभग 1200 वर्ष पहले भारत और श्री-लंका का सड़क मार्ग था,,,जिससे कभी राजा महेंद्रू श्री-लंका गये थे ,,,आज भी उस जगह को #महेंद्रू घाट के नाम से जाना जाता है
सड़क मार्ग के होते हुऐ भी रामसेतू बनाना पड़ा 😁

कुरूक्षेत्र 😁

पहले इसका नाम “थानेशर” था इसको बदल कर कुरूक्षेत्र किया गया ,,😁

जब इन नामों के शहर या देश का भारत से कोई लिंक ही नंही मिलता ,,,तो रामायण़ में इनका ज़िक्र कैसे आ गया ?

सोचने वाली बात है 😇

क्यूंकि असल में ये सब नाम थाईलैंड और यूरेशिया के आस-पास से सबंध रखते हैं ,,

थाईलैंड के राजा को “राम” कहा जाता है
आज भी थाईलैंड में उनके वंसज मौजूद हैं

थाईलैंड में आज भी राम राज्य है ।

अब सोचने वाली बात ये है कि थाईलैंड, भारत से रामायण़ का केस भी जीत चुका है,,
‘रामयण’ थाईलैंड का राष्ट्रीय ग्रन्थ है

भारतिय रामायण़ को सूप्रीम कोर्ट ने भी फर्जी करार दिया है ।

अब भारतिये पंडो की मानो,,तो राम की अयोध्या भारत है,,लेकिन इनके पास सबूत ही नंही हैं😁

थाईलैंड के पास सबूत सामने पडे हैं ,,,

याद रहे ,,भारत में अभी भी शहरो और स्थानों के नाम बदल कर रामायण़ और गीता के अनुसार रक्खे जा रहे हैं😇

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Pawan Sayam Gond
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अच्छा किसी जैनी से पूछना कि राम और कृष्ण कौन थे जैनियों के प्रथम जेन तीर्थकरो का जन्म थाईलैंड कि अयोध्या में हुआ था अयोध्या का प्राचीन नाम द्वारावती था रामायण और महाभारत थाईलैंड और इंडोनेशिया उसके पूर्वी आसियान देशों की कथा है थाईलैंड का प्राचीन नाम सियाम था और मनुस्मृति और संस्कृत भाषा थाईलैंड में लागू थी राम का जन्म थाईलैंड की अयोध्या में हुआ था सभी पूर्वी आसियान देश कभी थाईलैंड के उपमहाद्वीप थे और यही संपूर्ण आर्याव्रत कहलाता था #look East